शाहरुख ख़ान को डिग्री देना चाहता था जामिया मिलिया विश्वविद्यालय, केंद्र सरकार ने कहा 'ना': प्रेस रिव्यू

शाहरुख ख़ान

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इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय बॉलीवुड ऐक्टर शाहरुख़ ख़ान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित करना चाहता था लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

अख़बार ने अपने द्वारा दायर की गई एक आरटीआई याचिका को मिले जवाब के हवाले से लिखा है कि मंत्रालय ने प्रस्ताव ठुकराने के पीछे ये तर्क दिया कि शाहरुख़ को हैदराबाद के मौलाना आज़ाद उर्दू यूनिवर्सिटी से पहले ही यह उपाधि मिल चुकी है.

जामिया के जनसंपर्क अधिकारी अहमद अज़ीम ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता शाहरुख ख़ान जामिया मिलिया इस्लामिया के पूर्व छात्र रह चुके हैं. उन्होंने वहां से 1988-90 के बैच में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की थी. हालांकि उपस्थिति कम होने की वजह से वो फ़ाइनल परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे.

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लाखों आदिवासियों से छिन सकती है जंगल की ज़मीन

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने देश के क़रीब 16 राज्यों के 10 लाख से ज़्यादा आदिवासियों और जंगल में रहने वाले अन्य लोगों से जंगल की ज़मीन से खाली कराने का आदेश दिया है.

आदेश को लागू करने के लिए अदालत ने केंद्र सरकार को मामले की अगली सुनवाई यानी इस साल 24 जुलाई से पहले तक का वक़्त दिया है.

केंद्र की बीजेपी सरकार आदिवासियों और जंगल में रहने वाले बाकी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए बने क़ानून वन अधिकार अधिनियम-2006 का बचाव नहीं कर सकी, जिसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है.

जस्टिस अरुण मिश्रा, नवीन सिन्हा और इंदिरा बनर्जी की पीठ ने सभी 16 राज्यों से ये भी कहा है कि वो 12 जुलाई से पहले तक ये अदालत को ये बताते हुए हलफ़नामे दायर करें कि जंगल की ज़मीन खाली कराए जाने के आदेश का पालन क्यों नहीं होना चाहिए

अगर अदालत का यह आदेश लागू हुआ तो मध्य प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे. केंद्र सरकार ने अब तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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लोकसभा चुनाव में 'ऑल-वीमन' पार्टियां

इकोनॉमिक टाइम्स में चुनाव से जुड़ी एक दिलचस्प ख़बर छपी है. भारत की दो ऑल-वीमन पार्टियों ने गठबंधन करके लोकसभा चुनाव में 283 सीटों में अपने प्रत्याशी उतारने का फ़ैसला किया है.

ऑल वीमन पार्टी यानी इनमें सिर्फ़ महिलाएं हैं. इन दो पार्टियों के नाम नेशनल वीमन्स पार्टी (NWP) और ऑल इंडिया वीमन्सयुनाइटेड पार्टी (AIWUP) हैं. इस गठबंधन ने अपने चुनाव चिह्न भी जारी कर दिए हैं.

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए इनका चुनाव चिह्न चूड़ी है और बाकी राज्यों के लिए चुनाव चिह्न गैस स्टोव है.

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अब विमान से कश्मीर जा सकेंगे जवान

दैनिक भास्करमें छपी ख़बर के मुताबिक़ अब केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों के जवानों को विमान से दिल्ली से सीधे श्रीनगर जाने की सुविधा दे दी है.

ये फ़ैसला 14 फ़रवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ जवानों पर हुए हमले के बाद लिया गया है.

कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान में तैनात सशस्त्र बलों के सभी जवान छुट्टी पर जाने, ड्यूटी पर लौटने, ट्रांसफ़र या टूर के लिए दिल्ली-श्रीनगर, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू रूट पर कमर्शियल फ़्लाइट ले सकेंगे.

इस नियम से कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और सब इंस्पेक्टर रैंक के साढ़े सात लाख से ज़्यादा जवानों को फ़ायदा पहुंचेगा.

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उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में सीटों के बंटवारे को लेकर समझौता हो गया है.

बसपा 38 और सपा 37 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसी ख़बर पर चुटकी लेते हुए जनसत्ता में कार्टूनिस्ट इमरान का एक कार्टून छपा है जो कहता है कि ये कम से कम 36 के आंकड़े से तो ठीक ही है!

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