सौरव गांगुली ने कहा, सचिन को 2 अंक चाहिए और मुझे वर्ल्ड कपःप्रेस रिव्यू

  • 24 फरवरी 2019
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टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि आगामी आईसीसी वर्ल्ड कप में सचिन तेंदुलकर को दो अंक चाहिए और उन्हें वर्ल्ड कप का ख़िताब.

सौरव गांगुली का यह बयान सचिन तेंदुलकर के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि ये वक़्त पाकिस्तान को विश्व कप में हराने का है न कि उससे मैच न खेलकर उसे 2 अंक देने का.

सचिन ने कहा था, "मुझे ये व्यक्तिगत तौर पर बहुत बुरा लगेगा अगर भारत से मैच न खेलकर पाकिस्तान को 2 अंक मिल जाएं. भारत ने विश्व कप में पाकिस्तान को हमेशा ही हराया और एक बार फिर उन्हें हराने का वक़्त है. हालांकि मेरे लिए भारत सबसे ऊपर है और मेरे देशवासी जो भी तय करेंगे वो मैं स्वीकार करूंगा."

सचिन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं थीं और उन्हें काफ़ी ट्रोल किया गया था. कुछ लोगों ने सचिन के बयान को 'डिप्लोमैटिक' बताकर उसकी आलोचना की तो किसी ने इसे 'परिपक्व' बताकर इसकी तारीफ़ की.

सचिन तेंदुलकर के इस बयान के बाद सौरव गांगुली ने कहा, ''सचिन पाकिस्तान के खिलाफ़ दो अंक चाहते हैं, लेकिन मैं विश्व कप चाहता हूं. आप इसे जिस तरीके से चाहे, देख सकते हैं.''

गांगुली ने इससे पहले क्रिकेटर हरभजन सिंह के विचारों का समर्थन करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के साथ सभी तरह के क्रिकेट रिश्तों को खत्म कर देना चाहिए.

उन्होंने कहा था, "यह 10 टीमों का विश्व कप है और हर टीम को हर दूसरी टीम के खिलाफ़ मैच खेलना है. अगर भारत विश्व कप में एक मैच नहीं भी खेलता है, तो यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं होगा."

भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले के बाद पाकिस्तान के साथ क्रिकेट और खेल के रिश्तों पर भी बहस होने लगी है.

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दफ़्तर में यौन उत्पीड़न की शिक़ायत महिला आयोग में हो सकेगी?

इंडियन एक्सप्रेस में #MeToo आंदोलन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट छपी है. ये कार्यस्थल या दफ़्तरों में यौन उत्पीड़न से सम्बन्धित है.

अख़बार लिखता है कि मत्रिमंडल समूह की बनाई एक समिति ने ये सुझाव दिया है कि जो महिलाएं दफ़्तर में हुए उत्पीड़न की शिक़ायत लेकर आईसीसी यानी इंटरनल कंप्लेट कमिटी के पास नहीं जाना चाहतीं, उन्हें सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग या राज्यों के महिला आयोग जाने दिया जाए.

नियम के मुताबिक़ महिलाओं को दफ़्तर में हुए किसी भी तरह के यौन दुर्व्यवहार की शिक़ायत दफ़्तर में ही एक कमेटी के पास लेकर जाना होता है लेकिन अब महिला आयोग के पास जाने का सुझाव दिया गया है.

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एक बार फिर भूख हड़ताल करेंगे केजरीवाल

नवभारत टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आगामी 1 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे.

केजरीवाल ने विधानसभा में कहा,"दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हम एक आंदोलन शुरू करेंगे. यह भूख हड़ताल तब तक चलेगी जबत क कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता. केजरीवाल ने सदन लोगों ने हमें इतना कुछ दिया है कि हमें उनके लिए अपना जीवन भी बलिदान करना पड़े, तो वह भी कम है."

केजरीवाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से दिल्ली के लोग 'अन्याय और अपमान' का सामना कर रहे हैं क्योंकि उनके द्वारा निर्वाचित सरकार के पास उनके लिए काम करने की शक्ति का अभाव है.

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'भरोसा रखिए, इस बार सबका हिसाब होगा...'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के सभी अख़बारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 'हमारी लड़ाई कश्मीर के लिए है, कश्मीरियों से नहीं.

पीएम मोदी ने टोंक में आयोजित एक जनसभा में कहा ''कश्मीरी बच्चों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी हमारी है. कश्मीर का बच्चा-बच्चा आतंकवाद के ख़िलाफ़ है. हमें उसे अपने साथ रखना है."

पुलवामा हमले के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा, ''मां भवानी के आशीर्वाद और मोदी सरकार पर भरोसा रखिए. हमने सेना को खुली छूट दे रखी है. इस बार सबका हिसाब होगा."

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