राहुलःसच्चाई यही है कि मोदी जी को प्यार चाहिए - पांच बड़ी ख़बरें

  • 24 फरवरी 2019
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कहा है कि उन्हें प्यार की ज़रूरत है.

राहुल गांधी शनिवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम 'शिक्षा दीक्षा और दक्ष' में छात्रों को संबोधित कर रहे थे.

राहुल गांधी ने पिछले साल लोकसभा में प्रधानमंत्री को गले लगा लिया था. उस घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा, ''अगर कोई आपसे नफ़रत करे तो उसे गले लगा लो. मेरा विश्वास करो, इसमें एक किस्म का जादू है. उस इंसान से बड़े अदब से पेश आओ और फिर देखो क्या होता है. जब मैंने मोदी जी को गले लगाया, मुझे महसूस हुआ कि वो हैरान थे यह देखकर कि उन्हें भी कोई प्यार करता है. मैं मोदी जी से नफ़रत नहीं करता. मैंने मोदी जी को गले लगाकर नफ़रत खत्म करने की कोशिश की. सच्चाई यही है कि मोदी जी को प्यार चाहिए.''

पिछले साल जब सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा था तब राहुल गांधी ने अचानक अपनी सीट से उठकर प्रधानमंत्री मोदी को गले लगा लिया था. इस तस्वीर ने उस समय काफी सुर्खियां बटोरीं थीं.

बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने सदन में अपने अंतिम भाषण में इसके बारे में कहा था, ''मैं पहली बार इस सदन में आया और बहुत सी नई बातें सीखीं. मुझे पहली बार गले लगने और गले पड़ने का फर्क समझ में आया.''

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जम्मू कश्मीर में हज़ारों की संख्या में बढ़ाए गए अर्ध सैनिक बल

केंद्र ने जम्मू कश्मीर में तत्काल प्रभाव से अर्धसैनिक बल के जवानों की संख्या बढ़ा दी है. द हिंदू में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक केंद्र सरकार ने घाटी में करीब 10 हज़ार अर्धसैनिक बल के जवानों को भेजा है.

बताया जा रहा है कि पुलवामा में हुए हमले के बाद से ही कश्मीर घाटी में हालात असामान्य बने हुए हैं. पाकिस्तान की तरफ में भी लगातार सीमा पर हलचल हो रही है. पाकिस्तान ने भारतीय सीमा से लगने वाले कुछ गांवों को खाली भी करवाना शुरू कर दिया है.

इसी आशंका को देखते हुए सरकार ने यह फ़ौरी कदम उठाया है. इसके पीछे एक वजह यह भी मानी जा रही है कि केंद्रिय मंत्री नितिन गडकरी ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि पाकिस्तान में बहकर जाने वाले पानी में रोक लगाने पर विचार करेंगे.

पुलवामा हमले बाद केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में मौजूद अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा भी हटा ली थी. इसके अलावा कुछ ही महीनों में भारत में आम चुनाव भी होने वाले हैं, ऐसे में सुरक्षा को चाकचौबंद करने के लिए भी यह कदम उठाया गया है.

मौजूदा वक़्त में घाटी में जम्मू कश्मीर पुलिस के अलावा सीआरपीएफ़, बीएसएफ़, एसएसबी और आईटीबीपी के 65 हज़ार जवान तैनात हैं.

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50 साल बाद भारत ओआईसी में लेगा हिस्सा

भारत 50 साल बाद ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन जिसे ओआईसी कहा जाता है, इसमें हिस्सा लेगा. इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की इस बैठक में 1 मार्च को भारत विशिष्ट अतिथि के तौर पर हिस्सा लेगा.

भारत की ओर से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस बैठक में हिस्सा लेनें अबु धाबी जाएंगी. संयुक्त अरब अमीरात की तरफ से शेख़ अबदुल्ला बिन ज़ाएद अल नाह्यान ने भारत को यह न्यौता दिया है.

50 साल पहले साल 1969 में पाकिस्तान के प्रभाव के चलते मोरक्को में होने वाली इस बैठक में भारत को आमंत्रित नहीं किया गया था.

उस समय भारत की ओर से तत्कालीन कृषि मंत्री का जिम्मा संभाल रहे फ़ख़रुद्दीन अली अहमद को उस बैठक में जाना था. लेकिन पाकिस्तानी राष्ट्रपति याह्या ख़ान ने अपने प्रभाव के चलते भारत को आमंत्रण नहीं भेजने पर मोरक्को को मना लिया.

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असम: ज़हरीली शराब से मरने वालों की संख्या 100 से ऊपर

असम में ज़हरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 114 हो गई है. ये सभी गोलाघाट और जोरहाट ज़िले के चाय बागानों में काम करते थे. मृतकों में कई महिलाएं भी शामिल हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने जोरहाट मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (जेएमसीएच) का दौरा किया और वहां भर्ती हुए पीड़ितों का हालचाल जाना.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और जिन लोगों का इलाज चल रहा है उन्हें 50 हज़ार रुपए सहायता देने की घोषणा भी की.

जेएमसीएच के अधिकारियों के मुताबिक उनके अस्पताल में ज़हरीली शराब के प्रभाव में आने वाले 220 मरीज़ भर्ती थे. इसके अलावा गोहाघाट सिविल अस्पताल में भी करीब 100 मरीज़ भर्ती बताए गए हैं.

हाल ही में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी ज़हरीली शराब के चलते 100 से अधिक लोगों की जान चली गई थी.

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डोनल्ड ट्रंप से मिलने प्योंगयांग के लिए रवाना हुए किम जोंग उन

उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से शिखर वार्ता के लिए प्योंगयांग से रवाना हो गए हैं.

किम और ट्रंप की मुलाकात अगले हफ़्ते वियतनाम की राजधानी हनोई में होगी. किम प्योंगयांग से हनोई तक का 4,000 किलोमीटर का सफ़र ट्रेन से तीन दिन में तय करेंगे.

उनके साथ उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग और उनकी बहन यो-जोंग भी होंगी. इससे पहले दोनों नेता पिछले साल जून में सिंगापुर में मिले थे.

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