#Balakot: क्या ये पाकिस्तान में भारत के हवाई हमले की असली तस्वीरें हैं?: फ़ैक्ट चेक

  • 28 फरवरी 2019
पाकिस्तान इमेज कॉपीरइट Reuters

सोशल मीडिया में कई तस्वीरें इस दावे के साथ वायरल की जा रही हैं कि ये तस्वीरें पाकिस्तान के उस जगह की हैं जहां भारतीय विमानों ने मंगलवार को बम गिराए थे.

भारत का कहना है कि उसने पाकिस्तान के बालाकोट में चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण ठिकानों को निशाना बनाया और चरमपंथी समूह के कुछ सदस्यों को मार डाला.

भारत का दावा है कि ये स्ट्राइक पहले से नियोजित थी और बचाव के लिए की गई थी क्योंकि जैश-ए-मोहम्मद भारत के कई हिस्सों में फ़िदायीन हमले की योजना बना रहा था.

इससे पहले जैश ने 14 फ़रवरी को भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में भारतीय सुरक्षाबलों के काफ़िले पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली थी. इस आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ़ के 40 से ज़्यादा जवान मारे गए थे.

भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान में एयर स्ट्राइक की बात तो क़बूली लेकिन इस ऑपरेशन की कोई तस्वीर जारी नहीं की. हालांकि पाकिस्तान ने कुछ तस्वीरें ज़रूर जारी कीं, साथ ही ये दावा किया कि इस हमले में उन्हें कोई नुक़सान नहीं हुआ.

इन अलग-अलग और विरोधाभासी दावों के बीत भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फ़ेसबुक और ट्विटर पर तरह-तरह की तस्वीरें वायरल की जा रही हैं. इन तस्वीरों को देखकर ऐसा लगता है जैसे भारतीय एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान में भारी नुकसान हुई है.

सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें हज़ारों-लाखों बार शेयर की गई हैं लेकिन बीबीसी फ़ैक्ट चेक टीम ने पाया है कि ये तस्वीरें फ़ेक हैं.

तस्वीर-1

ये तस्वीर इस दावे के साथ शेयर की जा रही है भारतीय हवाई हमले ने पाकिस्तान के बालाकोट में भारी तबाही मचाई है.

इस तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है कि वहां के घर और इमारतें पूरी तरह नष्ट होकर धराशायी हो गई हैं.

इमेज कॉपीरइट Social Media

लेकिन सच्चाई ये है कि इस तस्वीर का भारत-पाकिस्तान के हालिया तनाव से कोई लेना-देना नहीं है. ये एक पुरानी तस्वीर है जो पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में साल 2005 में आए भूकंप के बाद की तबाही दर्शाती है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस भूकंप में पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में लगभग 75,000 लोग मारे गए थे.

ये ख़बर पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने यह तस्वीर 10 अक्टूबर 2005 को प्रकाशित की थी.

एएफ़पी की तस्वीर देखने के लिए यहां क्लिक करें.

तस्वीर-2

ऐसी ही एक दूसरी तस्वीर कई वॉट्सऐप ग्रुप्स में और दक्षिण पंथी फ़ेसबुक पेजों जैसे "आई सपोर्ट अमित शाह" पर शेयर की जा रही है. इस तस्वीर में भी भारी तबाही दिखाई गई है लेकिन सच्चाई ये है कि ये तस्वीर भी उसी भूकंप की है.

इमेज कॉपीरइट Social Media

ये तस्वीर फ़ोटो पत्रकार पॉला ब्रॉन्सटाइन ने खींची थी और अब भी ये गेटी इमेजेज़ पर उपलब्ध है.

असली तस्वीर देखने के लिए यहां क्लिक करिए.

तस्वीर-3

एक और वायरल तस्वीर इंटरनेट पर हर जगह है और वो भी बालाकोट में 2005 में आए भूकंप की ही है.

इमेज कॉपीरइट Social Media

ये तस्वीर समाचार एजेंसी एएफ़पी के फोटोग्राफ़र फारूख़ नईम ने खींची थी.

नईम की खींची असली तस्वीर देखने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

तस्वीर-4

ऐसी ही एक और तस्वीर है जो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर की जा रही है. दावा किया जा रहा है कि ये पाकिस्तान के उन लोगों के जनाजे़ की तस्वीरें हैं जो भारत के हवाई हमले में मारे गए थे.

हालांकि समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये वो तस्वीर है जब साल 2014 में भारत-पाकिस्तान सीमा पर झंडा झुकाने के कार्यक्रम के दौरान 57 लोग उस वक़्त मर गए थे जब एक आत्मघाती हमलावर ने लोगों के पास आने की कोशिश की.

इमेज कॉपीरइट Social Media

रॉयटर्स की रिपोर्ट पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

ये तस्वीर भी अभी गेटी पर मौजूद है और इसे राना साजिद हुसैन ने खींचा थी.

साजिद हुसैन की खींची ये तस्वीर देखने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं.

हमें कुछ और भी तस्वीरें मिली हैं जो असल में पिछले चरमपंथी हमलों और प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी हैं लेकिन उन्हें भारतीय एयरस्ट्राइक की तस्वीरें बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.

हम उन तस्वीरों को यहां प्रकाशित नहीं कर रहे हैं क्योंकि वो बहुत ज़्यादा विचलित करने वाली हैं.

(अगर आपको भी इस तरह की कोई संदेहास्पद ख़बर, तस्वीरें, वीडियो या दावे सोशल मीडिया के ज़रिए मिल रहे हैं तो उन्हें आप बीबीसी न्यूज़ के वॉट्सऐप नंबर +91 9811520111 पर भेजें यां यहां क्लिक करें . हम इनकी सत्यता की जांच करेंगे.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार