पाकिस्तान एयरस्ट्राइक की जगह ब्लॉक कर बहुत कुछ छिपा रहा है: भारत

  • 9 मार्च 2019
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भारत सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना का हमला कामयाब रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शनिवार को प्रेस वार्ता में कहा, "पाकिस्तान ने पत्रकारों को उस जगह पर नहीं जाने दिया है. इसी से पता चलता है कि बहुत कुछ है जिसे पाकिस्तान छिपा रहा है."

उन्होंने कहा कि भारत के हवाई हमले ने अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल किए हैं. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि इससे चरमपंथियों को कितना नुक़सान पहुंचा.

पाकिस्तान ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स के पत्रकारों के दल को सुरक्षा कारणों से उस मदरसे तक नहीं जाने दिया था जहां भारत ने हमला करने का दावा किया है.

रवीश कुमार ने ये भी कहा है कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान का एक एफ़-16 विमान भी मार गिराया था.

26 फ़रवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंप पर हमला किया था.

भारत का कहना है कि ये हमला कामयाब रहा जबकि पाकिस्तान कहता रहा है कि इस हमले में कुछेक पेड़ों को नुकसान पहुँचने के अलावा कोई हानि नहीं हुई है.

इसके बाद पाकिस्तानी वायु सेना ने भी भारतीय सीमा में प्रवेश किया था, इस दौरान पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया.

भारत का कहना है कि उस दिन पाकिस्तान का भी एक लड़ाकू विमान गिराया गया था.

पाकिस्तान पर झूठ फैलाने का आरोप

रवीश कुमार ने कहा, "पाकिस्तान लगातार उस दिन के घटनाक्रम के बारे में झूठ फैला रहा है. भारत को सिर्फ़ एक विमान का नुकसान हुआ है. अगर पाकिस्तान के पास दूसरे विमान को गिराए जाने का वीडियो है तो वो उसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने पेश क्यों नहीं कर रहा है. हमारे पास इस बात के सबूत हैं कि पाकिस्तान ने एफ़-16 विमानों का इस्तेमाल किया था और एक एफ-16 को विंग कमांडर अभिनंदन ने मार गिराया था."

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उन्होंने कहा, "पाकिस्तान को बताना चाहिए कि वो ये स्वीकार क्यों नहीं कर रहा है कि उसका एक एफ़-16 विमान मार गिराया गया है. हमने अमरीका से भी कहा है कि वो इस बात की जांच करे कि भारत के ख़िलाफ़ एफ़-16 के इस्तेमाल से बिक्री की शर्तों का उल्लंघन हुआ है या नहीं."

रवीश कुमार ने कहा, "पुलवामा हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत के साथ खड़ा है और पाकिस्तान से चरमपंथी समूहों पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया है."

उन्होंने कहा कि ये दुखद है कि पाकिस्तान अभी भी जैश-ए-मोहम्मद का बचाव कर रहा है.

रवीश कुमार ने कहा, "क्या पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद के प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहा है?"

पाकिस्तान ने अभी तक जैश-ए-मोहम्मद और अन्य समूहों के ख़िलाफ़ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. पाकिस्तान इन समूहों के कैंप चल रहे हैं और इस बारे में पाकिस्तान के भीतर और बाहर सार्वजनिक जानकारी है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मांग के बाद पाकिस्तान एक बार फिर इन समूहों पर कार्रवाई कर रहा है.

दावा किया जा रहा है कि आतंकवादी समूहों को प्रतिबंधित किया जाएगा. कहा जा रहा है कि कुछ मदरसों और अन्य संस्थानों पर भी कार्रवाई की जा रही है. लेकिन ये सब पहले भी हो चुका है. मुंबई हमलों, संसद पर हमलों के बाद भी पाकिस्तान ने ऐसे ही दावे किए थे.

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रवीश कुमार ने कहा,"पाकिस्तान की ये कार्रवाई कागज़ों तक ही सीमित है. पाकिस्तान ने अभी तक हमारी चिंताओं को दूर करने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किया है."

उन्होंने कहा, "अगर ये नया पाकिस्तान है और नई सोच है तो उसे आतंकवादी समूहों पर नया एक्शन लेना चाहिए."

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बालाकोट स्ट्राइक के बाद क्या?

पुलवामा में चरमपंथी हमले में भारत के चालीस से अधिक सुरक्षा बलों की मौत और उसके बाद पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना की कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बेहद बढ़ गया था और युद्ध के से हालात हो गए थे.

लेकिन अब दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते सामान्य हो रहे हैं. भारत और पाकिस्तान दोनों ही अपने उच्चायुक्तों को फिर से भेज रहे हैं.

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