#MissionShakti: पिछली सरकार नहीं दे रही थी अनुमतिः जेटली

  • 27 मार्च 2019
अरुण जेटली इमेज कॉपीरइट Getty Images

अंतरिक्ष में सैटेलाइट को नष्ट करने की क्षमता हासिल करने को लेकर बीजेपी ने जहाँ पिछली कांग्रेस सरकार पर देरी करने का आरोप लगाया है वहीं कांग्रेस का कहना है कि इस उपलब्धि की असल हक़दार उनकी सरकार है.

वित्तमंत्री अरूण जेटली ने आरोप लगाया है कि पिछली यूपीए सरकार की वजह से अंतरिक्ष में सैटेलाइट को नष्ट करने की क्षमता हासिल करने में देर हुई.

अरुण जेटली ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, "बहुत पहले से हमारे वैज्ञानिकों की इच्छा थी और उनका कहना था कि हमारे पास ये क्षमता है लेकिन उस समय की सरकार ये करने की अनुमति नहीं देती थी."

मगर कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने दावा किया है कि इस प्रोग्राम की शुरुआत यूपीए सरकार के कार्यकाल में ही हो गई थी.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, "प्रोग्राम को यूपीए सरकार ने शुरु किया था, जो आज अपने अंजाम पर पहुंचा है. मैं अपने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और मनमोहन सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व को बधाई."

डीआरडीओ ने बुधवार को अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर दूर एक सैटेलाइट को 3 मिनट में नष्ट किया था. कहा जा रहा है कि ऐसी क्षमता अभी तक दुनिया के तीन देशों के पास ही थी.

विपक्षी दलों ने वैज्ञानिकों को बधाई दी लेकिन साथ ही इस पर राजनीति के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने की भी शुरुआत हो गई.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "वेल डन डीआरडीओ, आपके काम पर हमें बहुत गर्व है. इसके साथ ही मैं प्रधानमंत्री को विश्व नाट्य दिवस की बधाई भी देना चाहता हूं."

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी और बीएसपी मुखिया मायावती ने चुनाव आयोग से इस पर संज्ञान लेने को कहा है.

ममता बनर्जी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है, "आज की घोषणा मोदी के अंतहीन ड्रामे और प्रचार पाने की चाहत का ही एक हिस्सा है. वो चुनाव के समय इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं. ये आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है."

बीएसपी मुखिया मायावती ने ट्वीट कर वैज्ञानिकों को बधाई दी लेकिन इसकी आड़ में चुनावी लाभ के लिए राजनीति करने की निंदा करते हुए कहा,"चुनाव आयोग को इसका सख़्त संज्ञान लेना चाहिए."

दलित नेता और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी ने ट्वीट किया है, "प्रधानमंत्री जी, अंतरिक्ष में डीआरडीओ की सफलता से मैं खुश हूं. क्या अब हाथ से मैला साफ़ करने की प्रथा ख़त्म करने तकनीक पर हम बात कर सकते हैं?"

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