अरुण जेटली ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35 ए पर उठाए सवाल- पाँच बड़ी ख़बरें

  • 29 मार्च 2019
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केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि अनुच्छेद 35A जम्मू-कश्मीर के आर्थिक विकास की राह में रोड़ा है.

उन्होंने इसे "संवैधानिक रूप से दोषपूर्ण" बताया है और कहा है कि यह जम्मू-कश्मीर के लोगों को हानि पहुंचा रहा है.

जेटली ने इसके अस्तित्व पर भी सवाल उठाया है और पूछा है कि पूरे देश का क़ानून इस राज्य में लागू क्यों नहीं होता है?

गुरुवार को लिखे अपने ब्लॉग में जेटली ने कहा, अनुच्छेद 35A 1954 में लागू किया गया था. यह राज्य के स्थायी निवासियों और शेष भारत के लोगों के बीच भेदभाव करता है.

जम्मू कश्मीर के लाखों लोग लोकसभा चुनावों में वोट करते हैं लेकिन विधानसभा, नगरपालिका और पंचायत चुनावों में वो वोट करने नहीं जाते हैं.

उनके बच्चों को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती है. वे अपनी संपत्ति नहीं ख़रीद सकते हैं और उनके बच्चे सरकारी संस्थानों में दाखिला नहीं ले सकते हैं.

"यही बात देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों पर भी लागू होती है. राज्य के बाहर शादी करने वाली महिलाओं के उत्तराधिकारी विरासत में संपत्ति नहीं हासिल कर सकते हैं. उन्हें उनकी मिल्कियत से बेदखल कर दिया जाता है."

35-ए से जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार मिला हुआ है. जम्मू-कश्मीर से बाहर का कोई भी व्यक्ति यहां अचल संपत्ति नहीं ख़रीद सकता है. इसके साथ ही कोई बाहरी व्यक्ति यहां की महिला से शादी करता है तब भी संपत्ति पर उसका अधिकार नहीं हो सकता है.

1954 में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के आदेश से अनुच्छेद 35-ए को भारतीय संविधान में जोड़ा गया था. ऐसा कश्मीर के महाराजा हरि सिंह और भारत सरकार के बीच हुए समझौते के बाद किया गया था. इस अनुच्छेद को संविधान में शामिल करने से कश्मीरियों को यह विशेषाधिकार मिला कि बाहरी यहां नहीं बस सकते हैं.

राष्ट्रपति ने यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 370 (1) (d) के तहत दिया था. इसके तहत राष्ट्रपति जम्मू-कश्मीर के हित में कुछ ख़ास 'अपवादों और परिवर्तनों' को लेकर फ़ैसला ले सकते हैं. इसीलिए बाद में अनुच्छेद 35-ए जोडा गया ताकि स्थायी निवासी को लेकर भारत सरकार जम्मू-कश्मीर के अनुरूप ही व्यवहार करे.

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पहली बार वोट डालने वालों को आईपीएल के मुफ़्त पास

इस बार चुनावों में वोट डालने वाले युवा मतदाताओं को आईपीएल मैच के मुफ़्त पास दिए जाएंगे.

यह ऐलान मोहाली जिला प्रशासन ने किया है. पहली बार मतदाता बने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा किया जाएगा.

ज़िला प्रशासन की ओर से पहली बार वोट डालने वाले दस लड़कों, दस लड़कियों और दस युवा विकलांग मतदाताओं का चयन किया जाएगा और उन्हें मुफ़्त पास दिए जाएंगे.

ये पास पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे.

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बांग्लादेशः इमारत में लगी आग, 19 लोगों की मौत

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में गुरुवार को एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है.

बचाव दल के अधिकारियों ने इस घटना में कई लोगों के घायल होने की भी बात कही है.

आग लगने के बाद इमरात में कई लोगों फंस गए थे. अधिकारियों का कहना है कि मौत के आंकड़े बढ़ सकते हैं.

फायर सर्विस एंड सिविल डिफेंस के निदेशक जुल्फीकार रहमान ने कहा, "100 से अधिक लोगों को हेलिकॉप्टर और सीढ़ियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया है."

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10% आरक्षण का भविष्य हमारे फ़ैसले पर निर्भरः सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों को दिए गए 10 फ़ीसदी आरक्षण के बाद की गई नियुक्तियां उसके फ़ैसले पर निर्भर करेगी.

कोर्ट में याचिका दायर करने वाले पक्ष ने कहा कि इंद्रा साहनी मामले में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने पर रोक लगाई थी.

याचिका दायर करने वाले पक्ष का कहना है कि इसे संविधान पीठ के पास भेजा जाना चाहिए.

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वेनेज़़ुएलाः विपक्षी नेता 15 साल के लिए प्रतिबंधित

वेनेज़ुएला की सरकार ने विपक्षी नेता ख्वान ग्वाइदो को उनके पद से 15 साल तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया है.

ग्वाइदो वर्तमान में नेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष हैं. उन्होंने जनवरी में ख़ुद को देश का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित कर दिया था. वे बीते कई महीनों से मौजूदा सरकार और राष्ट्रपति निकोलस मडुरो के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

अधिकारियों के अनुसार ग्वाइदो पर वित्तीय गड़बड़ियों के चलते यह कार्यवाही की गई. वहीं दूसरी तरफ ग्वाइदो का कहना है कि उन पर लगाया गया 15 साल प्रतिबंध आम जनता को भ्रमित करने की कोशिश है.

ख्वान ग्वाइदो ने अपने समर्थकों से कहा, ''आप बिलकुल भी भ्रमित मत होना. वेनेज़ुएला के लोग मुझ पर लगे झूठे आरोपों से भ्रमित नहीं होंगे. मुझ पर आरोप हैं कि मैंने अलग-अलग देशों की यात्राएं की हैं. जी हां, मैं अलग-अलग देशों में गया हूं, क्योंकि वहां के राष्ट्राध्यक्षों ने मुझे बुलाया. जबकि निकोलस मादुरो को उन्होंने नहीं बुलाया.''

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