मद्रास हाई कोर्ट ने की टिक टॉक पर बैन की मांगः प्रेस रिव्यू

  • 4 अप्रैल 2019
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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से मनोरंजन मोबाइल एप टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा है.

इंडोनेशिया और बांग्लादेश की सरकारें इस एप पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं जबकि अमरीका में बच्चों को ऑनलाइन सामग्री से बचाने के लिए नए नियम बनाए गए हैं.

अदालत ने कहा है कि भारत में भी इस तरह का क़दम उठाना ज़रूरी हो गया है. अदालत ने माना है कि टिक टॉक जैसी मोबाइल एप्लिकेशन पर पोर्न सामग्री उपलब्ध है जिसे बच्चे भी देख रहे हैं.

'टिक-टॉक' क्या है जिसके दीवाने हो रहे हैं लोग

जम्मू कश्मीर में नागरिकों के लिए हाईवे बंद

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Image caption इसी हाइवे पर पुलवामा के पास सीआरपीएफ़ के काफ़िले को निशाना बनाया गया था

जम्मू-कश्मीर में सरकार ने उधमपुर से बारामुला के बीच 270 किलोमीटर लंबे हाईवे को सप्ताह में दो दिन आम नागरिकों के लिए बंद कर दिया है.

अब इस हाइवे पर हर बुधवार और रविवार को सिर्फ़ सैन्य वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने सरकार के इस क़दम की आलोचना की है और कहा है कि इससे नागरिकों को भारी दिक्कत होगी.

अर्धसैनिक बलों को टैक्स में छूट दे सकती है सरकार

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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को राशन धनराशि और जोख़िम भत्तों पर टैक्स छूट दे सकती है. यदि ये क़दम उठाया गया तो इससे क़रीब नौ लाख जवानों को फ़ायदा हो सकता है.

अख़बार ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि इस आशय से वित्त मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर आश्वासन दिया है.

वैज्ञानिकों ने लोगों से समझदारी से मतदान करने की अपील की

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेढ़ सौ वैज्ञानिकों के एक समूह ने लोगों से समझदारी से मतदान करने की अपील की है.

एक पत्र में इन वैज्ञानिकों ने कहा कि उन लोगों को नकार दें जो लिंचिंग करते हैं या लोगों पर हमला करते हैं और ग़ैर बराबरी, धमकियों, भेदभाव और कुतर्क के ख़िलाफ़ वोट दें.

भारतीय सांस्कृति फ़ोरम के नाम से जारी की गई अपील पर सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों और वकीलों ने हस्ताक्षर किए हैं.

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