अमरीकी पत्रिका के दावे को झुठलाते हुए भारत ने कहा- गिराया था एफ़-16

  • 6 अप्रैल 2019
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भारतीय वायुसेना ने दोहराया है कि 27 फ़रवरी को हुई डॉगफ़ाइट के दौरान उसने पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकू विमान को गिराया था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार भारतीय वायुसेना ने यह बात एक अमरीकी पत्रिका की उस रिपोर्ट के जवाब में कही है जिसमें भारत के दावे को ग़लत बताया गया था.

अमरीका की एक प्रतिष्ठित पत्रिका 'फॉरेन पॉलिसी' का कहना है कि 'अमरीकी रक्षा विभाग के अधिकारियों ने हाल ही में पाकिस्तान के एफ़-16 लड़ाकू विमानों की गिनती की है और उनकी संख्या पूरी है.'

उधर पाकिस्तानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि 'अब समय आ गया है कि भारत अपने नुक़सान के बारे में सच्चाई बताए.'

लेकिन भारत अपनी बात पर क़ायम है कि उसने एफ़-16 को मार गिराया था.

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क्या है अमरीकी पत्रिका का दावा

पत्रिका 'फॉरेन पॉलिसी' के मुताबिक़, 'दो वरिष्ठ अमरीकी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में एफ़-16 विमानों का निरीक्षण किया है और वे सभी सुरक्षित पाए गए.'

इस पड़ताल के नतीजे भारतीय वायु सेना के उस दावे से उलट है, जिन्होंने कहा था कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने विमान गिरने से पहले एक पाकिस्तानी एफ़-16 विमान मार गिराया था.

पाकिस्तानी मिसाइल से ख़ुद अभिनंदन का लड़ाकू विमान नष्ट हो गया था.

अमरीकी अधिकारियों ने फॉरेन पॉलिसी को बताया कि दोनों देशों के बीच हालिया विवाद के कारण कुछ विमानों को तुरंत जांच के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया था, इसलिए गिनती करने में कुछ सप्ताह लग गए.

पाकिस्तान कई बार इस दावे को ख़ारिज कर चुका है. शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि 'यह पाकिस्तान का रुख़ है और यह सच है.'

भारत ने गुमराह किया?

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर कहते हैं, "भारत के हमले और उसके असर के दावे भी झूठे हैं और यह समय आ गया है कि भारत को अपने ख़ुद के नुक़सान, जिसमें पाकिस्तान के अपने अन्य विमानों के मार गिराने की सच्चाई भी शामिल है, के बारे में बताना चाहिए."

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भारत की प्रतिक्रिया

भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा है, ''बालाकोट स्थित आतंकवादी कैंपों पर 26 फ़रवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना के ज़रिए किए गए हमले के बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने 27 फ़रवरी को हमला करने की कोशिश की. भारतीय वायुसेना के रडार ने पाकिस्तानी वायुसेना के एफ़-16, जेएफ़-17 और मीराज lll/V विमानों को अपनी ओर आते देखा. भारतीय वायुसेना के सुखोई 30-एमकेआई, मीराज-2000 और मिग-21 बाइसन विमानों ने उनको इंटरसेप्ट किया.

बयान के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने भारत के किसी भी टारगेट पर हमला करने के पाकिस्तानी वायुसेना के सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया. इस हवाई झड़प में भारतीय वायुसेना के एक मिग-21 बाइसन विमान ने पाकिस्तान के एक एफ़-16 विमान को नौशेरा सेक्टर में मार गिराया.

'भारतीय सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि उस दिन दो अलग-अलग जगहों पर दो पायलटों ने इजेक्ट किया था. दोनों जगह एक दूसरे से क़रीब 8-10 किलोमीटर के फ़ासले पर हैं. एक भारतीय वायुसेना का मिग-21 बाइसन विमान था और दूसरा पाकिस्तानी वायुसेना का एक विमान था. हमें जो इलेक्ट्रॉनिक जानकारियां मिली हैं वो ये संकेत देते हैं कि पाकिस्तान का विमान एफ़-16 था.'

Image caption भारत ने पाकिस्तान का दावा खारिज करते हुए हवाई हमले में एफ़16 विमान के इस्तेमाल होने के सबूत पेश किए थे

फॉरेन पॉलिसी की ख़बर में कहा गया है कि 'संभव है कि मिग 21 उड़ाने वाले अभिनंदन ने पाकिस्तानी एफ़-16 विमान को निशाने पर लिया हो, फ़ॉयर भी किया हो और मान लिया हो कि निशाना सही लगा. लेकिन पाकिस्तान में अमरीकी अधिकारियों की जांच नई दिल्ली के दावों पर संदेह पैदा करती है. और लगता है कि भारतीय अधिकारियों ने उस दिन क्या हुआ, इस बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया.'

अमरीकी रक्षा अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद पाकिस्तान ने एफ़-16 विमानों की गिनती के लिए अमरीका को आमंत्रित किया था.

एफ़-16 लड़ाकू विमानों की बिक्री के दौरान हुए समझौता के तहत अमरीका को अधिकार है कि उपकरणों की गिनती और सुरक्षा के लिए वो समय समय पर जांच करे.

हालांकि, एक अमरीकी रक्षा अधिकारी ने बताया कि समझौते के संदर्भ में एफ़-16 विमानों के उपयोग की शर्तें निर्धारित नहीं की गई थीं.

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'एफ़-16 झड़प में शामिल था'

पत्रिका के मुताबिक़, इस बात के साक्ष्य हैं कि पाकिस्तान के एफ़-16 विमान उस झड़प में शामिल थे. घटनास्थल पर हवा से हवा में मार करने वाली अमरीकी मिसाइल के पुर्ज़े बरामद हुए हैं और ये मिसाइल सिर्फ़ एफ़-16 विमान से ही दाग़ी जा सकती है.

भारत में कुछ दिनों में आम चुनाव होने वाले हैं और फ़ॉरेन पॉलिसी की इस रिपोर्ट को विपक्ष मुद्दा बना सकता है.

पत्रिका से बात करते हुए अमरीका के एमआईटी विश्वविद्यालय में राजनीतिक विज्ञान के एसोसिएट प्रोफ़ेसर विपिन नारंग का कहना है, "यह ख़बर भारतीय मतदाताओं को प्रभावित नहीं करेगी, लेकिन जिस तरह से इस घटना की परतें खुल रही हैं, उससे लगता है कि पाकिस्तान को रोकने की भारत की कोशिशों पर असर पड़ेगा."

नारंग कहते हैं, "जैसे-जैसे जानकारी आ रही है, भारत के लिए स्थिति और ख़राब होती जा रही है. ऐसा लगता है जैसे भारत पाकिस्तान को कोई बड़ा नुक़सान नहीं पहुंचा पाया, बल्कि इस प्रक्रिया में उसने अपना एक जहाज़ और हेलिकॉप्टर खो दिया."

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