वायनाड लोकसभा चुनाव: राहुल की रैली में पाकिस्तानी झंडों का सच - फ़ैक्ट चेक

  • 5 अप्रैल 2019
राहुल गांधी इमेज कॉपीरइट Getty Images/SM Viral Image

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के केरल की वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाख़िल करने के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं.

सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है कि वायनाड में राहुल गांधी की चुनावी रैली में पाकिस्तानी झंडे फहराये गए और केरल में कांग्रेस के दफ़्तर को 'इस्लामिक रंग' से रंगा गया है.

वायनाड सीट में वोटर्स की संख्या को लेकर भी सोशल मीडिया पर कई अफ़वाहें फैलाई जा चुकी हैं. लोगों ने हिंदू और मुस्लिम वोटर्स की संख्या को लेकर तरह-तरह के दावे किए थे.

बीबीसी ने इसकी पड़ताल के बाद गुरुवार को एक रिपोर्ट पब्लिश की थी.

लेकिन राहुल गांधी के वायनाड संसदीय सीट से पर्चा दाख़िल करने के बाद अफ़वाहें और तेज़ी से फ़ैली हैं.

हमने वायनाड रैली से जुड़े कुछ दावों की पड़ताल की और उन्हें ग़लत पाया है.

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पहली अफ़वाह

साल 2009 में परिसीमन के बाद सियासी अस्तित्व में आई उत्तरी केरल की वायनाड लोकसभा सीट से जब राहुल गांधी पर्चा भरने पहुँचे तो लोगों ने 'इस्लामिक झंडे' लहराकर उनका स्वागत किया.

फ़िल्म एक्ट्रेस कोइना मित्रा ने इसी दावे के साथ यह तस्वीर ट्वीट की है.

ट्विटर, फ़ेसबुक और शेयर चैट पर सैकड़ों बार पोस्ट की गई इस तस्वीर को राहुल की वायनाड रैली का बताया जा रहा है.

लेकिन यह फ़ोटो 28 जनवरी 2016 का है.

साल 2016 में जनवरी के आख़िरी सप्ताह में केरल के कोज़ीकोड और मलाप्पुरम ज़िले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने कई यात्राएं की थीं. ये तस्वीर उनमें से एक यात्रा की है.

इन यात्राओं का नेतृत्व इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के महासचिव पी के कुन्यालीकुट्टी ने किया था.

कुन्यालीकुट्टी केरल सरकार में कई मंत्रालय संभाल चुके हैं. अप्रैल 2017 में मलाप्पुरम लोकसभा सीट पर हुए उप-चुनाव को जीतकर वो सांसद बने थे.

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वायनाड में 'पाकिस्तानी झंडे'?

राहुल की वायनाड रैली की कुछ वीडियो और तस्वीरें शेयर करते हुए लोग लिख रहे हैं कि राहुल की रैली में पाकिस्तान के झंडे लहराये गए.

सोशल मीडिया पर राहुल की रैली के जिन वीडियोज़ में हरे झंडे दिखाई दे रहे हैं, उन्हें लोग पाकिस्तान के झंडे बताकर वॉट्सऐप और ट्विटर पर शेयर कर रहे हैं.

लेकिन इस रैली में 'चांद और तारे के साथ' जो हरे झंडे दिखाई दे रहे थे वो पाकिस्तान के नहीं, बल्कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के हैं.

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भारत के चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के कार्यकर्ता इस रैली में शामिल हुए थे जिन्होंने राहुल गांधी के पोस्टर थामे हुए थे.

केरल में कांग्रेस पार्टी ने पाँच अन्य स्थानीय दलों के साथ मिलकर युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ़) बनाया है.

इस गठबंधन में कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग है.

Image caption पाकिस्तान के झंडे और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के झंडे के बीच अंतर

साल 1948 में ऑल इंडिया मुस्लिम लीग से अलग होने के बाद मोहम्मद इस्माइल ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की स्थापना की थी.

IUML ने राहुल गांधी के दक्षिण भारत से चुनाव लड़ने के फ़ैसले का स्वागत किया है और ख़ुशी ज़ाहिर की है.

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का झंडा हरा है. इस पर बायीं ओर ऊपरी तरफ चांद और सितारा भी है.

लेकिन ये पाकिस्तानी झंडे से साफ़तौर पर अलग है.

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बिल्डिंग कांग्रेस की नहीं

सोशल मीडिया पर इस बिल्डिंग की तस्वीर के बारे में लिखा जा रहा है कि ये केरल के वायनाड में कांग्रेस पार्टी का कार्यालय है.

कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने ये दावा किया है कि इसे चुनाव की तैयारी के बीच ही हरे रंग में रंगा गया है.

बीबीसी को वॉट्सऐप के ज़रिए मिली इस तस्वीर के बारे में लोगों ने पूछा है कि 'क्या कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यालय पर पाकिस्तान के झंडे का रंग करवाया है?'

लेकिन ये केरल के वायनाड में कांग्रेस पार्टी कार्यालय की नहीं, बल्कि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग पार्टी के स्थानीय कार्यालय की तस्वीर है.

वायरल फ़ोटो को ग़ौर से देखें तो कार्यालय के ऊपर बायीं ओर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का चिह्न (सीढ़ी) बना हुआ है.

इस दफ़्तर के बाहर बायीं ओर एक शख़्स की तस्वीर लगी है. ये तस्वीर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के नेता सईद मोहम्मद अली शिहाब की है जिनका साल 2009 में देहांत हो गया था.

बिल्डिंग के बाहर सभी कुछ मलयालम भाषा में लिखा हुआ है, इसलिए यह पूरी संभावना है कि अन्य राज्यों में लोग इसे समझ न पाएं.

लेकिन इस पर साफ़ लिखा है- 'इक़बाल नगर, लीग हाउस'.

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