दोबारा वोट डालने के लिए काटी थी उंगलीः दलित युवक

  • 19 अप्रैल 2019
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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ग़लत बटन दबने के बाद उंगली काटने वाले युवक का कहना है कि वो दोबारा अपना वोट डालना चाहता था इसलिए अपनी उंगली काट दी.

बुलंदशहर के अब्दुल्लाहपुर हुलासन गांव के रहने वाले पवन कुमार ने बीबीसी से कहा, "मैं हाथी पर वोट देने गया था लेकिन फूल पर गिर गई. ग़लत बटन दब गया. घर में जाकर मैंने गंड़ासे से अपनी उंगली काट ली."

पवन कुमार ने अपने हाथ की वही उंगली काट दी जिस पर वोट डालने का निशान लगा था.

भारत में मतदान के दौरान प्रत्येक वोटर की उंगली पर गहरी सियाही से निशान लगाया जाता है ताकि वो दोबारा वोट न डाल सके.

बुलंदशहर में मतदान के दूसरे चरण के दौरान गुरुवार को वोट डाले गए थे. पवन ने भी इस दौरान अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

पवन ने बीबीसी से कहा, "मेरे मन में आ रहा था कि वोट बेकार हो गया. अब दोबारा वोट डालकर आऊं. "

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने दोबारा वोट डालने और निशान हटाने के लिए निशान लगी उंगली काटी तो उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए ही उन्होंने ये काम किया.

पवन कुमार कहते हैं, "मैं सिर्फ़ बहनजी को अपना वोट देना चाहता हूं. उनके अलावा किसी और को नहीं."

ये पूछने पर कि वो बहनजी को ही वोट क्यों देना चाहते थे, उन्होंने कहा, "क्योंकि वो हमारी बिरादर हैं, हमारी जात की हैं, हमारी अपनी हैं."

पवन ने अपनी उंगली पर गंडासे से वार किया था. नाख़ून से कुछ नीचे से उनकी उंगली गट कर अलग हो गई.

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हाथ से ख़ून बहता देख उनके रिश्ते के भाइयों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया और हाथ में मरहम पट्टी करवाई. लेकिन उनकी कटी हुई उंगली जोड़ी नहीं जा सकी.

पवन दोबारा वोट भी नहीं डाल पाए. वो कहते हैं, "मुझे अस्पताल जाना पड़ा इसलिए दोबारा वोट डालने का प्रयास नहीं कर पाया."

पवन पेशे से दहाड़ी मज़दूर हैं और उन्हें हर रोज़ काम नहीं मिल पाता है.

वो कहते हैं कि सरकार की ओर से उनके घर में शौचालय बनवाया गया है और दलित होने की वजह से एक ज़मीन का पट्टा भी उन्हें मिला है.

शुक्रवार को भी उन्होंने दोबारा अपने हाथ पर पट्टी करवाई है और फ़िलहाल उनकी हालत ठीक है.

उनके चाचा नत्थु सिंह कहते हैं कि पवन ने जज़्बात में ये क़दम उठा लिया.

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उनका कहना था कि गांव आए पत्रकार उंगली का कटा हुआ हिस्सा देखना चाहते थे लेकिन वो मिला नहीं.

वो कहते हैं, "सब अपनी मर्ज़ी से वोट देते हैं, किसी पर कोई ज़बरदस्ती नहीं है. वोट अपनी मर्ज़ी का ही होता है."

बुलंदशहर की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. फ़िलहाल यहां से भाजपा के भोला सिंह सांसद हैं.

इस बार मुक़ाबला भाजपा के भोला सिंह, कांग्रेस के बंशी सिंह और बसपा के योगेश वर्मा के बीच है.

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