मोदी के रोड शो में पैसे देकर भीड़ जुटाई गई: अजय राय

  • 26 अप्रैल 2019
नरेंद्र मोदी और अजय राय इमेज कॉपीरइट AFP/Ajay Rai Facebook

वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय का कहना है कि प्रियंका गांधी वाड्रा को यहां से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव उन्होंने खुद दिया था.

ये अलग बात है कि कांग्रेस हाई कमान ने इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया और यहां से पिछली बार के प्रत्याशी अजय राय को टिकट दिया है.

बीबीसी से बात करते हुए अजय राय ने कहा कि प्रियंका गांधी के नाम आने पर कार्यकर्ताओं में ज़बरदस्त उत्साह आ गया था.

उनका कहना है कि इसके बावजूद, इस बार वाराणसी में लड़ाई ज़बरदस्त होनी है क्योंकि जीएसटी और नोटबंदी से जनता में ये संदेश चला गया कि इससे उद्योग धंधे बर्बाद हुए थे.

अजय राय ने कहा, "पिछली बार नरेंद्र मोदी गुजरात मॉडल लेकर काशी आए थे, रोज़गार के बड़े बड़े वादे किए थे, जनता में भी उनको लेकर एक उत्साह था, लेकिन इन पांच सालों में काशी के विकास के नाम पर जो विनाश किया गया, वो एक बड़ा मुद्दा रहेगा."

इस बार चुनाव में कांग्रेस का क्या मुद्दा होगा, इस पर वो कहते हैं, "नोटबंदी और जीएसटी से यहां असंगठित क्षेत्र बर्बाद हो गया. साड़ी उद्योग, खिलौना उद्योग सब बर्बाद हो गया. बनारस की सारी चीजें ख़त्म हो गईं."

अजय राय कहते हैं, "मैं यहीं का रहने वाला हूं, मैं झूठ नहीं बोल सकता. मोदी जी एक आवरण में यहां आए हैं, वो प्रधानमंत्री हैं, एसपीजी सुरक्षा है, जनता उनसे सीधे बात नहीं कर सकती. जनता के सामने ये बातें अब धीरे धीरे आ रही हैं."

पैसे देकर भीड़ जुटाई गई

वो कहते हैं, "पिछली बार जब मोदीजी आए थे, तो लोगों को बड़ा विश्वास था कि बहुत बड़ा परिवर्तन हो जाएगा, बनारस स्वर्ग हो जाएगा. कोई बेरोज़ग़ार रहेगा ही नहीं. इस बार ये सब उतर गया है "

नामांकन से पहले गुरुवार को बनारस में विशाल रोड शो को लेकर अजय राय कहना था कि इसमें पैसे देकर भीड़ जुटाई गई थी, लोग नमो अगेन जैसे टीशर्ट पहनकर आए थे और इसमें बहुत बड़ा मीडिया मैनेजमेंट था.

अजय राय के अनुसार, "इस बार नामांकन से हफ़्ते भर पहले निमंत्रण पत्र बांटे गए, पचासों लाख के फूल लोगों में बांटे गए कि मोदीजी आएंगे तो उन पर फूल बरसा कर स्वागत किया जाए. भीड़ में बाहर से लोगों को बुलाया गया था. एक जैसी टीशर्ट पहनाई गई. "

लेकिन क्या पिछले पांच साल में वाराणसी में बिल्कुल भी विकास नहीं हुआ है?

इस पर वो कहते हैं, "विकास के नाम पर बावतपुर से बनारस तक की चायनीज़ लाइट लगी 15 किलोमीटर की सड़क को छोड़ दिया जाए तो यहां विकास का एक भी काम नहीं हुआ है. एक भी उद्योग नहीं लगा जिसमें लोगों को नौकरी मिलती."

वो पूछते हैं, "क्या विकास के नाम पर प्रधानमंत्री के कार्यक्षेत्र में केवल 15 किलोमीटर की सड़क बनेगी?"

वाराणसी में प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर के आस पास के ऐतिहासिक मंदिरों को तोड़ कर कॉरिडोर बनाए जाने के सवाल पर अजय राय कहना है कि अगर उनकी सरकार आएगी तो इसकी सीबीआई जांच कराई जाएगी.

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मंदिर तोड़ने की होगी जांच

उन्होंने कहा, "प्रशासन ने जो शिवलिंगों को तोड़ कर फिकवाया है, ऐतिहासिक मंदिरों को तुड़वाया है, उसे बनारस की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी. पंचकोशी परिक्रमा के पहले जिस व्यास भवन से संकल्प दिलाया जाता था और जहां लोग आदि काल से रहते आए थे, उसे सबसे पहले तोड़ा गया."

अजय राय ने आरोप लगाया कि 'इन लोगों ने बनारस का विकास नहीं विनाश किया है.'

उन्होंने कहा, "हमारी सरकार आती है तो इसकी जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसे कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी. हम तोड़े गए मंदिरों के पुनर्निर्माण का भी प्रयास करेंगे."

उन्होंने कहा, "शहर को क्योटो बना देने का सपना दिखाया गया, यहां से अधिकारी, नगर आयुक्त, कमिश्नर क्योटो गए. करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद एक भी काम यहां नहीं हुआ."

घरेलू बनाम बाहरी का मुद्दा लाते हुए अजय राय कहते कि 'बाहर के लोगों ने एक बार काशी की जनता को भ्रम में डाल दिया, अब दुबारा वो भुलावे में नहीं आने वाली.'

29 अप्रैल को नामांकन

उनके ऊपर चल रहे आपराधिक मामलों के बारे में जब पूछा गया तो अजय राय ने कहा, "अमित शाह, जिन्हें गुजरात सरकार ने तड़ीपार किया था वो मेरे ऊपर क्या आरोप लगाएंगे. मेरे ऊपर जो मुकदमे दर्ज किए गए वो आंदोलन के दौरान के हैं."

बीजेपी पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि एक निर्दलीय कार्पोरेटर को बीजेपी ज्वाइन न करने पर गुंडा एक्ट लगाकर शहर से बाहर कर दिया गया.

वो कहते हैं, "क्या यही लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादा है कि जो आपके साथ न रहे उसको बर्बाद कर देंगे. जनता जान गई है कि कौन काम करने वाला है और कौन जनता के साथ रहने वाला है."

Image caption अजय राय का नामांकन पोस्टर

वो कहते हैं, "क्या यही लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादा है कि जो आपके साथ न रहे उसको बर्बाद कर देंगे. जनता जान गई है कि कौन काम करने वाला है और कौन जनता के साथ रहने वाला है."

शुक्रवार को यहां से पीएम नरेंद्र मोदी ने नामांकन भरा है. अजय राय 29 अप्रैल को नामांकन भरेंगे.

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