गोगोई यौन उत्पीड़न मामला: शिकायतकर्ता का सुनवाई में शामिल होने से इनकार

  • 1 मई 2019
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भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बोबड़े के नेतृत्व वाली आंतरिक जांच समिति (इन हाउस कमेटी) के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है.

शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि उन्हें इन हाउस कमेटी के सामने अपने वकील को रखने की अनुमति नहीं मिली है, बिना वकील और सहायक के सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीशों के सामने वह नर्वस महसूस कर रही हैं.

उन्होंने इस बारे में एक प्रेस रिलीज़ जारी की है, जिसमें महिला ने कहा कि उन्हें इस कमेटी से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है, लिहाज़ा वह कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगी.

भारत के मुख्य न्यायाधीश पर लगे आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की इन-हाउस कमेटी में जस्टिस बोबड़े के अलावा जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस इंदू मल्होत्रा शामिल हैं.

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शिकायतकर्ता महिला ने कहा है कि उन्होंने जांच के लिए बाहरी कमेटी का अनुरोध किया था, बावजूद इसके इन हाउस कमेटी के सामने वह 26 और 29 अप्रैल को शामिल हुईं थीं.

उन्होंने कमेटी के सामने पेश नहीं होने के संबंध में मोटे तौर पर तीन कारण गिनाए हैं, जो इस तरह से हैं-

  • मुझे सुनवाई के दौरान ना तो वकील और ना ही सहायक स्टाफ रखने की अनुमति मिली, जबकि मैं ठीक से सुन नहीं पाती हूं, नर्वस हो जाती हूं और डर भी है.
  • कमेटी की सुनवाई की ना वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही है, ना ही ऑडियो रिकॉर्डिंग.
  • 26 और 29 अप्रैल को दिए गए मेरे बयान की कॉपी भी मुझे नहीं सौंपी गई है.
  • ये कमेटी किस तरह से काम करेगी, उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं दी गई है.

कमेटी ने उनसे कुछ गवाह पेश करने के बारे में पूछा तो शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि सभी गवाह सुप्रीम कोर्ट में ही काम कर रहे हैं ऐसे में स्वतंत्र तरीके से बयान नहीं दे पाएंगे.

अपनी प्रेस विज्ञप्ति में शिकायतकर्ता ने यह दावा भी किया कि 26 और 29 अप्रैल की सुनवाई के बाद कुछ बाइक सवार लोगों ने उनका पीछा किया और अब उन्हें अपनी जान का डर है.

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