झारखंड: खूँटी गैंग रेप में फ़ादर समेत 6 लोग दोषी क़रार

  • 7 मई 2019
झारखंड

झारखंड के खूँटी में पिछले साल हुए चर्चित कोचांग गैंग रेप मामले में फ़ादर अल्फांसो समेत क़रीब आधा दर्जन लोग दोषी क़रार दिए गए हैं.

खूंटी के सिविल कोर्ट ने इस मामले में तीन लोगों को रेप में और तीन लोगों को रेप की साज़िश में दोषी ठहराया है.

यह साल 2018 जून महीने का मामला है. पुलिस के मुताबिक खूंटी ज़िले में पांचों लड़कियों को अगवा कर उनके साथ गैंग रेप किया गया था.

तब आदिवासियों का पत्थलगड़ी आंदोलन चल रहा था. उस समय एक एनजीओ से जुड़ी पाँच महिलाएँ कोचांग गाँव में जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक करने गई थीं.

फ़ादर उस स्कूल के प्रिंसिपल थे, जहाँ नाटक चल रहा था. तब सैकड़ों बच्चों की मौजूदगी में महिलाओं को अगवा कर लिया गया था और जंगल में ले जाकर गैंग रेप किया गया था.

फ़ादर अल्फांसो पर आरोप था कि उन्होंने लड़कियों को अगवा होने दिया था और इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी थी.

झारखंड में मानव तस्करी के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाली एक ग़ैर सरकारी संस्था से जुड़ी पांच लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार की वारदात काफ़ी सनसनीखेज़ थी.

तब झारखंड के डीजी आरके मलिक ने कहा था कि पीड़िताओं को पेशाब पीने पर मजबूर किया गया था.

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क्या थी घटना

मामला झारखंड के खूंटी ज़िले के अड़की प्रखंड के कोचांग गांव का था. तारीख़ 19 जून थी और समय दिन के 12 बजे.

कोचांग चौक से क़रीब 200 मीटर दूर आरसी मिशन स्कूल है, जहां से इन पांचों लड़कियों को अगवा किया गया था. स्कूल के प्रिंसिपल फ़ादर अल्फ़ांसो आइंद को पुलिस ने घटना की जानकारी न देने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया था.

इस मिशिनरी स्कूल के कैंपस में मौजूद इमली का एक विशाल पेड़ है. घटना के दिन इसी पेड़ के नीचे ये नाटक मंडली मानव तस्करी के ख़िलाफ़ लोगों को जागरुक करने के लिए नुक्कड़ नाटक कर रही थी.

नाटक देखने के लिए क़रीब 300 बच्चे और कुछ ग्रामीण मौजूद थे. इस नाटक मंडली में पांच लड़कियां और तीन पुरुष थे.

ये कलाकार नुक्कड़ नाटक कर ही रहे थे कि तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच लोग वहां पहुंचे था और कुछ सवाल-जवाब के बाद सभी को उनकी ही कार में बैठाकर जबरन जंगल की ओर लेकर चले गए थे.

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तब वहां कोचांग के मार्टिन सोय भी मौजूद थे. उन्होंने बताया था, ''नाटक शुरू होने के बाद वे चौक पर आ गए थे. तभी बदमाशों ने लड़कियों को अगवा कर लिया. मैंने बदमाशों को इससे पहले कभी नहीं देखा था. वे कोचांग के नहीं थे. शाम होने पर गांव में यह ख़बर फैली कि बदमाशों ने नाटक टीम के साथ मारपीट की है. तब हम लोगों को बलात्कार की जानकारी नहीं थी. पुलिस के गांव आने पर हमें पता चला कि लड़कियों के साथ रेप हुआ है. स्कूल के प्रिंसिपल फ़ादर अल्फ़ांसो आइंद को गिरफ़्तार करने के लिए क़रीब 300 पुलिस वाले 21 जून को गांव आए. इसमें महिला जवान भी मौजूद थीं. वे लोग फ़ादर अल्फांसो और दो ननों को अपने साथ लेकर चले गए.''

फ़ादर अल्फ़ांसो के बारे में सोय ने बताया था कि वो एक अच्छे आदमी हैं और पूरे गांव के लोग उनकी इज़्ज़त करते हैं. यह गांव झारखंड के खूंटी ज़िले के अड़की प्रखंड का हिस्सा है, लेकिन यहां गाड़ी से पहुंचने के लिए पश्चिमी सिंहभूम ज़िले के बंदगाव जाना पड़ता है.

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