मोदी को महाविभाजनकारी कहने वाला टाइम का लेखक पाकिस्तानी?- पाँच बड़ी ख़बरें

  • 12 मई 2019
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भारतीय जनता पार्टी ने अमरीका की प्रतिष्ठित पत्रिका 'टाइम' के कवर पेज पर प्रधानमंत्री मोदी को 'महाविभाजनकारी' कहे जाने को लेकर इसके लेखक के पाकिस्तानी होने की बात कही है. टाइम के अंतर्राष्ट्रीय संस्करण में मोदी को जिस आलेख में 'महाविभाजनकारी' कहा गया है उसे आतिश तासीर ने लिखा है.

आतिश तासीर के पिता सलमान तासीर पाकिस्तान के उदारवादी नेता थे. सलमान को उनके अंगरक्षक ने ही पाकिस्तान में ईशनिंदा क़ानून के ख़िलाफ़ बोलने पर गोली मार दी थी. तासीर की मां भारत की जानी-मानी पत्रकार तवलीन सिंह हैं जो कि अक्सर मोदी के समर्थन में दिखती हैं.

टाइम की कवर स्टोरी में सवाल पूछा गया है कि 'क्या दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक बार फिर से पाँच सालों के लिए मोदी सरकार को चुनेगा?' टाइम की इस कवर स्टोरी की सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हो रही है. मोदी के विरोधियों ने इस कवर स्टोरी को काफ़ी तवज्जो दी है.

इस पत्रिका में एक और आलेख प्रकाशित किया गया है. यह आलेख राजनीति विज्ञानी इयन ब्रेमर की है, जिसका शीर्षक है- 'आर्थिक सुधार के लिए मोदी भारत की सबसे श्रेष्ठ उम्मीद.'

शनिवार को बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि टाइम मैगज़ीन में तासीर का आलेख मोदी को बदनाम करने के लिए पाकिस्तान की अप्रत्यक्ष कोशिश है. पात्रा ने पूछा, ''इस आलेख का लेखक कौन है? इसका लेखक एक पाकिस्तानी है. एक पाकिस्तानी नागरिक ने कहा कि मोदी जी महाविभाजनकारी हैं और राहुल गांधी ने उसे ट्वीट किया. एक पाकिस्तानी से हम उम्मीद ही क्या कर सकते हैं?''

बीबीसी के पूर्व पत्रकार तुफ़ैल अहमद ने ट्वीट कर पूछा कि क्या भारतीय मीडिया मोदी पर इस तरह की कवर स्टोरी कर सकता है? इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए तवलीन सिंह ने लिखा है, ''तुफ़ैल पूरे आलेख को आप पढ़ेंगे तो पाएंगे कि इसमें भारतीय राजनीतिक परिदृश्य की आलोचना की गई है न कि केवल मोदी की. इसमें राहुल गांधी को भी औसत दर्जे का बताया गया है. वैसे मोदी पर तो पहले दिन से ही भारतीय मीडिया में हमले होते रहे हैं.''

अलवर गैंग रेप पर मोदी और मायावती आए साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने राजस्थान के अलवर में एक दलित लड़की के साथ गैंग रेप मामले पर पर्दा डालने का आरोप लगाया है.

26 अप्रैल को अलवर के थानाग़ाज़ी इलाक़े में एक विवाहित दलित महिला के साथ पति के सामने गैंग रेप का मामला सामने आया है. इस मामले में कई दिनों बाद सात मई को एफ़आईआर दर्ज हुई थी.

कहा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के कारण इस मामले को दबा कर रखा गया. राजस्थान में 29 अप्रैल और 6 मई को मतदान हुए हैं.

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है और उसने अलवर में एक दलित महिला के साथ गैंग रेप के वाक़ये को चुनाव तक दबाकर रखने की कोशिश की.''

मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश की बेटियों के साथ इंसाफ़ नहीं कर सकती. हालांकि कांग्रेस ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. कांग्रेस की राजस्थान प्रवक्ता अर्चना शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने इसे दबाया नहीं है. हालांकि उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि पुलिस की तरफ़ से थोड़ी लापरवाही हुई है.

बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी लखनऊ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस सराकार पर गैंग रेप के मामले पर पर्दा डालने का आरोप लगाया है. मायावती ने कहा कि इसमें सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए.

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'2014 के चुनाव में ज़ब्त सारी नगदी लौटा दी गई'

इस लोक सभा चुनाव के दौरान अबतक 812 करोड़ रुपए का नगद ज़ब्त किया गया है. जबकि ज़ब्त की गई कुल नगदी, शराब, ड्रग्स और बहुमूल्य धातुओं की कीमत 3,370 करोड़ रुपए से पार हो चुकी है.

लेकिन मुमकिन है कि एक महीने बाद सारी नदगी लोगों को वापस कर दी जाएगी.

शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पिछले आम चुनाव के दौरान ज़ब्त किया गया लगभग सारा कैश लौटा दिया गया था.

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के चुनाव के दौरान ज़ब्त की गई बेहिसाब नगदी और इसके संबंध में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी मांग थी.

जिसके बाद दायर हलफनामे में सरकार ने बताया कि 2014 में 303.86 करोड़ रुपए की नगदी ज़ब्त की गई थी, लेकिन संबंधित व्यक्ति की आय का मूल्यांकन करने के बाद पैसा वापस कर दिया गया.

हलफनामे में ये भी बताया गया कि सैंकड़ों मामलों में से सिर्फ तीन में केस दर्ज किया गया.

इस जानकारी पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हैरानी जताई और कहा कि "तो आप कह रहे हैं कि एक महीने तक सारा कैश अपने पास सुरक्षित रखा और चुनाव के बाद लोगों को वापस कर दिया."

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आईटीसी के चेयरमैन वायसी देवेश्वर का निधन

आईटीसी समूह के चेयरमैन वायसी देवेश्वर का निधन हो गया है. शनिवार को उन्होंने आखिरी सांस ली. वो 72 साल के थे.

हालांकि उनकी मौत के कारणों का अबतक पता नहीं चल पाया है. कुछ साल पहले उन्हें कैंसर होने का पता चला था.

देवश्वर 1968 से आटीसी से जुड़े थे. 1996 में कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन बन गए थे.

उन्होंने कंपनी को अपनी सबसे बड़े शेयर धारक BAT के हाथों टेकओरव होने से बचाया था और कंपनी को एफएमसीजी केटेगरी में सफल बनाया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायसी देवेश्वर की मौत को दुखद बताया है. "उन्होंने ट्वीट किया, श्री वायसी देवेश्वर ने भारतीय उद्योग में बड़ा योगदान दिया. उनकी कोशिशों से आईटीसी वैश्विक छाप छोड़ने वाली पेशेवर रूप से चलने वाली भारतीय कंपनी बनी. मैं उनकी निधन से दुखी हूं. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और आईटीसी समूह के साथ है."

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दक्षिण अफ़्रीका: चुनाव में राष्ट्रपति रामापूसा की पार्टी जीती

दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामापूसा ने चुनावों में अपनी पार्टी की जीत के बाद नई शुरुआत करने का वादा किया है.

बुधवार को हुए चुनावों के अंतिम नतीजों में सत्ताधारी अफ़्रीकन नेशनल कांग्रेस को 57 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं.

रामापूसा ने स्वीकार किया कि कई लोगों ने राजनीति में भरोसा खो दिया है. अधिकतर युवा मतदाताओं ने अपना पंजीयन तक नहीं कराया है.

संवाददाताओं का कहना है कि पार्टी की वोटों में पांच फ़ीसदी तक की गिरावट की वजह बोरेज़गारी, ग़रीबी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई न करने हो सकता है. रामापूसा ने माना कि युवाओं का राजनीति से भरोसा उठ रहा है.

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