लोकसभा चुनाव 2019: पश्चिम बंगाल में बंपर वोटिंग के साथ क्यों बढ़ रही हिंसा?

  • 12 मई 2019
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पश्चिम बंगाल में रविवार को छठे चरण के मतदान के दौरान जहां बंपर वोट पड़े, वहीं हिंसा ने भी पहले के तमाम रिकार्ड तोड़ दिए.

झाड़ग्राम में रमन सिंह नामक एक बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या हो गई, वहीं रविवार सुबह मतदान शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले की दोनों संसदीय सीटों, घाटाल और मेदिनीपुर के बीजेपी उम्मीदवारों के साथ मारपीट हुई और उनके काफिले पर पथराव किया गया.

बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष को केशपुर बाज़ार में उग्र भीड़ से बचने के लिए पहले मंदिर में शरण लेनी पड़ी. पुलिस उनको सुरक्षा के लिहाज से निकाल कर थाने ले आई.

चुनाव आयोग ने हिंसा की घटनाओं पर राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी.

मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफ़ताब ने बताया, "मेदिनीपुर ज़िले के केशपुर इलाक़े से हिंसा की कुछ घटनाएं सामने आई हैं. हमने ज़िला चुनाव अधिकारी से इन पर रिपोर्ट मांगी थी. यहां से चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेज दी गई है."

दूसरी ओर, कांग्रेस और बीजेपी ने भी तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर जगह-जगह हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए आयोग से शिकायत की है.

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हिंसा के मामले बढ़े

वैसे, राज्य में पहला चरण भले शांतिपूर्ण रहा, लेकिन दूसरे चरण से शुरू हुई हिंसा हर चरण के साथ लगातार बढ़ रही है. यह महज संयोग नहीं है कि हिंसा के ज्यादातर मामले बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच ही हुए.

तीसरे दौर के मतदान के दौरान हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि आसनसोल संसदीय सीट के बीजेपी उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के काफिले पर भी हमला हुआ था.

पांचवें दौर में भी बैरकपुर में बीजेपी उम्मीदवार अर्जुन सिंह के साथ मारपीट हुई थी. उसके अलावा विभिन्न इलाकों से हिंसक झड़पों की खबरें मिलीं थीं.

बड़े पैमाने पर हिंसा के बावजूद यहां मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफ़ताब ने बताया कि हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण रहा है.

इस दौर में ज्यादातर सीटें ऐसी थीं जहां बीते साल पंचायत चुनावों के बाद बीजेपी की स्थिति मजबूत हुई है.

केशपुर इलाके में मतदान केंद्रों का दौरा करने का प्रयास करने पर स्थानीय लोगों ने घाटाल की बीजेपी उम्मीदवार और पूर्व आईपीएस भारती घोष पर दो-दो बार हमले किए. भारती ने इसके लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है.

पथराव में भारती का एक अंगरक्षक घायल हो गया. कथित रूप से तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस के वाहनों पर पथराव किया.

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आरोप-प्रत्यारोप

उत्तेजित भीड़ को तितर-बितर करने के लिए केंद्रीय बलों को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने दावा किया कि भारती घोष के अंगरक्षक की फायरिंग में पार्टी का एक अल्पसंख्यक कार्यकर्ता घायल हो गया है.

चुनाव आयोग ने इस घटना पर भी रिपोर्ट मांगी थी. इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भारती को एक मतदान केंद्र के भीतर वीडियोग्राफी करने का प्रयास करते देखा गया था. इस पर भी रिपोर्ट मांगी गई है.

केशपुर बाज़ार में पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनके काफिले का रास्ता रोक लिया. बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने बाद में केशपुर बाजार में भारती की कार जब्त कर ली.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "भारती के पास मतदान के दिन उस इलाके में घूमने के लिए कोई वैध पास नहीं था. उनको इस तरह घूमने नहीं दिया जा सकता. यह सुरक्षा का मामला है."

भारती घोष ने पत्रकारों से कहा, "तृणमूल कांग्रेस के लोगों ने मुझ पर हमले किए. पार्टी की शह पर महिलाओं ने मुझसे धक्का-मुक्की की और जमीन पर गिरा दिया. इससे मुझे चोटें आई हैं. उन्होंने दावा किया कि पैरों तले की जमीन खिसकती देख कर ही तृणमूल कांग्रेस हताशा निकाल रही है."

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, "भारती पर पहली बार हमला नहीं हुआ है. राजनीतिक तौर पर उनका मुकाबला करने में नाकाम रहने के बाद तृणमूल कांग्रेस भारती को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है."

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बीजेपी कार्यकर्ताओं को गोली मारी

दोगाछिया इलाके में पथराव में उनके काफिले की एक कार के शीशे भी टूट गए. इसी तरह बांकुड़ा में बीजेपी उम्मीदवार सुभाष सरकार की कार में भी तृणमूल के कथित समर्थकों ने तोड़-फोड़ की.

लेकिन तृणमूल ने इस आरोप से इंकार करते हुए उल्टे सरकार पर ईवीएम में तोड़-फोड़ का आरोप लगाया है.

इससे पहले झाड़ग्राम के गोपीबल्लभपुर इलाके में शनिवार की रात रमन सिंह नामक एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव बरामद किया गया था. बीजेपी ने तृणमूल को इस हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

पूर्व मेदिनीपुर जिले के भगवानपुर में शनिवार रात को बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई. अनंत गुछाइत और रंजीत माइती नामक इन कार्यकर्ताओं को गंभीर हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है.

प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, "हार तय जान कर तृणमूल के गुंडे जगह-जगह हमारे लोगों पर हमले कर रहे हैं. पुलिस भी मूकदर्शक बनी हुई है. हमारी गतिविधियों पर बेवजह रोक लगाई जा रही है."

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी के तमाम आरोपों को निराधार बताते हुए उल्टे उसी पर हिंसा उकसाने का आरोप लगाया है.

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तृणमूल को बीजेपी से चुनौती

पार्टी के वरिष्ठ नेता और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम दावा करते हैं, "भारती घोष और दिलीप घोष क्रमशः घाटाल और मेदिनीपुर में हिंसा भड़का रहे हैं. चुनाव आयोग इस मामले में मूक दर्शक बना हुआ है."

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि बीजेपी के लिए छठे दौर का मतदान काफी अहम था. झारखंड सीमा से लगे इन इलाकों में पार्टी का प्रदर्शन बीते साल पंचायत चुनावों में काफी बढ़िया रहा था और उसे कई सीटें मिली थीं.

राजनीतिक विश्लेषक विश्वनाथ पंडित कहते हैं, "बंगाल में चुनावी हिंसा का इतिहास काफी पुराना है. यहां जब किसी इलाके में पहले से स्थापित पार्टी को जोरदार चुनौती मिलती है तो वर्चस्व की लड़ाई में हिंसा होना लाजिमी है."

खासकर पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले की दोनों सीटों और झाड़ग्राम में बीजेपी को जीत की आस है. लेकिन दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस किसी भी क़ीमत पर इन सीटों को हाथ से नहीं निकलने देना चाहती.

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