जम्मूः जानवरों की ख़रीद-फ़रोख्त करने वाले शख़्स की हत्या, इलाक़े में कर्फ़्यू

  • 17 मई 2019
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जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले के भाद्रवाह में एक शख़्स की गोली मारकर हत्या के बाद गुरुवार को हिंसक प्रदर्शन किया गया. जिसे देखते हुए इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

प्रदर्शनकारियों ने इलाक़े के सेरी बाज़ार, ताकिया चौक और जामा मस्जिद बाज़ार में हिंसक प्रदर्शन किया और गाड़ियों की तोड़-फोड़ की गई.

पुलिस ने मृतक की पहचान 50 साल के नईम अहमद शाह के तौर पर की है. मृतक के परिवार वालों का कहना है कि नईम बुधवार की देर रात चार घोड़े ख़रीदकर अपने घर लौट रहे थे और रास्ते में नल्थी पुल के पास उन पर हमला किया गया.

इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है और कहा है कि मौत की कारण का पता जांच के बाद ही साफ़ हो सकेगा.

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Image caption इलाके में हिंसक प्रदर्शन के कारण कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

नईम अहमद के चचेरे भाई फ़िरदौस अहमद ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''बुधवार की रात नईम अपने साथियों ज़हूर अहमद और यासिर के साथ बानी से वापस लौट रहे थे तभी देर रात उन पर नाल्थी पुल पर हमला किया गया.''

फ़िरदौस ने बताया कि नईम जानवरों की ख़रीद-फरोख़्त का काम करते थे और इसीलिए बुधवार रात बानी से चार घोड़े ख़रीदकर लौट रहे थे. उनके साथ आ रहे यासिर बुरी तरह घायल हैं और स्थानीय अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है. रात डेढ़ बजे एक स्थानीय शख़्स ने उन पर गोलियां चलाईं.

उन्होंने कहा, "नईम अहमद बुरी तरह से घायल हो गए थे और जब यासिर और ज़हूर दोनों ने उन्हें पास के गाँव में एक रिश्तेदार के यहाँ ले गए, लेकिन तभी उन्होंने दम तोड़ दिया."

फ़िरदौस के मुताबिक़ पिछले साल भी इसी क्षेत्र में नईम पर हमला किया गया था. गांव के लोगों ने इस रास्ते से नईम के गुज़रने पर आपत्ति जताई थी.

डोडा के एसएसपी शब्बीर अहमद मलिक ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''भाद्रवाह से तीन किलोमीटर दूर नाल्थी पुल पर रात दो बजे शव बरादम किया गया. हमने आठ लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है. इलाक़े की बिगड़ती क़ानून व्यवस्था के कारण अब तक पुलिस ने मामले की जांच शुरु नहीं की है. स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाज़ी की जिसमें कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है.''

नईम अपने पशुओं के साथ घर लौट रहे थे इस दौरान कथित गौ रक्षकों ने उन पर हमला किया? इस सवाल के जवाब में एसएसपी मलिक ने कहा, "यह जांच का विषय है. चूंकि हमने कोई बयान दर्ज नहीं किया है, इसलिए हम टिप्पणी नहीं कर सकते. हम अफ़वाह फैलाने वालों पर भरोसा नहीं कर सकते."

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शुक्रवार को इलाक़े में बंद का ऐलान करने वाले अंजुमन-ए-इस्लामिया के अध्यक्ष परवेज़ अहमद शेख़ ने बीबीसी हिंदी को बताया, ''इस इलाक़े में ये घटना ऐसी कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हमने राज्य की पुलिस से गुज़ारिश की है कि ऐसे मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करे और क़ानून के मुताबिक़ अपराधी को सज़ा मिले. ''

नईम की अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग जुटे थे.

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