प्रज्ञा ठाकुर के गोडसे बयान पर नीतीश कुमार ने कहा बर्दाश्त करने लायक नहीं

  • 19 मई 2019
नीतीश कुमार इमेज कॉपीरइट Getty Images

बीजेपी की भोपाल से प्रत्याशी और मालेगांव धमाके की अभियुक्त प्रज्ञा सिंह ठाकुर के नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने से शुरू हुआ विवाद अभी शांत नहीं हुआ है.

अब बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के सहयोगी नीतीश कुमार ने कहा है कि प्रज्ञा का बयान बर्दाश्त करने लायक नहीं है.

पटना में मतदान के बाद टीवी चैनलों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा, "ये निंदनीय है. बीजेपी इस पर क्या कार्रवाई करती है ये उनका आंतरिक मामला है. हमें ऐसे बयान को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए."

नीतीश कुमार की ये टिप्पणी बीजेपी को असहज कर सकती है. नीतीश कुमार ने चुनाव के लंबे अंतराल को लेकर भी नाख़ुशी ज़ाहिर की.

नीतीश कुमार ने कहा, "चुनाव को इतना लंबा नहीं होना चाहिए. हर चरण के मतदान में काफ़ी लंबा अतंराल था. इस मुद्दे पर एक सहमति बनाने के लिए मैं सभी पार्टियों के नेताओं को पत्र लिखूंगा."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

साध्वी के बयान पर विवाद

साध्वी ने एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा था कि 'नाथूराम गोडसे देशभक्त हैं, देशभक्त थे और देशभक्त रहेंगे.'

साध्वी के इस बयान पर बीजेपी की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर कहा है कि 'वो साध्वी को कभी माफ़ नहीं कर पाएंगे.'

वहीं बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से जब इस बारे में पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा था कि साध्वी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

हालांकि उन्हें साध्वी को पार्टी से निकालने के संकेत नहीं दिए हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

साध्वी प्रज्ञा सिंह कट्टर दक्षिणपंथी नेता हैं जिन्हें हाल ही में बीजेपी में शामिल किया गया है. मालेगांव धमाका मामले की अभियुक्त साध्वी लंबे समय तक जेल में भी रही हैं.

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का कहना है कि अगर नीतीश साध्वी के बयान से इतने ही आहत हैं तो उन्हें बीजेपी से अपना गठबंधन ख़त्म कर लेना चाहिए.

समाचार एजेंसी एएनआई से राबड़ी देवी ने कहा, "अगर नीतीश कुमार प्रज्ञा ठाकुर के बयान से आहत हैं तो उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. इस बयान के ऊपर बीजेपी से अलग हो जाना चाहिए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार