केदारनाथ: पीएम मोदी ने गुफा में ध्यान लगाया या 'होटल' में?

  • 21 मई 2019
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लोकसभा चुनाव ख़त्म हो चुके हैं और अब इंतज़ार सिर्फ़ नतीजों का है.

हालांकि इस दौरान एग्ज़िट पोल के क़यास को जहां बीजेपी दावों की हक़ीकत बता रही है वहीं विपक्ष का कहना है कि एग्ज़िट पोल सिर्फ़ क़यास मात्र ही हैं.

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम चरण का चुनाव प्रचार ख़त्म होने के बाद केदारनाथ पहुंचे थे. मौक़ा बुद्ध पूर्णिमा का था. जिसके बाद उनकी कई तस्वीरें वायरल हो गईं.

तस्वीर के वायरल होने की कई वजहें रहीं. एक ओर जहां विपक्ष ने कहा कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है वहीं प्रधानमंत्री ने 17 घंटे बाद गुफ़ा से बाहर निकलते ही चुनाव आयोग को धन्यवाद कहा कि आयोग ने उन्हें एकांत में ध्यान लगाने का वक़्त दिया.

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नरेंद्र मोदी भले ही उस गुफा से बाहर आ गए हों लेकिन गुफा अभी भी चर्चा में बनी हुई है.

गढ़वाल मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक बीएल राणा का कहना है कि इस बात में कोई शक़ ही नहीं है कि प्रधानमंत्री के यहां आने से यह जगह चर्चा में आ गई है और लोग इसके बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानना चाह रहे हैं.

गुफा की बढ़ी लोकप्रियता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि गढ़वाल मण्डल विकास निगम ने इस गुफा की बुकिंग को फिलहाल के लिए रोक दिया है. उम्मीद जताई जा रही है कि जून के पहले महीने से एक बार फिर बुकिंग शुरू हो जाएगी.

लेकिन क्या ये वाकई एक गुफ़ा ही है या कुछ और...

गढ़वाल मण्डल विकास निगम की वेबसाइट पर इस गुफ़ा से जुड़ी जानकारियां मौजूद है. गुफा में रुकने के नियम और शर्तें पढ़कर लगता है कि हम किसी होटल के नियम-शर्त पढ़ रहे हैं.

यहां तक की वेबसाइट पर ख़ुद भी इसके लिए कई जगह होटल शब्द का इस्तेमाल किया है.

इस गुफा का नाम रूद्र ध्यान गुफा है.

गढ़वाल मण्डल विकास निगम के अंतर्गत आने वाली यह गुफा केदारनाथ धाम पहाड़ियों से क़रीब एक किलोमीटर ऊपर है. (केदारनाथ मंदिर समुद्रतल से क़रीब 11,500 फ़ीट की ऊंचाई पर है).

इस गुफा का मुंह केदारनाथ मंदिर की ओर खुलता है. इस प्राकृतिक गुफा के बाहरी हिस्से को स्थानीय पत्थरों से तैयार किया गया है और गुफा के मुख्य द्वार पर सुरक्षा के लिए लकड़ी का दरवाज़ा लगा हुआ है.

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Image caption गुफा का प्रवेश द्वार

इस गुफा में क्या क्या हैं सुविधाएं

  • इसके भीतर बिजली और पीने के पानी की व्यवस्था है.
  • सुबह की चाय, सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय और रात का खाना उपलब्ध कराया जाता है. हालांकि ये सारी चीज़ें एक नियत समय पर ही उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन आग्रह करके समय बदलवाया जा सकता है.
  • यह गुफा पूरी तरह से एकांत में रहने के लिए बनाई गई है लेकिन आपातकाल की स्थिति में गढ़वाल मण्डल विकास निगम के मैनेजर से संपर्क किया जा सकता है.
  • इस गुफा में एक घंटी भी लगी हुई है. जो गुफा के पास मौजूद अटेंडेंट को बुलाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
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Image caption गुफा के भीतर का दृश्य

क्या हैं नियम

  • कोई भी शख़्स इस गुफा को कम से कम तीन दिन के लिए बुक करा सकता है
  • जो शख़्स बुकिंग करा रहा है उसे बुकिंग की तारीख़ से दो दिन पहले गढ़वाल मण्डल विकास निगम गुप्तकाशी में रिपोर्ट करना ज़रूरी है. पहले गुप्तकाशी में और उसके बाद केदारनाथ में बुकिंग कराने वाले शख़्स की मेडिकल जांच की जाएगी और अगर उसे मेडिकली और फ़िजिकली फ़िट पाया गया तभी उसे गुफ़ा में ठहरने की अनुमति दी जाएगी.
  • एक बार में एक ही शख़्स इस गुफा में रुक सकता है
  • एकबार अगर आपने बुकिंग कर ली तो बुकिंग कैंसिल कराने के बाद आपको रिफंड नहीं मिलेगा. चाहे वजह कुछ भी हो.
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Image caption गुफा के आस पास का नज़ारा

कैसे कराएं बुकिंग

  • सिर्फ़ और सिर्फ़ गढ़वाल मण्डल विकास निगम की वेबसाइट से ही यहां के लिए बुकिंग हो सकती है.
  • नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट या सेल्फ़ डिक्लेयरेशन फॉर्म भरना ज़रूरी है.

बीएल राणा कहते हैं कि ऑनलाइन बुकिंग की ही व्यवस्था है लेकिन केदारनाथ में भी इसके लिए बुकिंग कराई जा सकती है लेकिन बुकिंग तभी होगी, जब मेडिकल जांच पूरी होगी.

क्या है क़ीमत

बीएल राणा बताते हैं कि अभी तो इसकी क़ीमत 990 रुपये ही रखी गई है लेकिन आने वाले वक़्त में ये क़ीमत बदल भी सकती है और यह पूरी तरह लोगों के रिस्पॉन्स पर निर्भर करेगी.

हालांकि शुरुआत में इसकी क़ीमत 3000 रुपये रखी गई थी लेकिन बहुत अधिक लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी इसलिए इसकी क़ीमत घटा दी गई.

राणा उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में लोगों की रुचि इस ओर बढ़ेगी.

क्या करना है और क्या नहीं करना है...

गुफा से जुड़ी जानकारियों का ये वो हिस्सा है जहां इसके लिए होटल शब्द का इस्तेमाल किया गया है. इस हिस्से को पढ़ने से लगता है कि यह किसी पांच सितारा होटल के नियम और शर्तें मालूम पड़ती हैं.

मसलन,

  • चेक इन के समय फ़ोटोआईडी का होना ज़रूरी है और चेक आउट का वक़्त दोपहर 12 बजे दिया गया है.
  • यहां ठहरने वालों से आग्रह किया गया है कि जब वो 'कमरे' से बाहर निकलें तो लाइट, पंखे, गीज़र, हीटर और दरवाज़ा बंद करके जाएं.
  • कृपया अपने कीमती सामान कमरे में न छोड़ें क्योंकि होटल इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा.

इसी तरह की कई बातें वेबसाइट के Do's & Dont's सेक्शन में लिखा हुई हैं.

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Image caption गढ़वाल मण्डल विकास निगम की वेबसाइट में इस गुफा की नियम-शर्तों पर कई जगहों होटल शब्द का इस्तेमाल किया गया है.

बीएल राणा बताते हैं कि पिछले साल तक तो केदारनाथ घाटी में इस तरह की एक ही गुफा थी लेकिन इस साल एक और गुफ़ा का निर्माण पूरा हो गया है. आने वाले समय में ऐसी ही कुछ और गुफाओं के निर्माण की योजना है.

वो बताते हैं कि ये गुफाएं केदारनाथ डेवलपमेंट वर्क्स के तहत बनाई गई हैं. वाई-फ़ाई की सुविधा पर राणा कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ गुफा में ही वाई-फ़ाई की सुविधा है, वाई-फ़ाई की सुविधा पूरे केदारपुरी में है और गुफा उसकी रेंज में है या नहीं ये बता पाना मुश्किल है.

राणा इतना ज़रूर मानते हैं कि प्रधानमंत्री के गुफा में ठहरने से यह गुफा सुर्खियों में आ गई हैं और आने वाले वक़्त में यहां ठहरने वालों की संख्या भी बढ़ेगी.

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