राहुल गांधी के इस्तीफ़े की पेशकश, कांग्रेस कार्यसमिति ने किया ख़ारिज

  • 25 मई 2019
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लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद शुक्रवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफ़े की पेशकश की जिसे कार्यसमिति ने ख़ारिज कर दिया.

कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया.

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. कांग्रेस कई राज्यों में अपना खाता भी नहीं खोल सकी और चुनावों में उसे 52 सीटें ही मिली हैं. इस निराशाजनक प्रदर्शन के बाद राहुल की नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे.

बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की जिसमें उन्होंने बताया कि कार्यसमिति के सदस्यों ने अपने विचार रखे और एक प्रस्ताव पास किया जिसमें कहा गया कि कांग्रेस कार्यसमिति लोकसभा चुनावों के नतीजों को स्वीकार करती है.

उन्होंने प्रस्ताव को पढ़कर सुनाया. सुरजेवाला ने कहा, "कांग्रेस पार्टी एक ज़िम्मेदार और सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाएगी. कांग्रेस अध्यक्ष ने इस्तीफ़े की पेशकश की लेकिन कांग्रेस कार्यसमिति ने एक स्वर में इसे ख़ारिज कर दिया क्योंकि इस समय उनके नेतृत्व की आवश्यकता है."

"कांग्रेस कार्यसमिति विफलताओं को स्वीकार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को यह अधिकार देती है कि वह पार्टी के ढांचे में बदलाव करें या पूरी तरह परिवर्तन करें. इसके लिए योजना जल्द से जल्द लागू की जाए."

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समस्या सुलझाने में बीजेपी कांग्रेस का साथ देगी

सुरजेवाला ने कहा, "कांग्रेस पार्टी ने चुनाव हारा है, लेकिन हमारा अदम्य साहस, हमारी संघर्ष की भावना और हमारे सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता पहले से ज़्यादा मज़बूत है. कांग्रेस पार्टी नफ़रत और विभाजन की ताक़तों से लोहा लेने के लिए सदैव कटिबद्ध है. कांग्रेस कार्यसमिति ने देश के समक्ष मौजूदा समय में अनेकों चुनौतियों का संज्ञान लिया, जिनका हल नई सरकार को ढूंढना है."

उन्होंने ईरान पर प्रतिबंध लगने के बाद तेल की बढ़ती कीमतें, बढ़ती महंगाई का भी ज़िक्र किया. सुरजेवाला ने कहा, "बैंकिंग प्रणाली गंभीर स्थिति में है और एनपीए पिछले पाँच सालों में अनियंत्रित तरीके से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं, जिससे बैंकों की स्थिरता ख़तरे में है. नौकरियों के संकट का कोई समाधान नहीं निकल रहा, जिससे युवाओं का भविष्य ख़तरे में है."

साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता ने देश में सामाजिक सद्भाव व भाईचारे पर लगातार आक्रमण की बात भी कि उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को इन पर ध्यान देते हुए इन समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए.

सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन समस्याओं का समाधान करने में सकारात्मक और सहयोगात्मक भूमिका अदा करेगी, कांग्रेस कार्यसमिति को उम्मीद है कि केंद्र की बीजेपी सरकार इन समस्याओं को सर्वोच्च प्राथमिकता से सुलझाएगी.

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