उत्तर प्रदेश: बाराबंकी में ज़हरीली शराब पीने से दस लोग मरे

  • 28 मई 2019
बाराबंकी इमेज कॉपीरइट Ravi

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में ज़हरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है.

कई लोग अब भी अस्पताल में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं. मरने वालों में चार लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार साहनी ने बीबीसी को बताया, "नौ लोगों की मौत बाराबंकी में हुई है जबकि एक की मौत लखनऊ में इलाज के दौरान हुई है. गंभीर रूप से घायलों को लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है."

पुलिस ने इस मामले में दुकानदार समेत तीन लोगों पर केस दर्ज कर लिया है जबकि सरकार ने चार अफ़सरों समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.

मुख्यमंत्री ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि जांच कमिटी को 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

बाराबंकी ज़िले के रामनगर इलाक़े के रानीगंज क़स्बे में सोमवार की रात ज़हरीली शराब ने क़हर बरपाना शुरू किया और मंगलवार दोपहर तक मरने वालों की संख्या एक दर्जन से ज़्यादा हो गई. गंभीर रूप से घायल कई लोगों को लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में भेजा गया है.

सरकार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए बाराबंकी के ज़िले के आबकारी अधिकारी शिव नारायण दुबे, आबकारी निरीक्षक रामतीरथ मौर्य और आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया.

इसके अलावा रामनगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी पवन गौतम और रामनगर के पुलिस इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया है.

घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम और एसपी को तुरंत मौक़े पर पहुंचने और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के आदेश दिए. इसके अलावा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश देते हुए योगी ने प्रमुख सचिव आबकारी को भी तुरंत जांच के आदेश दिए.

इमेज कॉपीरइट Ravi

लखनऊ परिक्षेत्र के एडीजी राजीव कृष्णा के मुताबिक, जिस दुकान से शराब ख़रीदी गई थी उसे सील कर दिया गया है. इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार भी किया गया है. एडीजी ने बताया कि जिन घरों में शराब की बोतल मिली हैं, वहां पर फ़ोरेंसिक टीम छानबीन कर रही है.

ग्रामीणों का आरोप है कि यहां लंबे समय से नक़ली शराब बनाने की एक अवैध फैक्ट्री है. उनके मुताबिक़, यह नक़ली शराब सरकारी ठेके के आस-पास धड़ल्ले से बेची जाती है.

सोमवार को जब लोगों ने शराब पी तो अचानक कुछ लोगों पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी और कुछ ही देर में आंखों की रोशनी भी जाने लगी जिससे पूरे इलाक़े में हाहाकार मच गया.

पिछले साल जनवरी में भी इसी इलाक़े में ज़हरीली शराब के सेवन से 11 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं इस साल फ़रवरी में सहारनपुर, मेरठ और कुशीनगर में ज़हरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे

संबंधित समाचार