मोदी सरकार के नए चेहरे

  • 31 मई 2019
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शपथ लेने वाले मंत्रिमंडल में कुल 57 मंत्रियों में 20 ऐसे मंत्री हैं जो पिछली सरकार में मंत्री नहीं थे.

इनमें से कई पहली बार मंत्री बने हैं. जानिए मोदी सरकार के नए मंत्रियों के बारे में-

1. अमित अनिल चंद्र शाह

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मोदी सरकार में जिस एक चेहरे का शामिल किया जाना सबसे बड़ी ख़बर है वो हैं अमित शाह. शाह बीजेपी अध्यक्ष हैं और उन्हें कैबिनेट में जगह दिये जाना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

नरेंद्र मोदी के बाद लोकसभा चुनाव 2019 में अमित शाह बीजेपी के सबसे दिग्गज चेहरा रहे हैं.

बूथ प्रबंधन से लेकर राज्य दर राज्य बीजेपी की चुनावी जीत में अहम किरदार निभाने वाले अमित शाह को राजनीति का माहिर रणनीतिकार माना जाता है.

54 वर्षीय शाह लोकसभा चुनाव में गुजरात की गांधीनगर सीट से जीतकर संसद पहुंचे हैं. अमित शाह को गृहमंत्री बनाया गया है.

2. सुब्रह्मण्यम जयशंकर

मोदी मंत्रिमंडल में शामिल पूर्व विदेश सचिव सुब्रह्मण्यम जयशंकर को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. जयशंकर किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और मंत्रिमंडल में एक मात्र ग़ैर-राजनीतिक चेहरा हैं.

इसी वर्ष पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी रहे जयशंकर ने विदेश सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं. वह अमरीका में भारत के राजदूत भी रहे हैं.

चीन के साथ बातचीत के ज़रिए डोकलाम गतिरोध को हल करने में जयशंकर का बड़ा हाथ माना जाता है. जयशंकर ने भारत-अमरीका असैन्य परमाणु समझौते पर बातचीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़े जयशंकर ने राजनीति विज्ञान में एमफ़िल किया है और जेएनयू से पीएचडी की है. उन्हें परमाणु कूटनीति में विशेषज्ञता हासिल है.

उन्हें विदेश मंत्रालय का कार्यभार दिया गया है.

3. रमेश पोखरियाल निशंक

हरिद्वार लोकसभा सीट जीत कर संसद पहुंचे रमेश पोखरियाल निशंक नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बनाए गए हैं.

1991 से साल 2012 तक पांच बार यूपी और उत्तराखंड की विधानसभाओं के सदस्य भी रहे. वे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हैं.

1997 में उत्तर प्रदेश सरकार में कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में पर्वतीय विकास विभाग के मंत्री भी रहे हैं. उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया है.

4. अर्जुन मुंडा

झारखंड के दूसरे मुख्यमंत्री रहे अर्जुन मुंडा को भी मोदी सरकार में जगह दी गई है.

झारखंड के खूंटी से सांसद मुंडा ने इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्‍याशी कालीचरण मुंडा को 1445 वोट से पराजित किया था.

अर्जुन मुंडा 35 वर्ष की आयु में जब झारखंड के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री बनने का रिकार्ड भी बनाया.

घोड़ाबांधा में पांच जून 1968 को जन्मे मुंडा ने 1980 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत झारखंड आंदोलनकारी के रूप में की थी.

झारखंड मुक्ति मोर्चा से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत करने वाले अर्जुन मुंडा ने 1995 में खरसावां से विधानसभा का चुनाव जीता था.

साल 2000 में वो दूसरी बार विधानसभा पहुंचे, लेकिन इस बार वे भाजपा में थे. उन्हें जनजातीय मामलों का मंत्री बनाया गया है.

5. प्रह्लाद वेंकटेश जोशी

प्रहलाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से भाजपा के सांसद हैं. वो भाजपा की कर्नाटक इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

वो पहली बार 2004 में चौदहवीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और उसके बाद से लगातार धारवाड़ से सांसद हैं.

वो सबसे पहले राष्ट्रध्वज होराता समिति संचालक के तौर पर 1992-94 के दौरान कर्नाटक के हुबली के ईदगाह मैदान (जिसे किट्टूर रानी चेनम्मा मैदान भी कहा जाने लगा है) में तिरंगा फहराकर चर्चा में आए थे.

इनके ज़िम्मे आया है संसदीय मामलों का मंत्रालय, कोयला एव खनन मंत्रालय.

6. अरविंद गणपत सावंत

महाराष्ट्र की मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट से कांग्रेस के मिलिंद मुरली देवड़ा को हराने वाले शिवसेना के सांसद अरविंद गणपत सावंत भी मोदी सरकार में नया चेहरा हैं.

सावंत ने 2014 में भी इस सीट पर देवड़ा को पराजित किया था.

68 वर्षीय सावंत 1996-2010 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रहे. इसके अलावा वो 25 सालों तक महानगर टेलीफ़ोन कामगार संघ के अध्यक्ष रहे.

वो एमटीएनल के कर्मचारी यूनियन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं. वो 1995 में रिटायर होने से पहले तक एमटीएनएल में इंजीनियर थे.

सावंत मोदी सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री हैं. उनसे पहले अनंत गीते शिवसेना की ओर से मोदी सरकार में मंत्री थे.

सावंत को भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्री बनाया गया है.

7. प्रह्लाद सिंह मुलायम सिंह पटेल

दमोह से सांसद 58 वर्षीय प्रह्लाद सिंह पटेल ने बीएससी, एलएलबी और एमए(दर्शनशास्त्र) की शिक्षा हासिल की है.

छात्र राजनीति से जुड़े रहे पटेल 1982 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के ज़िलाध्यक्ष बन गए थे.

1986-1990 तक वो भाजयुमो के सचिव और मध्य प्रदेश के महासचिव के पदों पर भी रहे. 1989 में वो 9वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए.

इसके बाद 1996 में 11वीं लोकसभा, 1999 में तेरहवीं लोकसभा और 2014 में 16वीं लोकसभा के लिए चुने गए.

2003 में वो केंद्र सरकार में कोयला राज्यमंत्री भी रहे. अब एक बार फिर नरेंद्र मोदी ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी है. इन्हें पर्यटन और संस्कृति मंत्री बनाया गया है.

8. धोत्रे संजय शामराव

पेशे से इंजीनियर रहे संजय शामराव धोत्रे महाराष्ट्र की अकोला लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं.

वो पहली बार 2004 में सांसद चुने गए थे और तब से ही लगातार चुनाव जीतते रहे हैं.

धोत्रे अकोला के सहकारिता क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं. वो वसंतराव धोत्रे के भतीजे हैं जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और सहकारी मंत्री थे.

धोत्रे को मानव संसाधन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

09. अनुराग ठाकुर

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हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर लोकसभा सीट से सांसद अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं.

नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल होने से पहले वो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

वो हमीरपुर लोकसभा सीट से चौथी बार सांसद चुने गए हैं. 44 वर्षीय ठाकुर भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

अनुराग ठाकुर को वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

10. सुरेश चनबसप्पा अंगड़ी

सुरेश चनबसप्पा अंगड़ी कर्नाटक में प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं. वो बेलगाव लोकसभा सीट से चौथी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं.

चनबसप्पा कई शिक्षण संस्थान भी संचालित करते हैं. वाणिज्य में स्नातक करने वाले चनबसप्पा ने क़ानून की पढ़ाई भी की है.

उन्होंने 1996 में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था. साल 2001 में उन्हें बेलगाम का बीजेपी ज़िलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था.

2004 में पहली बार सांसद चुने जाने के बाद साल 2008 में उन्होंने सुरेश अंगड़ी एजुकेशन फ़ाउंडेशन की स्थापना की और कई कॉलेज स्थापित किए.

अंगड़ी को रेलवे मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

11. नित्यानंद राय यादव

बिहार भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय को भी इस बार भारत सरकार में गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

2000 से 2014 तक विधायक रहे. नित्यानंद राय 2014 में पहली बार सांसद चुने गए थे.

उन्होंने इस बार उजियारपुर लोकसभा सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को हराया है.

नित्यानंद राय ने 1981 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्र राजनीति शुरू की थी.

12. प्रताप चंद्र षडंगी

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प्रताप चंद्र षडंगी ओडिशा के बालासोर से पहली बार सांसद चुने गए हैं. इन्हें लघु और मध्यम उद्यम प्रभार मंत्रालय सौंपा गया है.

ओडिशा के तटीय इलाक़े में षडंगी एक सरल राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर पहचाने जाते हैं.

साइकिल पर अपना चुनाव प्रचार करने वाले षडंगी का मुक़ाबला दो करोड़पति उम्मीदवारों से था.

वो शराब विरोधी अभियान में भी सक्रिय रहे हैं. वो ओडिशा की बजरंग दल इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. राज्य की विश्व हिंदू परिषद ईकाई के भी वरिष्ठ सदस्य रह चुके हैं.

13. रतन लाल कटारिया

हरियाणा के अंबाला से तीसरी बार भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया को भी राज्यमंत्री बनाया गया है.

वो इससे पहले हरियाणा की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं. कटारिया को 1980 में भाजयुमो का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था.

इसके बाद वह पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश मंत्री, अनुसूचित जाति मोर्चा के अखिल भारतीय महामंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. कटारिया हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष भी रहे हैं.

इन्हें जल संसाधन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

14. रामेश्वर तेली

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असम के डिब्रूगढ़ से भाजपा सांसद रामेश्वर तेली को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. तेली 2014 से डिब्रूगढ़ सीट से सांसद हैं.

बीजेपी पूर्वोत्तर पर ख़ास ध्यान दे रही है और असम के कई इलाक़ों में तेली राजनीतिक प्रभाव रखते हैं. वो 2001-2006 और 2006-2011 तक असम की दुलियाजान सीट से विधायक रहे.

रामेश्वर तेली को फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

15. कैलाश चौधरी

राजस्थान के बाड़मेर से भाजपा सांसद कैलाश चौधरी को भी राज्यमंत्री बनाया गया है.

1973 में जन्मे कैलाश चौधरी ने एमए के अलावा बीपीएड की डिग्री भी ली है.

जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह को हराकर कैलाश चौधरी संसद पहुंचे हैं.

भाजपा ने उन्हें निवर्तमान सांसद कर्नल सोनाराम का टिकट काटकर चुनाव मैदान में उतारा था.

चौधरी ने तीन लाख से अधिक वोटों से धमाकेदार जीत हासिल की. कैलाश को कृषि मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

16. देबोश्री चौधरी

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पश्चिम बंगाल की रायगंज लोकसभा सीट से चौंकाने वाली जीत हासिल करने वाली देबोश्री चौधरी को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है.

48 वर्षीय देबोश्री पश्चिम बंगाल बीजेपी की सचिव हैं.

रायगंज में रैली के दौरान अमित शाह ने वादा किया था कि अगर जनता देबोश्री को जिताकर भेजेगी तो उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी.

देबोश्री ने ये सीट सीपीएम के वरिष्ठ नेता मोहम्मद सलीम और कांग्रेस की दीपा दासमुंशी को हराकर जीती है.

देबोश्री को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

17. रेणुका सिंह

छत्तीसगढ़ की सरगुजा सीट से सांसद निर्वाचित हुईं रेणुका सिंह को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई है.

रेणुका सिंह सरगुजा की पहली महिला सांसद हैं.

रेणुका ने इस सीट से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता खेलसाई सिंह को डेढ़ लाख से अधिक वोटों से हराया है.

दो बार विधायक रहीं रेणुका रमन सिंह की सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री भी थीं.

12वीं तक पढ़ीं रेणुका सिंह 2000 में रामानुजगह बीजेपी इकाई की पहली महिला अध्यक्ष बनीं थीं. वो गोंड समुदाय से आती हैं.

रेणुका सिंह को आदिवासी मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार दिया गया है.

18. सोम प्रकाश

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पंजाब के होशियारपुर से भाजपा सांसद सोम प्रकाश को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सोम प्रकाश जालंधर शहर के डिप्टी कमिश्नर रह चुके हैं.

पंजाब के दोआब क्षेत्र में वो एक चर्चित दलित चेहरा हैं. उन्होंने इस सुरक्षित सीट से 42 प्रतिशत मत हासिल करके चुनाव जीता है.

बीजेपी में शामिल होने के लिए वो समय से पहले ही रिटायर हो गए थे.

उन्होंने 2009 का चुनाव भी इसी सीट से लड़ा था लेकिन बहुत कम अंतर से हार गए थे. 2017 में वो फगवाड़ा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे.

इन्हें वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

19. वी मुरलीधरन

राज्यसभा सांसद वी मुरालीधरन केरल से मोदी सरकार में एकमात्र मंत्री हैं. कन्नूर ज़िले के थलासेरी के रहने वाली मुरालीधरन युवावस्था से ही बीजेपी से जुड़े हैं.

आपातकाल के दौरान वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के स्थानीय नेता थे. अंग्रेजी साहित्य में स्नातक मुरालीधरन एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद मुंबई चले गए थे.

वो 1999 में नेहरु युवा केंद्र के उपाध्यक्ष भी रहे. वो केरल बीजेपी के दो बार अध्यक्ष भी रहे हैं. साल 2018 में वो राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए थे.

मुरलीधरन को विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

20. जी किशन रेड्डी

तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने भी केंद्रीय राज्य मंत्री पद की शपथ ली है. इन्हें गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है.

एक आम कार्यकर्ता से राज्य बीजेपी अध्यक्ष तक पहुंचे किशन रेड्डी ने जय प्रकाश नारायण से प्रभावित होकर राजनीति में क़दम रखा था और सबसे पहले जनता पार्टी में युवा कार्यकर्ता के तौर पर शामिल हुए थे.

तीन बार विधायक रह चुके रेड्डी सिकंदराबाद सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं. वो भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

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