सरकार ने माना, बेरोज़गारी दर 45 साल में सबसे ज़्यादा: प्रेस रिव्यू

  • 1 जून 2019
बेरोज़गारी इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption प्रतीकात्मक तस्वीर

सरकार ने देश में बेरोज़गारी दर के बढ़ने से जुड़े आकंड़े जारी किए हैं. चुनाव से पहले इन आंकड़ों के लीक होने पर काफी विवाद हुआ था.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित समाचार के अनुसार अब सरकार ने यह आंकड़े खुद जारी किए हैं जिसमें माना गया है कि भारत में बेरोज़गारी दर पिछले चार दशक में सबसे ज़्यादा पहुंच गई है.

सरकार की ओर जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष यानी 2017-18 के दौरान बेरोज़गारी दर 6.1 फीसदी बढ़ी. ये डेटा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल सदस्यों के शपथग्रहण समारोह के एक दिन बाद जारी हुआ है.

सरकार ने पहले लीक हुई रिपोर्ट को यह कहते हुए ख़ारिज किया था कि बेरोज़गारी के आंकड़ों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है.

इसके साथ ही देश की आर्थिक वृद्धि दर भी धीमी पड़कर पांच साल के न्यूनतम स्तर यानी 5.8 फ़ीसदी पर पहुंच गई है. इससे पहले वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में विकास दर 7.2 फ़ीसदी रही थी.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
बेरोज़गारी के आंकड़ों पर नीति आयोग की सफ़ाई

मेट्रो और बसों में मुफ़्त यात्रा कर सकेंगी महिलाएं

दिल्ली सरकार महिलाओं को मेट्रो और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा कराने की योजना पर काम कर रही है. आने वाले समय में दिल्ली में मेट्रो व बसों में यात्रा करने के लिए महिलाओं को टिकट नहीं लेना पड़ेगा.

दैनिक जागरण में प्रकाशित इस ख़ास ख़बर के अनुसार अगर कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई तो छह महीने में योजना लागू हो जाएगी. दिल्ली सरकार ने इसके लिए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से जल्द प्रस्ताव लाने को कहा है.

सरकार ने डीएमआरसी से पूछा है कि वह इस योजना को कैसे लागू करेगी? मुफ्त पास की व्यवस्था होगी या कोई अन्य विकल्प होगा? अनुमान है कि योजना को लागू करने पर सरकार पर प्रति वर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

ख़बर में बताया गया है कि दिल्ली सरकार की मंशा इस योजना को बसों और मेट्रो में एक साथ लागू करने की है. डीटीसी व क्लस्टर स्कीम की बसों में इसे लागू करने में सरकार के सामने कोई अड़चन नहीं है, मगर मेट्रो में सुरक्षा की दृष्टि से इसे लागू कर पाना थोड़ा मुश्किल काम है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

बोर्ड परीक्षा दो बार कराने की सिफारिश

अमर उजाला की एख ख़बर के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक कमेटी ने सेमेस्टर सिस्टम की तर्ज पर बोर्ड परीक्षाएं भी साल में दो बार कराने की सिफारिश की है.

अख़बार के मुताबिक इस कमेटी के अध्यक्ष इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के कस्तूरंगन हैं. इस कमेटी ने शुक्रवार को नए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को राष्ट्रीय नीति का ड्राफ्ट सौंपा.

ड्राफ्ट में कहा गया है कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बच्चों के तनाव कम करना चाहिए. छात्रों को बोर्ड परीक्षा में विषयों को दोहराने की अनुमति देने के लिए एक नीति बनाने को कहा गया है. इसके तहत अगर छात्र को लगता है कि वह और बेहतर कर सकता है तो उसे परीक्षा देने का एक और विकल्प देना चाहिए.

जय श्री राम के नारे पर ममता का गुस्सा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के सामने एक बार फिर भीड़ ने जय श्री राम के नारे लगाए जिससे वो नाराज हो गईं.

दैनिक भास्कर में प्रकाशित समचार के अनुसार, ममता उत्तर 24 परगना ज़िले के नैहाटी जा रही थीं. जहां लोकसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित हिंसा के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था.

ममता का काफिला भाटपारा पहुंचा तभी वहां नारेबाजी शुरू हो गई. समाचार के अनुसार नारेबाज़ी से नाराज़ ममता ने कहा, ''ये लोग बंगाल के नहीं हैं. यह लोग भाजपा के गुंडे हैं. इन लोगों ने मुझे अपशब्द भी कहे. मैं सबके ख़िलाफ़ कार्रवाई करूंगी.''

ये भी पढ़ेंः

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार