‘बच्ची के रेप के मुसलमान अभियुक्त पर हिंदू युवक के हमला करने’ का सच: फ़ैक्ट चेक

  • 11 जून 2019
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सोशल मीडिया पर आपसी मारपीट का एक वीभत्स वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि 'उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में 8 साल की बच्ची का रेप करने वाले एक मुस्लिम अभियुक्त को एक हिंदू लड़के ने चाकुओं से गोद दिया'.

फ़ेसबुक और ट्विटर पर यह वीडियो 50 हज़ार से ज़्यादा बार देखा जा चुका है और इसी दावे के साथ यह वीडियो सर्कुलेट किया जा रहा है.

वीडियो में दिखाई देता है कि भीड़भाड़ वाली एक सड़क पर, दिन के उजाले में कुछ लोग एक युवक को बेरहमी से पीट रहे हैं. तभी भीड़ में मौजूद नीली क़मीज़ वाला एक शख़्स पिट रहे युवक को चाकू मारने लगता है.

दक्षिणपंथी रुझान वाले कई फ़ेसबुक ग्रुप्स में यह वीडियो भड़काऊ संदेशों के साथ पोस्ट किया गया है.

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'भगवा आतंकी' नाम के एफ़बी ग्रुप ने यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, "अब देश में यही होगा बलात्कारी लोगों के साथ. अब हिन्दू जाग गया है."

कई लोगों ने #अब_होगा_न्याय के साथ इस वीडियो को तेलंगाना राज्य के हैदराबाद शहर का बताया है.

जिन लोगों ने इस वीडियो को हैदराबाद का बताकर शेयर किया है, उन्होंने दावा किया है कि एक मुस्लिम युवक ने अपनी बहन के प्रेमी पर इसलिए चाकू से हमला कर दिया, क्योंकि वो ग़ैर-मुस्लिम था.

बीबीसी के कुछ पाठकों ने भी वॉट्सऐप के ज़रिए हमें यह वीडियो भेजा है. साथ में उन्होंने ये दोनों तरह के दावे भी हमसे शेयर किये हैं और वीडियो की सच्चाई जाननी चाही है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की पड़ताल में हमने पाया कि ये दोनों ही दावे ग़लत हैं.

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वीडियो की पड़ताल

रिवर्स इमेज सर्च से पता चलता है कि इस वीडियो के कई वर्जन बीते तीन दिन में सोशल मीडिया पर शेयर किये गए हैं.

इनमें से कुछ वीडियो थोड़ा दूर से बनाए गए हैं जिनमें नीले रंग की एक बस और पीले रंग के कुछ ऑटो-रिक्शा घटनास्थल के पास से गुज़रते दिखाई देते हैं.

जबकि इसी घटना के जो दूसरे वीडियो सर्कुलेट किये जा रहे हैं, उन्हें अलग एंगल से शूट किया गया है और इनमें मेट्रो ट्रेन का पुल नज़र आता है.

लेकिन घटनास्थल पर खड़ी एक पुरानी टोयोटा क्वालिस कार, नीले कपड़ों वाला हमलावर और उसे रोकतीं कुछ बुर्क़ानशी महिलाएं हर वीडियो में दिखती हैं.

हमने पाया कि शुरुआती पोस्ट्स में इस वीडियो को हैदराबाद शहर का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था, लेकिन दो बाद इसे उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का बताकर शेयर किया जाने लगा.

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Image caption तेलंगाना के लगभग सभी स्थानीय मीडिया संस्थानों ने इस ख़बर को कवर किया था

'हिंदू-मुस्लिम एंगल' ग़लत

इस वायरल वीडियो के बारे में ज़्यादा जानकारी लेने के लिए हमने हैदराबाद पुलिस से बात की.

हैदराबाद पुलिस के एसीपी तिरुपतन्ना ने कहा कि ये मामला हैदराबाद शहर के पश्चिमी इलाक़े पन्जागुट्टा का है.

तिरुपतन्ना ने बीबीसी के सहयोगी याक़ूत अली को बताया कि ये एक पारिवारिक विवाद का मामला है और दोनों ही परिवार मुस्लिम हैं. हिंसा की इस घटना के बाद हैदराबाद शहर के एसआर नगर पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज की गई थी और इंस्पेक्टर अजय कुमार इस मामले की जाँच कर रहे हैं.

जाँचकर्ता पुलिस अधिकारी अजय कुमार ने बताया, "ये घटना 7 जून 2019, सुबह की है. दोनों परिवार मेरे सामने पुलिस स्टेशन से सुलह करके निकले थे. कुछ ही देर बाद ये ख़बर मिली कि लड़की (फ़ातिमा) के परिवार वालों ने अपने ही दामाद (इम्तियाज़) पर हमला कर दिया है."

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"अपने परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ जाकर फ़ातिमा ने 6 जून 2019 को अपने प्रेमी इम्तियाज़ से शादी कर ली थी जिससे लड़की के परिवार वाले नाख़ुश थे."

अजय कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो में जो शख़्स इम्तियाज़ पर चाकू से हमला कर रहा है, वो लड़की का भाई सैय्यद फ़ारूक़ अली है जिसे पुलिस ने रिमांड पर भेज दिया है.

पुलिस के अनुसार फ़ातिमा के परिवार के पाँच अन्य लोगों को भी गिरफ़्तार किया गया है और दो अन्य लोग अभी फ़रार हैं.

अजय कुमार ने बताया कि इस मामले से 'हिंदू-मुस्लिम' एंगल को किसी भी तरह जोड़ना बिल्कुल ग़लत है.

'दोनों अब साथ हैं'

पुलिस इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि इम्तियाज़ को इस हमले में गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन वो अब ख़तरे से बाहर हैं और पन्जागुट्टा इलाक़े के एक स्थानीय अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.

अजय कुमार ने यह भी कहा कि इस हमले के दौरान फ़ातिमा को भी चोट लगी थी. लेकिन अब फ़ातिमा और इम्तियाज़ साथ में हैं.

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