कश्मीर में चरमपंथी हमला: सीआरपीएफ़ के 5 जवानों की मौत, आज की बड़ी ख़बरें

  • 12 जून 2019
सीआरपीएफ़ इमेज कॉपीरइट EPA

भारत प्रशासित कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में चरमपंथियों के हमले में सीआरपीएफ़ के पाँच जवान मारे गए हैं. जबकि पाँच लोग घायल हैं. इनमें सीआरपीएफ़ के तीन जवान, एक पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक है.

पुलिस सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि मुठभेड़ में एक चरमपंथी भी मारा गया है. अधिकारियों ने बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर को बताया है कि चरमपंथी एक गाड़ी पर आए और सीआरपीएफ़ जवानों पर हमला कर दिया.

इलाक़े को घेर लिया गया है और उस इलाक़े में और सैन्यकर्मियों को तैनात किया गया है. इस साल सेना की कार्रवाई में बड़ी संख्या में चरमपंथी मारे गए हैं. फरवरी में पुलवामा में चरमपंथी हमले में सीआरपीएफ़ के 40 जवान मारे गए थे.

इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था.

नीरव मोदी की ज़मानत याचिका ख़ारिज

इमेज कॉपीरइट Nirav Modi/Facebook

लंदन की एक अदालत ने एक बार फिर भारत के हीरा कारोबारी नीरव मोदी की ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है.

बुधवार को रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस ने नीरव मोदी को जमानत देने से इनकार कर दिया है. नीरव मोदी को निचली अदालत में ज़मानत न मिलने के कारण उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका डाली दी थी और ये उनका चौथा प्रयास था.

नीरव मोदी की याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति इंग्रिड सिमलर की. उनका कहना था कि ये मामला काफ़ी महत्वपूर्ण हैं, जिसके लिए अधिक समय की ज़रूरत है.

उन्होंने ये भी कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि नीरव मोदी ने सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है और उन्हें ख़त्म करने की कोशिश की है.

मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक से क़रीब 13 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ लेकर न चुकाने के आरोप हैं. इसे भारत का सबसे बड़ा बैंक घोटाला भी माना जाता है.

भारत ने अगस्त में ब्रिटेन से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग की थी. वे जनवरी 2018 से ब्रिटेन में रह रहे हैं और उन्हें इस साल के मार्च में लंदन में गिरफ़्तार किया गया था.

ये भी पढ़ें- नीरव मोदी की ज़मानत याचिका फिर ख़ारिज

नीरव मोदी तक पहुंचना टेलीग्राफ के पत्रकार के लिए कितना मुश्किल था

इमेज कॉपीरइट Reuters

पत्रकार के साथ मारपीट के बाद पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के शामली शहर में एक पत्रकार के साथ मारपीट करने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

पुलिस पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज के आरोप हैं.

अमित शर्मा एक टीवी चैनल में कार्यरत हैं . उनकी पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है, जिसमें साफ़ देखा जा सकता है कि उनके साथ मारपीट की जा रही है और वहीं यूपी पुलिस भी खड़ी हुई है.

घटना शामली शहर के धीमानपुरा फाटक के पास की है जहां ट्रैक बदलने के दौरान मालगाड़ी के कुछ डिब्बे पटरी से उटर गए थे.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ अमित शर्मा ने पुलिस पर आरोप लगाए हैं कि वे सादे कपड़े में थे. अमित ने बताया, "उन्होंने मुझे मारा, गाली दी और मेरे कैमरे को भी तोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने मुझे जेल में डाला और मेरे मुंह पर पेशाब किया."

वीडियो के सामने आने पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले पर संज्ञान लिया और एसएचओ जीआरपी शामली राकेश कुमार और कॉन्सेटेबल संजय पवार को सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं.

पिछले हफ्ते ही तीन पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर उनकी छवि को धुमिल करने का आरोप था.

दिल्ली में पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया गया था. मंगलवार को दिल्ली के प्रशांत कनौजिया को सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत रिहा करने के आदेश भी दिए और कहा कि एक ट्वीट के आधार पर किसी को गिरफ़्तार नहीं किया जा सकता.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार