प्रेस रिव्यूः जेल से बाहर आ सकते हैं राम रहीम

  • 25 जून 2019
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दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में जेल में सज़ा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर आ सकते हैं.

हिंदुस्तान समाचार पत्र में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, राम रहीम ने जेल प्रशासन से 42 दिन की पैरोल मांगी है. हरियाणा के जेल मंत्री कृष्णलाल पवार ने बताया कि इस पर फैसला प्रशासन को लेना है लेकिन नियमों के अनुसार राम रहीम को पैरोल मिल सकती है.

जेल मंत्री ने कहा कि दो साल सज़ा भुगतने के बाद दोषी पैरोल के हक़दार होते हैं. अगर किसी का जेल में अच्छा आचरण होता है तो पैरोल दी जा सकती है.

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी कहा है कि अगर राम रहीम शर्तों को पूरा करते हैं तो पैरोल की अनुमति दी जाएगी.

गुरमीत राम रहीम ने हरियाणा के सिरसा ज़िले में अपने खेतों में खेती करने के लिए एक महीने से अधिक की पैरोल मांगी है. वह रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं.

एलओसी नहीं लांघ पाया था पाकिस्तान

पाकिस्तान में बालाकोट पर भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों की नाकाम कोशिश की थी, लेकिन उनके विमान नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार नहीं कर सके थे. यह जानकारी एयर चीफ़ मार्शल बी.एस. धनोआ ने दी है.

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित समाचार के अनुसार, अख़बार के संवाददाता ने एयर चीफ़ मार्शल से पूछा कि करगिल के दौरान पाकिस्तान भारत के एयरस्पेस में आने की हिम्मत नहीं कर पाया, लेकिन बालाकोट के बाद वह आया, इन 20 साल में क्या बदल गया?

इसके जवाब में एयर चीफ़ मार्शल ने कहा, ''वह हमारे एयरस्पेस में नहीं आए. उनमें से कोई लाइन ऑफ़ कंट्रोल (एलओसी) क्रॉस कर हमारे इलाक़े में नहीं आया. यह देखना होता है कि हमारा ऑब्जेक्टिव क्या था और उनका क्या था? हमारा ऑब्जेक्टिव बालाकोट में स्ट्राइक करना था, जो हमने सफलतापूर्वक हासिल किया. उनका (पाकिस्तान) ऑब्जेक्टिव हमारे आर्मी के ठिकानों पर हमला करना था, वह नहीं कर पाए.''

27 फरवरी को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन करते हुए भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी. तब एयरफोर्स ने भी कहा था कि पाकिस्तानी एफ़-16 घुस आया था, जिसे मार भगाया गया.

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काले धन का अनुमान लगाना मुश्किल

ससंद की वित्त मामलों की स्थायी समिति की मानें तो देश में कितना कालाधान है इसका पूरी तरह पता लगा पाना बहुत मुश्किल है.

संसद को सौंपी गई रिपोर्ट में समिति ने बताया कि कालेधन को लेकर जितने भी आंकड़े देश में मौजूद हैं वो सिर्फ़ अनुमानों पर आधारित हैं.

द हिंदू में प्रकाशति ख़बर के अनुसार, देश के तीन संस्थान, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक फ़ाइनेंस एंड पॉलिसी, द नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़ाइनेंशियल मैनेजमेंट और नेशनल काउंसिल ऑफ़ एपलाइड इकोनॉमिक रिसर्च ने यह रिपोर्ट पेश की.

इस रिपोर्ट के अनुसार कालेधन की मात्रा देश की जीडीपी के 7 से लेकर 120 प्रतिशत के बीच है.

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बीजेपी और हुर्रियत के बीच बातचीत संभव

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने हाल ही में ऐसे संकेत दिए थे कि अलगाववादी नेता बातचीत के लिए तैयार दिख रहे हैं. इसके बाद अब बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने भी बातचीत की पहल आगे बढ़ाने की बात कही है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित समाचार के अनुसार, अविनाश राय खन्ना ने कहा है, ''हमारे दरवाज़े सभी के लिए खुले हैं, बस वह बातचीत भारत के संविधान के दायरे में होनी चाहिए.''

हाल ही में हुर्रियत के चेयरमैन मिरवाइज उमर फ़ारूक़ ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा था कि अगर दिल्ली से बातचीत के लिए सकारात्मक पहल होगी तो वे भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे.

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