कभी पिता कैलाश विजयवर्गीय के हाथ में था 'जूता' तो अब बेटे आकाश के हाथ में 'बल्ला'

  • 28 जून 2019
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वरिष्ठ बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय की एक पुरानी तस्वीर ने उनके विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय पर जारी विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है.

तस्वीर को लेकर दो तरह की कहानियां सोशल मीडिया पर घूम रही है - एक के मुताबिक़ ये कैलाश विजयवर्गीय की एक सीनियर पुलिस अधिकारी को पीटने की है. दूसरे में कहा जा रहा है कि नहीं बात कुछ और है.

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर में दो दिनों पहले नगर निगम कर्मियों की बल्ले से पिटाई करने वाले पार्टी विधायक आकाश विजयवर्गीय के पक्ष में धरना-प्रदर्शन किया और शहर में जगह-जगह 'सैल्यूट आकाशजी' के पोस्टर लगे नज़र आए जिस पर विपक्षी नेता और लोग सवाल कर रहे हैं कि ख़ुद को दूसरों से अलग कहने वाले राजनीतिक दल का चाल, चरित्र क्या यही है?!

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Image caption लोग सीनियर और जूनियर विजयवर्गीय को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा कर रहे हैं

कैलाश विजयर्गीय की तस्वीर को शेयर करते हुए लोग सोशल मीडिया पर इसे आकाश विजयवर्गीय की कारगुज़ारी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं और लिख रहे हैं - 'पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा ... बेटा हमारा ...' और 'बेटा बाप को देख कर ही सीखता है.'

हालांकि इंदौर-स्थित वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी नब्बे के दशक की इस तस्वीर के बारे में कुछ यूं बताते हैं: कैलाश विजयवर्गीय का किसी थाना स्तर के कर्मचारी से विवाद हो गया था, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रमोद पलनीकर मामले में बीच बचाव करने पहुंचे तो सीनियर विजयवर्गीय ने उनसे हाथ में जूता लेकर कहा कि अगर उक्त अधिकारी (थानेदार) रास्ते पर नहीं आया तो वो उसकी जूतों से पिटाई करेंगे.

अरविंद तिवारी कहते हैं, 'ये जो कहा जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गीय ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रमोद पलनीकर पर भी जूतों की बौछार कर दी थी,' ये पूरी तरह असत्य है.

कांग्रेस राज्य इकाई के प्रवक्ता केके मिश्रा सवाल करते हैं, 'जूते से समझाते हैं क्या किसी को?'

इस बारे में कैलाश विजयवर्गीय से टेलीफ़ोन पर बात करने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं, उनको भेजे मैसेज का भी किसी तरह का कोई जवाब नहीं आया.

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Image caption आकाश विजयवर्गीय इंदौर से विधायक हैं और बीजपी के सीनियर नेता कैलाश विजयवर्गीय की पुत्र हैं

कैलाश-आकाश कितने अलग

इस बीच, आकाश विजयवर्गीय को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश विजयवर्गीय, जो पहली बार इंदौर से विधायक बने हैं का एक वीडियो दो दिनों पहले वायरल हुआ जिसमें वो पहले तो किसी जर्जर मकान को ढहाने गए कर्मीदल से जाने को कह रहे हैं और फिर उनपर क्रिकेट के बल्ले से हमला करने लगते हैं.

इस मामले पर जब बीजेपी महासचिव और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के क़रीबी बताये जाने वाले कैलाश विजयवर्गीय से आकाश की कागगुज़ारी पर किसी टीवी चैनल ने सवाल किए तो उन्होंन तड़ाक से एंकर को कह डाला कि तुम्हारी औक़ात क्या है.

हालांकि मीडिया और लोगों के बीच इस मामले पर ज़ोर-शोर से चर्चा हो रही है लेकिन बीजेपी ने एक प्रशासनिक अधिकारी पर हुए हमले पर लगभग ख़ामोशी अख़ित्यार कर रखी है सिवाए मध्य प्रदेश की पूर्व शिवराज सिंह सरकार में मंत्री नरोत्तम मिश्रा के.

पूर्व मंत्री और बीजेपी के सीनियर नेता नरोत्तम मिश्रा के हवाले से कहा गया है कि आकाश विजयवर्गीय ऐसा 'नातजुर्बैकारी की वजह से कर बैठे हालांकि उनका इरादा अच्छा था.'

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Image caption कैलाश विजयवर्गीय कभी मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के प्रतिद्वंदियों में गिने जाते थे

शिवराज सिंह चौहान सरकार में मंत्री रह चुके नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि जर्जर घर को ढहाने के लिए आए नगर निगम कर्मी महिलाओं के साथ अभद्रता कर रहे थे.

आकाश विजयवर्गीय ने लगभग यही बात नगर निगम अमले की पिटाई के बाद कही थी.

इंदौर शहर में पार्टी की ओर से हुए धरना प्रदर्शन को लेकर मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यसमिति के सदस्य गोविंद मालू कहते हैं कि पार्टी ने निर्णय लिया है कि प्रशासन के राजनीतिकरण और कांग्रेसीकरण के ख़िलाफ़ ये धरना होना चाहिए.

गोविंद मालू आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस नेता नगर निगमों की मदद से मकानों को ख़ाली करवा कर वहां बड़े भवनों और कॉम्पलेक्स बनवाने का धंधा कर रहे हैं और इंदौर में हो रही कार्रवाई भी उसी का हिस्सा है.

केके मिश्रा कहते हैं कि इंदौर नगर निगम पर दशकों से बीजेपी का क़ब्ज़ा है और जिस जर्जर मकान को ढहाने की कार्रवाई निगम का अमला कर रहा था उसका नोटिस तो शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में ही दिया जा चुका था.

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