कर्नाटक में कामयाब होगी बीजेपी की रणनीति?

  • 9 जुलाई 2019
कर्नाटक में बीजेपी की रणनीति सफल होती दिख रही है? इमेज कॉपीरइट Getty Images

कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार को गिराने की कोशिश हो रही है.

लेकिन ये कोशिश पहले जैसी नहीं है, पहले खुले तौर पर ऑपरेशन चलाए गए थे. इस बार उस तरह से नहीं हो रहा है, क्योंकि उस तरह करने से आलोचना होगी.

वो अपना काम तो कर ही रहे हैं. अबतक 13 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं.

इससे सदन का पूरा आंकड़ा नीचे हो गया है. ये 105-150 पर आ पहुंचा है. अब अगर और विधायक जाते हैं तो बहुमत ना होने की वजह से सरकार गिर जाएगी.

ये साफ है कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है, वो बीजेपी के साथ जाना चाह रहे हैं.

मुझे लगता है कि अगर जेडीएस और कांग्रेस अपना घर ठीक-ठाक नहीं रख पाई है तो आप उंगली किसके ऊपर उठाएंगे.

इमेज कॉपीरइट EPA

सोची समझी रणनीति

ये सब सोची समझी रणनीति के तहत हो रहा है.

जबसे बीजेपी सरकार नहीं बना पाई और कांग्रेस ने पिछले साल चुनाव के बाद तुरंत कदम उठाकर मात दे दी. तबसे बीजेपी को लगा है कि उनकी सरकार बननी चाहिए, कोशिश भी की, लेकिन कोशिश सफल नहीं रही है.

और अब बहुत सूझ-बूझ के बाद ये कदम उठा रहे हैं और उनकी रणनीति सफल होती दिख रही है.

इमेज कॉपीरइट JAGADEESH NV/EPA

क्या कांग्रेस-जेडीएस के पास है कोई विकल्प?

मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी देश लौटने के बाद हाथ-पैर मार रहे हैं और छोड़ने वाले विधायकों को मंत्रालय ऑफर कर रहे हैं.

लेकिन उन्होंने बहुत देर कर दी है. जैसे कहा जाता है कि घोड़े भाग गए, अब आप अस्तबल को बंद कर रहे हो.

कांग्रेस और जेडीएस के बीच मतभेद पहले से तीखे रहे हैं, ये पहले से मालूम था.

ये भी मालूम था कि बीजेपी ये करेगी, छोड़ेगी नहीं. फिर भी वो अपने समूह को संभाल नहीं पाए.

इसलिए कहीं ना कहीं खामिया रही हैं और गठबंधन में समस्याएं रही हैं. लेकिन वो उसे संभाल नहीं पाए.

निराशा भी बहुत है, लड़ाईयां बहुत हैं. राष्ट्रीय विपक्ष के लिए निराशा की स्थिति है.

एक और बनी हुई सरकार उनके हाथ से निकल जाए, इससे लग रहा है कि संभाल नहीं पा रहे हैं स्थिति को.

बीजेपी की आक्रामक राजनीति?

बीजेपी आक्रामक राजनीति तो कर रही है, लेकिन ये पिछले साल जितनी आक्रामक नहीं है.

पिछले साल जैसे विधायकों को तोड़ा नहीं जा रहा है और ना वैसे अपनी तरफ ला रहे हैं और होटल में रख रहे हैं.

हालांकि इस्तीफा देने वाले विधायक मुंबई के एक होटल में गए थे, लेकिन उस तरह से बीजेपी आक्रामक नहीं है जिस तरह पहले थी.

अंदर चाहे कुछ भी चल रहा है, लेकिन विधायक जाकर कहता है कि हम आपके साथ नहीं रहना चाहते.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

बीजेपी की दिशा बहुत स्पष्ट है. वो अपनी विचारधारा के तहत चीज़े करना चाह रहे हैं.

वो राज्य सभा में बहुमत चाहत हैं और उस दिशा की ओर बढ़ रही है.

लेकिन इस बार बीजेपी आढ़ में सबकुछ कर रही है.

वो सरकार को गिराने के इरादे से तो चीज़ें कर रहे हैं, लेकिन खुलकर नहीं कर रहे हैं.

मुझे कांग्रेस और जेडीएस से ज़बरदस्त निराशा है. सरकार आपके हाथ में आई हुई है, आपको पता है ये होने वाला है, तब भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं आप.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार