कर्नाटक के बाद अब गोवा में भी कांग्रेस के लिए संकट

  • 11 जुलाई 2019
कांग्रेस इमेज कॉपीरइट Getty Images

कर्नाटक के बाद गोवा में भी कांग्रेस के सामने संकट मंडराता नज़र आ रहा है.

गोवा में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी है और एक अलग समूह बनाकर वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं. ऐसी स्थिति में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आने वाली कांग्रेस पार्टी में अब सिर्फ़ पांच विधायक ही रह गए हैं.

गोवा की चालीस सदस्यों वाली विधानसभा में से अब बीजेपी में 27 विधायक हो गए हैं. विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में इन विधायकों ने अपना इस्तीफ़ा सौंपा.

15 विधायकों में से 10 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद गोवा में कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चोदांकर ने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य एक देश एक पार्टी बनाना रहा है और फ़िलहाल देश में ऐसे ही हालात बनते दिख रहे हैं. कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि जो कांग्रेस विधायक बीजेपी में शामिल हुए हैं या तो उन्हें ब्लैकमेल किया गया या फिर वो गठजोड़ का शिकार हुए.

चोदांकर ने कहा कि यह पूरा प्रकरण बीजेपी द्वारा सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है, एक पार्टी जो अहंकार से भरी हुई है.

वहीं इस मामले पर टिप्पणी करते हुए गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल पर्रिकर ने कहा कि उनके पिता की मौत के बाद राज्य में बीजेपी पार्टी ने एक अलग ही रुख़ अख़्तियार कर लिया है.

उत्पल पर्रिकर, अपने पिता की मृत्यु के बाद यहां विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा की टिकट के प्रबल उम्मीदवार माने जा रहे थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें मैदान में नहीं उतारा.

हालांकि उत्पल ने ये ज़रूर साफ़ किया कि वो बीजेपी में ही बने रहेंगे और पार्टी के लिए सालों से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को सहयोग करेंगे.

इमेज कॉपीरइट @DRPRAMODSAWANT2/TWITTER

गोवा में पहले से ही भाजपा की सरकार है. प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ख़बर की पुष्टि करते हुए कहा है कि ये विधायक बिना किसी शर्त के भाजपा के साथ आ गए हैं और पार्टी का संख्या बल बढ़कर 27 हो गया है.

इसी संबंध में बीबीसी संवाददाता कुलदीप मिश्र ने गोवा में वरिष्ठ पत्रकार संदेश देसाई से संपर्क किया और उनसे इस घटनाक्रम के बारे में पूछा.

संदेश देसाई कहते हैं गोवा के मामले में एक बात पर ख़ास ध्यान देने की ज़रूरत है कि यहां सीधे तौर पर 10 विधायकों ने इस्तीफ़ा नहीं दे दिया है. उन्होंने पहले अपना ग्रुप बनाया और बाद में वो बीजेपी में मिल गए.

संदेश देसाई मानते हैं कि कांग्रेस से जिन नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन की है उनमें से कई बहुत वरिष्ठ नेता हैं. ऐसे में देखा जाए तो ये कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है.

लेकिन इसका मक़सद क्या रहा होगा क्योंकि राज्य में तो पहले से ही बीजेपी की ही सरकार है?

इस सवाल के जवाब में देसाई कहते हैं कि 2017 में जो चुनाव हुए थे उसमें बीजेपी की संख्या घटी थी. ऐसे में बहुत से दलों के साथ मिलकर बीजेपी ने यहां सरकार बनाई थी. यह एक माइनॉरिटी सरकार थी. देसाई मानते हैं कि बीजेपी अपने संख्या बल को बढ़ाने की कोशिश कर रही है.

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री का कहना है कि ये विधायक बिना किसी शर्त के बीजेपी में शामिल हुए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार