हार के बाद भी वतन क्यों नहीं लौट रही भारतीय क्रिकेट टीम: प्रेस रिव्यू

  • 13 जुलाई 2019
भारतीय क्रिकेट टीम इमेज कॉपीरइट Getty Images

आईसीसी विश्वकप 2019 के पहले सेमीफ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड से हारने के बाद टीम इंडिया इस प्रतिस्पर्धा से बाहर हो चुकी है.

बावजूद इसके टीम विश्वकप की समाप्ति तक मैनचेस्टर में ही रहेगी.

दैनिक हिंदुस्तान अख़बार के मुताबिक, बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों के लिए टिकट का इंतज़ाम नहीं कर पा रही है.

सूत्रों के हवाले से छपी इस ख़बर के मुताबिक़, अचानक से प्रतियोगिता से बाहर हो जाने के कारण बीसीसीआई को तत्काल टिकट का बंदोबस्त करने में परेशानी हो रही है. इसकी वजह से टीम इंडिया और उनके सहायक स्टाफ़ मैनचेस्टर में ही फंस गए हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

इसी अख़बार की एक अन्य ख़बर के मुताबिक़, बच्चों के साथ दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की है. अदालत ने कहा है कि पिछले छह माह में बच्चों से रेप के 24 हज़ार से ज़्यादा मामले दर्ज किए गए हैं.

लद्दाख में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोशिश

डोकलाम गतिरोध के दो साल बाद चीन की सेना ने एक बार फिर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की. यह घटना छह जुलाई की है. जनसत्ता अख़बार ने भारतीय सैन्य अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि वहां मौजूद भारतीय सेना के अधिकारियों के समझाने और एतराज़ करने के बाद वो लोग वहां से वापस चले गए.

इसी अख़बार की एक अन्य ख़बर पर गौर करें तो संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति हुई है. इस रिपोर्ट के अनुसार 2006 से 2016 के बीच देश में रिकॉर्ड स्तर पर 27 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से उबरे हैं.

इमेज कॉपीरइट ANI

नवभारत टाइम्स ने ऋषिकेश स्थित लक्ष्मण झूले को बंद किये जाने की ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार लिखता है कि 90 साल पुराने इस झूले को सुरक्षा कारणों के चलते बंद करने का फ़ैसला किया गया है.

पीडब्ल्यूडी के एक आला अधिकारी के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि आने-जाने वालों के बढ़ते दबाव की वजह से यह कमज़ोर हो गया था, जिस वजह से यह फ़ैसला लिया गया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार