जब अमित शाह को ओवैसी पर आया 'गुस्सा'

  • 16 जुलाई 2019
अमित शाह इमेज कॉपीरइट Getty Images

भारत में आतंकवादी हमलों की जांच करने वाली एजेंसी एनआईए को (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और ताक़त देने वाले बिल पर लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बीच तीखी बहस हुई.

लोकसभा में एनआईए संशोधन बिल 2019 सोमवार को पारित हो गया. इस संशोधन से एनआईए को साइबर क्राइम, मानव तस्करी और विदेशों में भारतीयों पर हुए हमले की जांच करने की ताक़त दी गई है. इस बिल को अब राज्यसभा में पास कराना होगा और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद लागू हो जाएगा.

लोकसभा में विपक्ष के सांसदों ने इस बिल पर कई तरह की आपत्तियां दर्ज कराईं. विपक्ष ने कहा कि बिल से भारत पुलिस स्टेट की ओर बढ़ेगा और ताक़त के दुरुपयोग की भी आशंका जताई. हालांकि सरकार ने विपक्ष को आश्वस्त किया है कि ऐसा कुछ भी नहीं होगा.

इस बिल पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने कहा, ''आप विदेश में एनआईए को जांच के लिए भेजेंगे तो उसके पास ऐसी कौन सी अलग ताक़त होगी जो पहले नहीं थी. आप अमरीका और इसराइल से तुलना नहीं कर सकते हैं. वैसे देशों से भी भारत की तुलना नहीं कर सकते हैं जो दूसरों की संप्रभुता में दख़अंदाज़ी करते हैं. आप इस बिल के नाम पर एनआईए को ऐसी ताक़त देने की बात कर रहे हैं जिसका कोई ठोस आधार नहीं है.''

इस बिल पर बहस के दौरान बीजेपी के सत्यपाल सिंह जो दावे कर रहे थे उस पर विपक्षी सांसदों और ओवौसी ने हस्तक्षेप किया तो बहस में अमित शाह ने दख़ल देते हुए कड़ा एतराज़ जताया. सत्यपाल सिंह ने बहस के दौरान आरोप लगाया कि हैदराबाद पुलिस कमिश्नर पर एक ख़ास केस में जांच की दिशा बदलने का दबाव डाला गया था.

सिंह ने कहा कि जब वो पुलिस कमिश्नर थे तब उन्हें इसकी जानकारी मिली थी. ओवैसी ने इस टिप्पणी पर कड़ा एतराज़ जताते हुए सत्यपाल सिंह से सबूत पेश करने को कहा.

इस बीच शाह अपनी सीट से उठे और कहा कि ओवैसी बीच में ना बोलें. शाह ने कहा, ''ओवैसी साहब और सबका सेक्युलरिज़म एकदम उभरकर सामने आया है. जब राजा साहब बोल रहे थे तो क्यों खड़े नहीं हुए? उन्होंने काफ़ी सारी बातें कीं लेकिन हम आराम से सुनते रहे. सुनने की भी आदत डालिए ओवैसी साहब. इस तरह से नहीं चलेगा. सुनना पड़ेगा.''

अमित शाह ने मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार को भी आतंक-निरोधी क़ानून पोटा को निरस्त करने को लेकर निशाने पर लिया. शाह ने कहा कि पोटा को सरकार ने कथित दुरुपयोग होने का हवाला देकर ख़त्म किया था लेकिन यह वोट बैंक बचाने की भी कवायद थी.

अमित शाह ने सभी पार्टियों से इस बिल का समर्थन करने के लिए कहा.

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