गोमांस रखने की आशंका में मदरसे में तोड़-फोड़, गांव में तनाव

  • 17 जुलाई 2019
गोमांस मिलने से उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर ज़िले में तनाव इमेज कॉपीरइट Ravi Srivastava

उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर ज़िले में कथित तौर पर गोमांस मिलने की वजह से कुछ लोगों ने एक मदरसे पर हमला बोल दिया, तोड़-फोड़ की और फिर आग लगा दी. मौक़े पर प्रशासन और पुलिस वालों के पहुंचने के बाद स्थिति को तो क़ाबू कर लिया गया लेकिन गांव में तनाव अब भी बना हुआ है.

फ़तेहपुर ज़िले में बिंदकी तहसील के बेहटा गांव में मंगलवार को एक तालाब के पास मांस से भरी बोरी मिलने से गांव वालों में आक्रोश फैल गया. गांव के लोगों ने मदरसे में तोड़-फोड़ और आगज़नी की. देखते ही देखते दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और इलाक़े में तनाव की स्थिति बन गई.

सूचना मिलते ही फ़तेहपुर के ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और स्थिति पर क़ाबू पाने की कोशिश की. पुलिस अधीक्षक रमेश का कहना था कि गोकशी के मामले में दो लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया गया है और जल्द ही दोषियों की गिरफ़्तारी होगी.

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आरोप

बताया जा रहा है कि गांव में एक दिन पहले ही कथित तौर पर गोमांस रखने, गोकशी करने और उसका अवैध व्यापार करने की ख़बरें मिली थीं.

गांव वालों ने उसकी जानकारी पुलिस वालों को भी दी लेकिन उस दिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अगले दिन जब तालाब में बड़े पैमाने पर पशुओं के अवशेष और मांस मिला तो गांव वालों ने हंगामा किया.

फ़तेहपुर के ज़िलाधिकारी संजीव कुमार सिंह भी इसकी पुष्टि करते हैं. बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "एक दिन पहले आपत्तिजनक मांस रखे जाने की ख़बरें मिली थीं. मांस भी बरामद किया गया था. उसकी सैंपलिंग करके जांच के लिए भेजा गया है. उसके बाद ही पता चलेगा कि ये गोमांस था या कुछ और. दूसरे दिन जो मदरसे में तोड़-फोड़ की घटना हुई है, उसमें दोषियों की पहचान करके उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा."

वहीं, गांव वालों का कहना है कि मदरसे के अंदर भी गोमांस मिला था इसलिए गांव वालों का ग़ुस्सा बढ़ गया, लेकिन पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है.

फ़िलहाल 60 से ज़्यादा अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा भड़काने का मुक़दमा दर्ज किया गया है. पुलिस कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है लेकिन अभी तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

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दबे मुंह हो रहीं बातें

गांव के लोग फ़िलहाल कुछ भी बताने को तैयार नहीं हैं लेकिन नाम न छापने की शर्त पर तमाम बातें कह रहे हैं. कुछ लोग घटना को यह कहकर मनगढंत बता रहे हैं कि आज तक यहां इस तरह की कोई घटना नहीं हुई जबकि यह बताने वालों की भी कमी नहीं है कि पुलिस की जानकारी में गोकशी का काम यहां काफ़ी समय से हो रहा है.

गांव के ही एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सोमवार को ही गांव में मदरसे के पीछे बने तालाब के पास गोमांस और हड्डियां मिली थीं. उस दिन भी गांव के लोग आक्रोशित हो गए थे लेकिन मौक़े पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने वहां मिले अवशेषों को गड्ढे में दबा दिया था. मामला तो इसलिए इतना बड़ा हो गया कि अगले दिन यानी मंगलवार को उसी जगह फिर से भारी मात्रा में मांस और हड्डियां मिलीं जिससे ग्रामीणों का ग़ुस्सा बढ़ गया."

वहीं, मदरसे के संचालक मौलाना अजीज उल्ला खां का कहना है कि भीड़ मदरसे में ताला तोड़कर घुसी थी और उन लोगों ने वहां रखे तमाम सामान भी तोड़ डाले. अजीज उल्ला खां के मुताबिक वो ख़ुद बड़ी मुश्किल में वहां से जान बचाकर भागे.

इस बीच, तनाव को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पीएसी भी तैनात की गई है. गांव में कई लोग गिरफ़्तारी के डर से फ़रार बताए जा रहे हैं.

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