तलाक़ के बाद गुज़ारा भत्ते में पति देगा सूट, चावल और दाल

  • 19 जुलाई 2019
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तलाक़ के मामलों में अमूमन पत्नी को गुज़ारा भत्ते के तौर पर एक तय राशि दी जाती है लेकिन हरियाणा में एक शख़्स पैसों के बदले अपनी पत्नी को कपड़े और खाने-पीने का सामान देगा.

वो हर तीन महीने में तीन सूट, हर महीने चीनी, चावल और कुछ अन्य सामान देगा.

पंजाब और हरियाणा कोर्ट में इस हफ़्ते एक शख़्स ने अपील दायर की थी कि वो अपनी पत्नी को तलाक़ के बाद गुज़ारा भत्ते की राशि के बदले ये सामान देना चाहते हैं.

कोर्ट ने शख़्स की अपील को मानते हुए उन्हें ऐसा करने की इजाज़त दे दी है.

फैसला देते हुए न्यायाधीश ने कहा, ''गुज़ारा भत्ते में पैसे देने की बजाए याचिकाकर्ता हर महीने 20 किलो चावल, पांच किलो चीनी, पांच किलो दाल, 15 किलो गेहूं, पांच किलो शुद्ध घी, हर तीन महीने में तीन सूट और हर दिन दो लीटर दूध देगा.''

कोर्ट ने फैसला आने के तीन दिनों के अंदर पति को ये सभी सामान पहुंचाने के लिए कहा है. साथ ही उन्हें अगली तारीख़ पर कोर्ट में उपस्थित होना होगा.

क्यों की ऐसी अपील

पति के वक़ील ने बताया, ''मेरे मुवक्किल की उम्र 30 साल है. उन्होंने कोर्ट से कहा कि वो एक किसान हैं और अपनी पत्नी को नगद में गुज़ारा भत्ता नहीं दे सकते, लेकिन इसके बदले वो उन्हें सामान दे सकते हैं. कोर्ट ने इसके लिए मंज़ूरी दे दी.''

वक़ील ने बताया कि पति और पत्नी दोनों हरियाणा के भिवानी में रहते हैं. उनके दो बच्चे हैं जो पति के साथ रहते हैं.

इस तरह की याचिका डालने का ख़याल कैसे आया, इस पर वक़ील ने कहा कि इसमें कुछ अलग नहीं है और ऐसा करना उनकी ज़रूरत थी.

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वक़ील ने कहा, ''वो एक किसान हैं और उनके पास अपनी ज़मीन है इसलिए वो पैसों की बजाए ये सामान आसानी दे सकते हैं.''

साथ ही पति को ये भी डर था कि गुज़ारा भत्ते के पैसों का इस्तेमाल किसी दूसरे काम के लिए भी हो सकता है या कोई और भी उसका दुरुपयोग कर सकता है.

पति के वक़ील के मुताबिक, ''पति ये पक्का करना चाहता था कि पैसे उनकी पत्नी ही इस्तेमाल करे और इसके लिए ही ये किया गया. गुज़ारा भत्ते का मकसद पत्नी के रहन-सहन को बनाए रखना होता है और इसके लिए सामान देना सबसे अच्छा तरीका है.''

उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी बात ये है कि कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार कर ली है और उनके मुवक्किल अगली तारीख़ को महिला को देने के लिए ये सब सामान लेकर आएंगे.

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