मिर्ज़ापुर: प्रियंका से गले मिलकर रोए सोनभद्र के पीड़ित

  • 20 जुलाई 2019
प्रियंका गांधी इमेज कॉपीरइट Facebook/congress

सोनभद्र में हुई हिंसा को लेकर मिर्ज़ापुर के चुनार में सियासी गहमा-गहमी जारी है. हिंसा पीड़ितों से मिलने की मांग पर अड़ीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से पीड़ित परिवारों के कुछ लोगों ने शनिवार को चुनार गेस्ट हाउस में मुलाक़ात की है.

इस दौरान पीड़ित प्रियंका गांधी के गले लगकर रोते दिखे और अपनी दिक्कतों को बयान किया. पीड़ितों ने दावा किया कि वो ख़ुद प्रियंका गांधी से मिलने आए हैं.

दूसरी तरफ प्रियंका के समर्थन में मिर्ज़ापुर आ रहे कांग्रेस और अन्य दलों के कई नेताओं को वाराणसी एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है.

प्रियंका गांधी शुक्रवार से ही पीड़ित परिवारों से मिलने की मांग कर रही थीं. सुबह भी उन्होंने यहीं मांग की.

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

प्रियंका ने बीबीसी से बातचीत में आरोप लगाया कि पीड़ितों को चुनार बुलाकर भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है.

प्रियंका ने कहा, "मैं प्रशासन की मानसिकता समझ नहीं पा रही हूं. वो मुझे क्यों परिवारों से नहीं मिलने दे रहे हैं."

उन्होंने कहा, "जब तक मैं उन परिवारों के सदस्यों से नहीं मिलूंगी. मैं यहां से नहीं जाऊंगी. प्रशासन अगर मुझे सोनभद्र के अलावा कहीं और परिवारों से मिलवाना चाहता है तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं."

पीड़ितों ने क्या कहा?

वहीं प्रियंका से मिलने पहुंचे पीड़ित परिवारों से जुड़े लोगों ने कहा, "हम अपने प्रयास से यहां प्रियंका गांधी से मिलने पहुंचे हैं. हम पंद्रह लोग थे, ऑटो से आए हैं लेकिन पुलिस ने बाकी लोगों को रोक लिया है."

प्रियंका ने कहा, "जिनसे मैं मिलने आई थी वो स्वयं मुझसे मिलने आए हैं लेकिन मुझसे नहीं मिलने दिया जा रहा है."

प्रियंका के इन आरोपों के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के लोगों को उनके पास पहुंचाया. प्रियंका गांधी से मुलाक़ात के दौरान पीड़ित परिवारों के लोग भावुक हो गए. प्रियंका ने उन्हें गले लगाया.

इमेज कॉपीरइट @Congress

इसके पहले शुक्रवार को सोनभद्र जाते हुए मिर्ज़ापुर में प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया था और वो अभी भी चुनार गेस्ट हाउस में ही मौजूद हैं.

प्रियंका रात भर कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इसी गेस्ट हाउस में थीं. वहीं यूपी पुलिस ने सुबह जानकारी दी थी कि प्रियंका गांधी इस समय पुलिस हिरासत में नहीं हैं.

वाराणासी ज़ोन के एडीजी ब्रृज भूषण ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को बताया, "प्रियंका गांधी इस समय यूपी पुलिस की हिरासत में नहीं हैं. हमने उनसे स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि वो सोनभद्र के अलावा कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं. वो इस समय गेस्ट हाउस में अपनी स्वेच्छा से हैं."

प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जो पीड़ित हैं उनसे मिलना नेता का धर्म होता है अपराध नहीं. मैंने कोई अपरध नहीं किया है. मैं कोई ज़मानत नहीं भरूंगी. एक पैसा नहीं भरूंगी."

कई नेता हिरासत में

इमेज कॉपीरइट @AITCofficial

वहीं सोनभद्र जाने के लिए वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरे कांग्रेस के तीन नेताओं जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह और दीपेंद्र हुड्डा को हिरासत में ले लिया गया है.

दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को भी वाराणसी एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया है. इसके बाद पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और अन्य सांसद एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठ गए हैं.

गेस्ट हाउस में नहीं बिजली पानी

जब शुक्रवार शाम प्रियंका गांधी को गेस्ट हाउस ले जाया गया तब यहां बिजली या पानी की व्यवस्था नहीं थी. इस दौरान कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता मोबाइल फ़ोन की लाइट में भजन-कीर्तन करते रहे.

रात क़रीब 11 बजे गेस्ट हाउस में जेनरेटर लाया गया और बिजली की व्यवस्था की गई. इस दौरान अधिकारी प्रियंका गांधी को वापस लौटने के लिए मनाने की कोशिश भी करते रहे.

लेकिन पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका ने कहा, "मैं नरसंहार पीड़ितों से मिले बिना वापस नहीं लौटूंगी."

जब उनसे बिजली और पानी न होने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "मैं संघर्ष कर रही हूं और करती रहूंगी."

हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर ये नहीं कहा कि उन्हें ऐसे गेस्ट हाउस में रखा गया है जहां बिजली और पानी की व्यवस्था नहीं है.

उन्होंने कहा, "डीएम और एसपी ने मुझसे कहा कि यहां एसी की व्यवस्था नहीं है. आप वाराणसी चली जाइये तो मैंने उनसे कहा कि मैं कही नहीं जाऊंगी, मुझे एसी या बिजली की ज़रूरत नहीं है. आप मुझे जेल में डालना चाहें तो डाल सकते हैं, पीड़ित परिवारों से मिले बिना मैं लौटूंगी नहीं."

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले के घोरावल इलाक़े के उम्भा गांव में विवादित ज़मीन को लेकर बुधवार को हुए संघर्ष में दस लोगों की मौत हो गई थी.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस घटना को 'नरसंहार' बताते हुए प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

इमेज कॉपीरइट @RanjanEcIYC
Image caption प्रियंका को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हरियाणा के जींद में प्रदर्शन करते कांग्रेसी

इससे पहले बीती शाम जब मिर्ज़ापुर पुलिस ने प्रियंका गांधी को सोनभद्र जाते हुए रास्ते में रोका तो उन्होंने कहा, "यूपी सरकार अगर उन्हें जेल में डालना चाहे तो वो इसके लिए तैयार हैं."

प्रशासन ने तनाव को देखते हुए लोगों को जमा होने से रोकने के लिए सोनभद्र में धारा 144 लागू कर दी है.

प्रियंका ने कहा, "मैंने अधिकारियों से कहा कि अगर सोनभद्र में धारा 144 है तो मैं उसका उल्लंघन नहीं करूंगी. मैं आपके साथ उनसे मिलने चली जाऊंगी. किसी भी तरह से मुझे उनसे मिलवा दीजिए."

इमेज कॉपीरइट @myogiadityanath

10 दिन में रिपोर्ट

वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र में हुई घटना के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोनभद्र मामले पर अपना बयान दे रहे थे मगर यूपी में क़ानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों ने सदन में जमकर हंगामा किया जिससे वो अपनी बात नहीं रख सके.

बाद में योगी ने एक संवाददाता सम्मेलन में पूरे विवाद के लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनके शासनकाल में ही आदिवासियों की ज़मीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया था.

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाई गई है जो 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी.

प्रियंका से जब ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "केंद्र और राज्य में सरकार किसकी है?"

वहीं उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने मीडिया को दिए बयान में कहा है, "सोनभद्र की घटना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए