कैराना के समाजवादी विधायक का भड़काऊ वीडियो वायरलः प्रेस रिव्यू

  • 23 जुलाई 2019
विधायक नाहिद हसन, Nahid Hasan इमेज कॉपीरइट Nahid Hasan
Image caption विधायक नाहिद हसन

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी के विधायक नाहिद हसन का एक वीडियो वायरल हो गया है. इस वीडियो में वो आम लोगों से बीजेपी समर्थक दुकानदारों से सामान न ख़रीदने की अपील कर रहे हैं.

वीडियो में विधायक कह रहे हैं, "मेरी अपील है कि इन बीजेपी के जितने भी लोग बाज़ार में हैं इनसे सामान लेना बंद कर दो. दस दिन- एक महीना. चाहें झिंझाना और पानीपत से जाकर ले लो. अपने इन भाइयों के लिए जो उजाड़ दिए. हम सबकी भलाई इसी में है. एक महीने का कष्ट उठा लो."

नाहिद ने अपने वीडियो पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वो उन ग़रीब लोगों की बात कर रहे थे जिनके ठेलों को ज़बरदस्ती बाज़ार से हटवा दिया गया है.

वहीं शामली पुलिस ने वीडियो की जांच के लिए एक पैनल गठित कर दिया है. पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो सही पाया जाता है तो विधायक पर क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी. नाहिद के वीडियो पर सोशल मीडिया पर भी भड़काऊ टिप्पणियां पोस्ट की जा रही हैं.

Image caption औरंगज़ेब के 55 वर्षीय पिता मोहम्मद हनीफ़

चरमपंथियों ने जिस औरंगज़ेब को मारा उसके दोनों भाई सेना में

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर में चरमपंथियों के हाथों मारे गए 44 राष्ट्रीय राइफ़ल्स के जवान औरंगज़ेब के दो भाई प्रादेशिक सेना में शामिल हो गए हैं.

औरंगज़ेब के दो भाई मोहम्मद तारिक़ और मोहम्मद शाबिर सेना में भर्ती किए गए 100 नए जवानों में शामिल हैं.

दोनों भाइयों ने जब सेना की वर्दी पहनी तो उनकी मां और पिता भी मौजूद थे. उनके सबसे बड़े भाई मोहम्मद क़ासिम भी सेना में ही हैं.

उनके पिता हनीफ़ ने कहा, "हमारा धर्म भी कहता है कि अपने देश के लिए जान दे दो. मुझे आज गर्व है कि मेरे दो और बेटे सेना में शामिल हो रहे हैं."

Image caption सोनभद्र ज़िले की वो ज़मीन जिसे लेकर हुई हिंसा में दस लोग मारे गए

सोनभद्र की ज़मीन के क़ाग़ज़ ही लापता

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोनभद्र की ज़िस ज़मीन को लेकर हुई हिंसा में दस लोग मारे गए हैं उससे जुड़े अहम दस्तावेज़ ही ग़ायब पाए गए हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विवादित ज़मीन की जांच के लिए एक पैनल गठित किया है लेकिन अब उसके सामने बड़ी दिक्कत आ रही है.

ज़िला राजस्व कार्यालय से ज़मीन से जुड़े साल 1955 के अहम दस्तावेज़ लापता मिले हैं. ज़िलाधिकारी के मुताबिक इन दस्तावेज़ों का कोई पता नहीं चल पा रहा है.

इमेज कॉपीरइट @HRDMinistry
Image caption मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक

मानव संसाधन और संस्कृति मंत्रालय को मिला दिया जाएः आरएसएस

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक आरएसएस से जुड़े एक संगठन भारतीय शिक्षा मंडल ने मानव संसाधन मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय को मिलाकर एक मंत्रालय बनाने का सुझाव दिया है.

इस संगठन का कहना है कि वो देश में शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुनरुत्थान लाने का प्रयास कर रहा है. मंडल का कहना है कि नए मंत्रालय को शिक्षा मंत्रालय का नाम दिया जा सकता है.

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