लोकसभा: आज़म ख़ान की टिप्पणी पर सदन में ज़ोरदार हंगामा

  • 25 जुलाई 2019
समाजवादी पार्टी सांसद आज़म ख़ान (फाइल चित्र)
Image caption समाजवादी पार्टी सांसद आज़म ख़ान (फ़ाइल चित्र)

समाजवादी पार्टी के सांसद आज़म ख़ान के एक बयान पर लोकसभा में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ.

उस वक़्त स्पीकर की कुर्सी पर बीजेपी सांसद रमा देवी मौजूद थीं और आज़म ख़ान सदन में अपनी बात रख रहे थे. स्पीकर की कुर्सी पर बैठीं रमा देवी ने उनसे आसन को संबोधित करने को कहा.

इसी के बाद आज़म ख़ान ने वो टिप्पणी की जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया.

रमा देवी ने आज़म ख़ान के बयान पर आपत्ति जताते हुए उनसे माफ़ी मांगने को कहा.

सांसद रमा देवी ने कहा, "ये बोलने का तरीक़ा नहीं है. कृपया इस टिप्पणी को एक्सपंज किया (रिकॉर्ड से हटाया) जाए."

इसके बाद आज़म ख़ान ने सफ़ाई दी. उन्होंने कहा, ''आप बहुत सम्मानित हैं. आप मेरी बहन की तरह हैं.''

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Image caption केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (फ़ाइल चित्र)

बीजेपी की आपत्ति

लेकिन शोर शराबा ख़त्म नहीं हुआ. भारतीय जनता पार्टी के सांसद आज़म ख़ान से माफ़ी मांगने की मांग दोहराने लगे.

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज़म ख़ान के बयान पर कड़ी आपत्ति ज़ाहिर की और उनसे माफ़ी मांगने को कहा.

वहीं, अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, 'आज़म ख़ान की बातों में कुटिलता झलकती है.'

हंगामे के दौरान आज़म ख़ान ने दावा किया कि उन्होंने कुछ ग़लत नहीं कहा है.

आज़म ख़ान ने कहा, " मैंने असंसदीय शब्द कहे हों तो इस्तीफ़ा देने को तैयार हूं. "

Image caption समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (फ़ाइल चित्र)

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आज़म ख़ान का बचाव करते हुए कहा कि उनकी मंशा ग़लत नहीं थी.

अखिलेश यादव ने कहा, "जो मैंने सुना और देखा. इनकी भाषा और भावना में कुछ ग़लत नहीं था. अगर ये असंसदीय था तो इसे रिकॉर्ड से निकाल दें. "

अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के बोलने के तरीक़े पर भी सवाल उठाए.

लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सभी सदस्यों को सलाह दी कि सदन में मर्यादित होकर बात रखी जाए.

स्पीकर ने कहा, "ये मांग करना बड़ा आसान है कि कार्यवाही से ये हटा दिया जा या वो हटा दिया जाए लेकिन हटाने की ज़रूरत ही क्यों पड़े? एक बार टिप्पणी होती है तो वो सार्वजनिक हो जाती है. इसलिए हम सभी को संसद की गरिमा को ध्यान में रखकर बोलना चाहिए."

हालांकि, हंगामे के बीच आज़म ख़ान और अखिलेश यादव सदन से बाहर चले गए.

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