इसराइल चुनाव में 'मोदी का सहारा' ले रहे हैं नेतन्याहू: प्रेस रिव्यू

  • 29 जुलाई 2019
नेतन्याहू और मोदी इमेज कॉपीरइट Getty Images

इसराइल में 17 सितंबर को चुनाव होने वाले हैं. अमर उजाला लिखता है कि प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं.

अख़बार ने लिखा है- इसराइल चुनाव में नेतन्याहू को मोदी का सहारा.

दरअसल, नेतन्याहू की पार्टी ने चुनावी विज्ञापनों में एक तस्वीर इस्तेमाल की है जिसमें नेतन्याहू और मोदी हाथ मिलाते दिख रहे हैं.

ऐसे ही अन्य पोस्टरों में नेतन्याहू के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी हैं.

लिकुड पार्टी के मुख्यालय के बाहर टांगे गए इन बड़े बैनरों में नेतन्याहू के साथ ये तीनों नेता नज़र आ रहे हैं.

दुनिया के नेताओं के साथ अच्छे रिश्ते बनाने को नेतन्याहू ने अपने चुनाव प्रचार का मुख्य विषय बनाया है.

श्रीलंका धमाकों की जांच करेगी एनआईए

इमेज कॉपीरइट Reuters

इस साल 21 अप्रैल को श्रीलंका में हुए सीरियल बम धमाकों की जांच भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार संसद में राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण संशोधन विधेयक को मंज़ूरी दिए जाने के बाद विदेश में यह पहला मामला होगा जिसकी जांच एनआईए करेगी.

इस जांच के लिए दिल्ली में एक विशेष अदालत का गठन भी किया गया है. श्रीलंका में हुए धमाकों को लेकर एनआईए ने केरल के पलक्कड के एक युवक को गिरफ़्तार किया था.

विदेश में आतंकवादी घटनाओं में भारतीय नागरिकों के प्रभावित होने की स्थिति में एनआईए को विदेश जाकर जांच करने का अधिकार देने वाले विधेयक को संसद ने 17 जुलाई को मंज़ूरी दे दी थी.

25 जुलाई को कानून मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी.

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की सुगबुगाहट

जम्मू-कश्मीर में अक्तूबर या नवंबर में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के अपने कोर ग्रुप की दिल्ली में बैठक बुलाई है. इकनॉमिक टाइम्स कहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में हिस्सा ले सकते हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार मंगलवार को होने वाली इस बैठक को लेकर यह चर्चा होने लगी है कि अक्तूबर या नवंबर में तीन अन्य राज्यों के साथ जम्मू-कश्मीर में भी चुनाव करवाए जा सकते हैं.

इस साल के आख़िर में महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. अखबार के मुताबिक़ बीजेपी ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है.

मंगलवार को होने वाली बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र प्रसाद, बीजेपी महासचिव राम माधव और प्रदेशाध्यक्ष रविंदर रैना हिस्सा लेंगे.

ये भी पढ़ें-

लिंचिंग के नाम पर हिंदू धर्म किया जा रहा बदनाम: भागवत

आरएसएस के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि लिंचिंग के नाम पर हिंदू धर्म को बदनाम किया जा रहा है.

इमेज कॉपीरइट RSS.ORG

नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, भागवत ने मथुरा में कहा कि हिंदू धर्म और संस्कृति को बदनाम करने की गहरी साज़िश रची जा रही है.

उन्होंने कहा, "कहीं भीड़ हिंसा के नाम पर सियासत करके समाज मे घृणा फैलाने का काम हो रहा है तो कहीं गाय के नाम पर."

भागवत ने यह भी दावा किया कि कुछ राज्यों में एक योजना के तहत धर्म परिवर्तन की कोशिशें हो रही हैं.

राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रमुख ने कहा कि आज के हालात को देखते हुए संघ के प्रचारकों को सतर्क रहना चाहिए.

ये भी पढ़ें-

पाक सैन्य अफ़सर ने माफ़ी मांगी

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ़ गफ़ूर ने रविवार सुबह यूट्यूब चैनल पर भारतीय वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी का चार साल पुराना वीडियो शेयर किया था.

इमेज कॉपीरइट ISPR
Image caption मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर

इस वीडियो में रिटायर्ड एयर मार्शल डेंजल किलर किसी पुरानी घटना का ज़िक्र कर रहे थे. मगर गफ़ूर ने दावा किया था कि इससे साबित होता है कि भारत को बालाकोट में शिकस्त का सामना करना पड़ा है.

जागरण के अनुसार भारतीयों ने कहा कि गफ़ूर पुराने वीडियो के एक छोटे से अंश को निकालकर ग़लत ढंग से पेश कर रहे हैं.

शाम को गफ़ूर ने ट्वीट करके ग़लती मानते हुए माफ़ी मांगी और कहा कि बालाकोट का घटनाक्रम भी वीडियो में बताए जा रहे घटनाक्रम जैसा था, इसलिए फ़र्क पता नहीं चल पाया.

हालांकि, उन्होंने यह भी लिखा कि भारतीय वायु सेना के लिए हालात नहीं बदले हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार