उन्नाव मामला: पीड़िता और वकील लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर

  • 29 जुलाई 2019
पीड़ित पक्ष की कार इमेज कॉपीरइट ANUBHAV SWARUP YADA

उन्नाव रेप मामले की पीड़िता और उसके वकील इस वक़्त लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर हैं. ट्रक ड्राइवर, मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार कर पूछताछ जारी है.

राजीव कृष्णा ,लखनऊ ज़ोन के एडीजी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा है, ''सड़क पर डिवाइडर ना होने के कारण दोनों गाड़ियां आमने-सामने से आ रही थीं. ड्राइवर ने बताया है कि तेज़ बारिश के कारण विज़िबिलिटी कम थी जिसके बाद गाड़ियों की सीधी टक्कर हुई. ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को गिरफ्तार किया जा चुका है. रेप पीड़िता और उसके वकील का इलाज किंग जॉर्ज अस्पताल में जारी है. दोनों ही घायल इस समय लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर हैं. उन्हें बेहतर इलाज दिया जा रहा है."

उन्होंने कहा कि इस मामले में एफ़आईआर की जा रही है और इसकी पूरी जांच की जाएगी.

गाड़ी के नंबर प्लेट को छुपाए जाने पर एडीजी राजीव कृष्णा ने कहा, ''ट्रक के मालिक का कहना है कि ट्रक को फ़ाइनैंस कराया गया था और इसके पैसे उसने नहीं दिए थे, ऐसे में फ़ाइनैंसर इसे ना पकड़ सके इसलिए गाड़ी का नंबर छिपाया गया था.''

उन्होंने बताया, "इस कार में दो गवाह, पीड़िता और उसकी चाची थीं लेकिन हादसे में एक गवाह की मौत हो गई. ट्रक के ड्राइवर और मालिक का नंबर ले लिया गया है और कॉल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. हम पूरी घटना को रिक्रिएट कर रहे हैं."

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Image caption लखनऊ ज़ोन के एडीजी राजीव कृष्णा

एडीजी राजीव कृष्णा ने कहा, ''पीड़िता को कुल 9 सुरक्षागार्ड मिले थे, जिनमें से 6 लोग पीड़िता के घर पर रहते हैं और जब पीड़िता दिल्ली में रहती है तो तीन उसके साथ रहते हैं. इनमें एक पुरुष गार्ड और दो महिलाएं शामिल हैं. एक बार सुरक्षा देने पर ज़िला प्रशासन उनकी दिनभर की गतिविधियों का ख्याल नहीं रखता क्योंकि ये वह ख़ुद और सुरक्षा गार्ड तय करते हैं. ''

''लेकिन सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि रायबरेली जाते वक़्त उन्हें पीड़िता की ओर से कहा गया कि गाड़ी में जगह नहीं है, इसलिए उन्हें जाने की ज़रूरत नहीं. हालांकि इस मामले में पीड़िता का पक्ष नहीं लिया गया है. उसके बाद ही इस बारे में कुछ पक्के तौर पर कहा जा सकेगा. ''

''ये मामला एक्सीडेंट का ही है अब हम जांच कर रहे हैं और इसके कई पहलुओं को देखेंगे.''

परिवार सीबीआई जांच की मांग कर सकता है

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है, ''हम इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का भरोसा दिलाते हैं. शुरुआती सबूतों को देखते हुए यह एक दुर्घटना नज़र आ रही है जिसमें एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने गाड़ी को टक्कर मार दी. ट्रक ड्राइवर और उसके मालिक को हिरासत में ले लिया गया है. अगर पीड़ित परिवार चाहेगा तो इस मामले को सीबीआई को भी सौंपा जा सकता है.''

इसके साथ ही ओपी सिंह ने पीड़ित युवती की सुरक्षा में हुई ढील पर भी बयान दिया. उन्होंने कहा, ''पीड़ित युवती की सुरक्षा में किसी तरह की चूक नहीं हुई थी. उनकी गाड़ी में पर्याप्त जगह नहीं थी इसलिए उन्होंने ख़ुद ही अपनी सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को साथ ना चलने के लिए कहा था.''

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Image caption जिस ट्रक से टक्कर हुई उसका नंबर मिटा हुआ है

ट्रक ने मारी थी टक्कर

रविवार को उन्नाव रेप मामला एक बार फिर सुर्ख़ियों में आ गया था जब इस मामले की पीड़िता, उनके परिजन और वकील एक सड़क हादसे के शिकार हो गए थे.

रायबरेली जाते समय उनकी गाड़ी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी. इस ट्रक की नंबर प्लेट से भी नंबर ग़ायब थे. इस हादसे में पीड़िता के रिश्तेदार समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है.

जबकि गंभीर रूप से घायल पीड़ित युवती और उनके वकील इस समय लखनऊ के किंग जॉर्ज अस्पताल में भर्ती हैं.

इस हादसे पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कई सवाल पूछे हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ''बलात्कार पीड़िता के साथ हादसा चौंकाने वाला है. इस केस में चल रही सीबीआई जांच कहां तक पहुंची है? आरोपी विधायक अब तक बीजेपी में क्यों है?''

बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस हादसे के पीछे षड्यंत्र होने की बात कही है.

उन्होंने इस संबंध में ट्वीट किया, ''उन्नाव रेप पीड़िता की कार की रायबरेली में कल ट्रक से टक्कर प्रथम दृष्टया उसे जान से मारने का षड्यंत्र लगती है, जिसमें उसकी चाची व मौसी की मौत हो गई तथा वह स्वंय व उसके वकील गंभीर रूप से घायल हैं. माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए.''

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को इस संबंध में चिट्ठी लिखी है और मामले की निष्पक्ष जांच करने की अपील की है.

उन्होंने लिखा है, ''उन्नाव रेप पीड़िता और उनके परिजनों के साथ हुए सड़क हादसे से मैं बहुत चिंतित हूं. मैंने उत्तर प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की अपील की है. इस मामले के दोषियों के ख़िलाफ़ तुरंत कदम उठाने चाहिए.''

वहीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल ने पीड़िता के परिजनों से मुलाक़ात की है. उन्होंने कुलदीप सेंगर की विधायकी रद्द करने की मांग की है.

उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक और भाजपा के नेता कुलदीप सिंह सेंगर इस कथित रेप कांड में फ़िलहाल जेल में हैं.

कुलदीप सेंगर पर उनके गाँव माखी में घर के पास ही रहने वाली नाबालिग़ लड़की ने बलात्कार का आरोप लगाया था. सीबीआई इस कथित रेप कांड की जांच कर रही है.

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