उन्नाव मामला: स्वाति मालीवाल ने बताई रेप पीड़िता की हालत

  • 29 जुलाई 2019
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Image caption उन्नाव रेप पीड़िता को देखने लखनऊ पहुंचीं स्वाति मालीवाल

उन्नाव रेप मामले की पीड़िता के कार सड़क हादसे में बुरी तरह घायल होने के बाद सोमवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालिवाल उन्हें देखने लखनऊ पहुंचीं.

रेप मामले की पीड़िता और उनके वकील लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर हैं जबकि इस हादसे में दो लोगों की मौत हो चुकी है. उन्नाव रेप मामले में अभियुक्त बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर इस समय जेल में हैं.

पीड़िता का हाल जानने लखनऊ के केजीएमसी पहुंची स्वाति मालीवाल ने बीबीसी संवाददाता अपूर्व कृष्ण से कहा, "लड़की की हालत बहुत अधिक नाज़ुक है. उसके सिर में चोट लगी है और मल्टीपल फ़्रैक्चर हैं. अब तक उसे होश नहीं आया है और डॉक्टर ने मुझे बताया है कि इसकी बहुत कम संभावना है कि वह बच पाए."

"उनकी वकील की हालत बहुत ज़्यादा ख़राब है. पीड़िता की चाची और उनकी चाची की बहन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी."

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Image caption जिस ट्रक से टक्कर हुई उसका नंबर मिटा हुआ है

'पीड़िता को एयरलिफ़्ट किया जाए'

डॉक्टर घायलों के लिए कितने प्रयास कर रहे हैं इस सवाल पर स्वाति मालीवाल ने कहा, "डॉक्टर और परिजनों से बातचीत हुई और उन्होंने कहा कि घायलों को एयरलिफ़्ट करके दिल्ली लाए जाने की ज़रूरत है क्योंकि यहां इलाज बेहतर मिल पाएगा. साथ ही कुलदीप सेंगर अभी भी विधायक हैं और उन्हें पार्टी ने नहीं निकाला है तो घायलों की जान को उनसे ख़तरा है. इसी कारण से लड़की और वकील को दिल्ली लाने की ज़रूरत है."

स्वाति मालीवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ख़त लिखकर भी घायल पीड़िता और वकील को दिल्ली भेजने की मांग की है. उन्होंने अपने ख़त को ट्वीट भी किया है.

स्वाति मालीवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि उन्होंने दिल्ली के एक निजी अस्पताल से बातचीत की है और उसने मुफ़्त में इलाज के लिए हामी भर दी है.

उन्होंने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा, "पहले पीड़िता के पिता को मारा, फिर गवाह को और अब चाची को मार दिया गया है. कुलदीप सेंगर को बीजेपी से कब निकाला जाएगा. इस मामले में अब तक एफ़आईआर दर्ज नहीं हुई है."

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Image caption पीड़िता की कार

'लखनऊ जाने वाली पहली सरकारी एजेंसी'

ख़ुद के लखनऊ जाकर पीड़िता को देखने के सवाल पर स्वाति ने कहा कि वह पहली कोई सरकारी एजेंसी है जो लखनऊ पीड़ितों को देखने पहुंची है. उन्होंने कहा कि लखनऊ में सारे सरकारी अधिकारी बैठते हैं लेकिन कोई भी घायलों को देखने नहीं आया है.

इस सवाल पर कि वो इस मामले में क्यों दख़ल दे रही हैं, वो कहती हैं, "पूरी रात मैं सो नहीं पाई क्योंकि एक लड़की को धीरे-धीरे मार दिया गया है. पहले उसके परिजनों को निशाना बनाया गया और अब उसे बनाया जा रहा है. यह केवल एक लड़की और यूपी-दिल्ली का मामला नहीं है."

"एक रेप पीड़िता के साथ कोई ऐसी हरकत होती है तो उसकी गूंज पूरे देश में होती है. अगर कुलदीप सिंह सेंगर बच गया और लड़की मर गई तो यह सारी निर्भयाओं के मुंह पर तमाचा होगा."

"बाकी के आयोग कहां हैं? अगर वह सब काम कर रहे होते तो मुझे लगता है कि मुझे लखनऊ धक्के खाने की ज़रूरत नहीं होती."

स्वाति मालीवाल के अलावा राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष और तेज़ जांच होनी चाहिए.

क्या है पूरा मामला

उन्नाव रेप पीड़िता अपनी मां, वकील और दो अन्य लोगों के साथ रायबरेली जा रही थीं जब उनकी कार की ट्रक से टक्कर हो गई. इस हादसे में उनकी चाची और एक अन्य शख़्स की घटनास्थल पर मौत हो गई.

इस ट्रक की नंबर प्लेट से भी नंबर ग़ायब थे. घायलों को लखनऊ के केजीएमसी हॉस्पिटल ले जाया गया था जहां उन्नाव रेप कांड की पीड़िता और उनके वकील लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर हैं.

इस घटना पर राजनेताओं के ट्वीट भी ख़ूब आ रहे हैं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करके कई सवाल पूछे हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि बलात्कार पीड़िता के साथ हादसा चौंकाने वाला है और अब तक आरोपी विधायक बीजेपी में क्यों हैं?

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