उन्नाव रेप केस: पीड़िता का परिवार जब आपबीती बताते हुए रो पड़ा

  • 30 जुलाई 2019
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Image caption लखनऊ में धरने पर बैठा परिवार

उन्नाव रेप केस की पीड़िता का परिवार लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज के बाहर धरने पर बैठा हुआ है.

इसी अस्पताल में सड़क 'हादसे' के बाद पीड़िता का इलाज चल रहा है. रविवार को रायबरेली जाते वक़्त पीड़िता की कार को एक ट्रक ने टक्कर मारी थी.

इस हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों की मौत हुई थी. कार में सवार वकील और पीड़िता की हालत नाज़ुक बताई जा रही है. पीड़िता का परिवार लखनऊ में अस्पताल के बाहर धरने पर बैठा हुआ है.

हालांकि ये स्पष्ट तौर पर नहीं मालूम है कि धरने पर बैठी महिलाओं का पीड़िता के साथ क्या रिश्ता है

इन लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने मामले में सही कदम नहीं उठाए और जेल में बंद पीड़िता के चाचा को जल्द से जल्द रिहा किया जाए.

आगे पढ़िए धरने पर बैठा पीड़िता का परिवार क्या कुछ कह रहा है?

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Image caption दिल्ली में उन्नाव पीड़िता के लिए सोमवार रात लोगों ने निकाला मार्च

परिवार की कहानी, उन्हीं की ज़बानी

'हमारी मांग यही है कि जो झूठे-झूठे मुक़दमे निकालकर लगाए गए. उन मुकदमों से बाइज़्ज़त बरी किया जाए.

इन लोगों को सज़ा दिलाए जाने की ज़रूरत है. हम हमेशा पूछते क्या हुआ, क्या हुआ? जवाब मिलता- जांच हुई.... जांच.

बस तारीख़ दे देते. हमें सीबीआई जांच पर पूरा भरोसा है. हम संतुष्ट भी हैं.

हमारी बस यही मांग है कि पीड़िता के चाचा को निकाला जाए. बस हमारी सरकार से बस यही मांग है.

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(इतना कहकर धरने पर बैठी महिला रोने लगीं और समाचार एजेंसी एएनआई का कैमरा दूसरी महिला की तरफ़ गया.)

'मेरे ऊपर और मेरे देवर के ऊपर सात-सात झूठे मुक़दमे लगाए गए. झूठे मुक़दमे लगाकर हमको गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है.

उनके जितने लोग जेल में हैं, उन सबको सज़ा दी जाए. हमारी बस यही मांग है.'

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