राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एम्स पहुंचकर जाना अरुण जेटली का हाल

  • 16 अगस्त 2019
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अरुण जेटली का हाल जानने शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एम्स पहुंचे.

पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली सांस लेने में समस्या के चलते पिछले एक सप्ताह से नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं.

जेटली को आईसीयू में रखा गया है. एम्स ने एक हफ़्ता पहले उनकी सेहत को लेकर हेल्थ बुलेटिन जारी किया था. उसके बाद से लेकर अब तक अस्पताल की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है.

नौ अगस्त को एम्स ने बताया था कि पूर्व वित्त मंत्री का इलाज विभिन्न विभाग के डॉक्टरों की एक टीम कर रही है. अस्पताल ने उनकी हालत को 'हीमोडायनैमिकली स्टेबल' बताया था.

'हीमोडायनैमिकली स्टेबल' होने का मतलब है कि दिल उतनी ऊर्जा पैदा कर पा रहा है कि वह ख़ून को धमनियों में सही ढंग से भेज सके. इससे ख़ून का प्रवाह सही रहता है और शरीर के अंगों तक ऑक्सिजन पहुंचती रहती है.

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प्रधानमंत्री मोदी भी पहुंचे थे एम्स

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पहले कई नेता, रिश्तेदार और अन्य क़रीबी एम्स जाकर अरुण जेटली की सेहत का जायज़ा ले चुके हैं.

नौ अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे.

66 वर्षीय अरुण जेटली पिछली मोदी सरकार में वित्त मंत्री थे. उनका किडनी ट्रांसप्लांट भी हुआ था. स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी ज़िम्मेदारियों को कई बार पीयूष गोयल को दिया गया.

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इस साल फ़रवरी में वह इलाज के लिए देश से बाहर गए थे जिसके कारण वह अंतरिम बजट पेश नहीं कर पाए थे.

मई में बीजेपी की दोबारा सरकार बनने के बाद जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में कोई ज़िम्मेदारी नहीं चाहते हैं.

उन्होंने पत्र में लिखा था कि बीते 18 महीनों से उन्हें स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिसके कारण वह कोई पद नहीं लेना चाहते हैं.

वकालत से राजनीति में आए अरुण जेटली बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं.

जेटली दिल्ली एवं ज़िला क्रिकेट संघ डीडीसीए के अध्यक्ष भी रहे और अभी राज्यसभा सांसद हैं.

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