दिल्ली के एम्स अस्पताल में आग पर छह घंटे बाद काबू पाया गया

  • 18 अगस्त 2019
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दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में आग

शनिवार शाम दिल्ली के सबसे बड़े एम्स अस्पताल (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में आग लग गई. आग बुझाने के लिए 60 से अधिक दमकल की गाड़ियों की मदद लेनी पड़ी. साथ ही सुरक्षा के मद्देनज़र एम्स में एनडीआरएफ़ की टीमें पहुंची हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.

दिल्ली फ़ायर सर्विस के निदेशक विपिन कैंटल के मुताबिक आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है.

उन्होंने कहा, "आग पूरी तरह नियंत्रण में हैं और अभी कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है. हालात पर नज़र रखने के लिए यहां स्टाफ़ को छोड़ा जाएगा."

कैंटल के मुताबिक आग के कारण कोई हताहत नहीं हुआ है.

एम्स के सूचना विभाग ने मीडिया को बताया है कि आग क़रीब पांच बजे लगी, हालांकि आग लगने की वजहों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

माना जा रहा है कि ये आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी.

दिल्ली अग्निशमन अधिकारियों का कहना है कि उन्हें शाम क़रीब 5 बजकर 22 मिनट बजे फ़ोन के ज़रिए अस्पताल में आग लगने की सूचना मिली थी जिसके तुरंत बाद क़रीब दो दर्जन गाड़ियां तुरंत वहां रवाना की गईं.

आग एम्स की टीचिंग ब्लॉक में लगी है जिसमें टेस्टिंग लैब और डॉक्टरों के बैठने की जगह होती है. ये इमारत इमर्जेंसी वार्ड के नज़दीक है.

इस इमारत में मरीज़ों को नहीं रखा जाता. हालांकि एहतियातन नज़दीकी इमारतों से भी मरीज़ों को निकाल कर दूसरे वॉर्डों में शिफ्ट किया गया है. एम्स के कर्मचारियों का कहना है कि अगर आज शनिवार न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था क्योंकि कुछ मरीज़ इस इमारत में भी टेस्ट के लिए आते हैं.

शनिवार होने के कारण आज हाफ़ डे था जिसकी वजह से इमारत में अधिक लोग नहीं थे.

दिल्ली के एम्स अस्पताल के डॉक्टर विशाल पाटिल ने बताया, "क़रीब साढ़े चार बजे आग टीचिंग ब्लॉक की एक इमारत में लगी. इसके नज़दीक ही कैजुएल्टी हैं जहां धुंआ फैलने लगा था. इसके बाद हमने तुरंत वहां से मरीज़ों को निकालने का काम शुरू किया."

बीबीसी संवाददाताओं ने एम्स में काम करने वाले कई कर्मचारियों से बात की. उनका कहना था कि अस्पताल में "फ़ायर ड्रिल कम ही आयोजित की जाती है."

आग की शुरुआत इमारत की दूसरी मंज़िल से हुई जिसके बाद ये तेज़ी से तीसरी मंज़िल से होती हुई पांचवी मंज़िल तक पहुंच गई.

बीच-बीच में एयर कंडिशनर फटने जैसी आवाज़ें सुनाई दे रही थीं. दीवारों पर सीमेन्ट की बनी जालियां टूट कर नीचे गिरीं. साथ ही एसी के टुकड़े भी टूट कर गिर रहे थे जिस कारण स्थिति थोड़ी मुश्किल हो गई थी.

मौक़े पर मौजूद एक इंजीनियर ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया था कि आग के और तेज़ी से फैलने की आशंका थी. उनका कहना था, "एसी में अमोनिया होता है, जो जल्दी आग पकड़ लेता है. ऐसे में आग तेज़ी से बढ़ सकती है क्योंकि इमारत में बड़ी संख्या में एसी लगे हैं."

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली एम्स अस्पताल के ही कार्डियो-न्यूरो सेंटर के आईसीयू में भर्ती हैं. ये बिंल्डिग उस इमारत से दूर है जिसमें आग लगी है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि "अग्निशमन अधिकारी आग पर क़ाबू पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. मेरी अपील है कि लोग शांत रहें और उन्हें अपना काम करने दें."

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