कश्मीर घाटी में पाबंदियों के बीच आज स्कूल खोलने की तैयारी

  • 19 अगस्त 2019
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जम्मू कश्मीर में अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से प्राइमरी स्कूलों को खोलने और सरकारी दफ़्तरों में काम बहाल करने की व्यवस्था की गई है.

जम्मू कश्मीर सरकार के प्रवक्ता और राज्य के मुख्य सचिव रोहित कंसल ने रविवार को संवाददाताओं को बताया, "हमारी योजना है कि अकेले श्रीनगर में 190 से ज़्यादा प्राइमरी स्कूलों को खोला जाएगा, हमें उम्मीद है कि सरकारी दफ़्तर भी पूरी तरह काम करने लगेंगे. और आगे चलकर हम दूसरे क्षेत्रों पर भी ध्यान देंगे."

हालाँकि श्रीनगर में मौजूद बीबीसी संवाददाता आमिर पीरज़ादा ने बताया कि ज़मीन पर चीज़ें उतनी सामान्य नहीं हैं कि लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजें.

आमिर ने कहा, "स्कूल भी उन इलाक़ों में खोले जाने की बात कही गई है जो शांत इलाक़े माने जाते हैं. सरकार की ओर से स्कूल खोलने और शिक्षकों को स्कूल में भेजने के आदेश आ गए हैं लेकिन सोमवार को यह देखना होगा कि इस फ़ैसले के बाद कितने लोग स्कूलों तक पहुंचते हैं."

भारत प्रशासित कश्मीर में पिछले दो हफ़्ते से जारी पाबंदियों में छूट देने का सिलसिला शुरू किया गया है मगर घाटी के अधिकतर हिस्सों में अभी भी आवाजाही और फ़ोन-इंटरनेट सामान्य नहीं हो सके हैं.

प्रवक्ता ने ये भी बताया कि प्रदेश में लैंडलाइन फ़ोन सुविधा को भी शीघ्र बहाल करने की कोशिश की जा रही है.

हालाँकि शनिवार को जम्मू के जिन पांच ज़िला मुख्यालयों जम्मू, सांबा, कठुआ, उधमपुर और रियासी में मोबाइल 2जी सेवाओं को शुरू कर दिया गया था उन्हें फिर से बंद कर दिया गया.

मगर अधिकारियों का कहना है कि ऐसा तकनीकी दिक्कतों की वजह से करना पड़ा.

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Image caption जम्मू में पेट्रोल पंप के आगे लगी भीड़

मोबाइल-इंटरनेट पर पाबंदी क्यों?

जम्मू-कश्मीर के गवर्नर के सलाहकार के विजय कुमार ने बताया कि प्रदेश में मोबाइल और इंटरनेट सुविधाओं पर पाबंदियाँ क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के मक़सद से लगाई गई हैं.

के विजय कुमार ने बताया, "ऐसा हमने जम्मू-कश्मीर में हमारे पिछले अनुभवों और इस इलाक़े की नियंत्रण रेखा से नज़दीकी को ध्यान में रखकर किया है, हम सीमापार से होनेवाली गतिविधियों की वजह से सतर्क हैं और इसलिए हम अचानक से संपर्क के सारे स्रोत नहीं खोल देना चाहते."

जम्मू में मौजूद स्थानीय पत्रकार मोहित कंधारी ने बताया, "रविवार को 10 बजे सुबह से इन सेवाओं को फिर से बंद कर दिया गया है. किसी भी अधिकारी ने इसको लेकर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है. इसके अलावा बाकी पांच ज़िलों राजौरी, किश्तवाड़, पुंछ, डोडा और रामबन में पहले से ही यह सेवाएं बंद हैं. वहां पर कुछ जगहों पर लैंडलाइन चालू है लेकिन मोबाइल सेवाएं और इंटरनेट बंद हैं."

मोहित कंधारी के मुताबिक़ जम्मू के डिवीज़नल कमिश्नर संजीव वर्मा ने उन्होंने सिर्फ़ इतना बताया है कि टेलीकॉम कंपनियों ने तकनीकी ख़ामियों से यह सेवाएं रोक दी हैं.

इसके अलावा जम्मू के कई ज़िलों में अफ़वाहें भी फैली हैं जिसके कारण पेट्रोल पंप पर लंबी लाइनें लग गईं. जम्मू के आईजी मुकेश सिंह ने बयान जारी किया है कि लोग किसी भी तरह की अफ़वाहों पर ध्यान न दें और मोबाइल 2जी नेटवर्क तकनीकी ख़ामी के कारण बंद किए गए हैं.

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को जम्मू के क्षेत्र का दौरा करके सुरक्षा व्यवस्था का जायज़ा लिया है. दिलबाग सिंह ने राजौरी और उधमपुर का दौरा करने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की, जिसमें विभिन्न पुलिस बल के अधिकारी शामिल हुए थे.

भारत प्रशासित कश्मीर के कई इलाक़ों में कर्फ़्यू में ढील देने के बाद उन्हें सख़्त कर दिया गया है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि सऊदी अरब से हज यात्रियों के पहले जत्थे के आने के बाद रविवार को कई हिंसक घटनाएं हुईं जिसके बाद श्रीनगर की कई जगहों पर सख़्त पाबंदियां लगा दी गई हैं.

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अधिकारियों के हवाले से पीटीआई ने बताया कि श्रीनगर शहर के कई इलाक़ों में शनिवार को ढील दी गई थी जिसके बाद दर्जनों जगहों पर प्रदर्शन हुए और उनमें कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की ख़बर है.

अधिकारियों के अनुसार जिन इलाक़ों में कर्फ़्यू में ढील दी गई है वहां से किसी अप्रिय घटना की कोई ख़बर नहीं है लेकिन जिन जगहों पर सख़्ती लागू है वहां से दो-तीन मामूली हिंसा की घटनाओं की और दो लोगों के मामूली रूप से घायल होने की ख़बर है.

उन्होंने यह भी बताया है कि कश्मीर के कई इलाक़ों में कुछ अराजक तत्वों ने दुकानें बंद करवाई हैं जिनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

कश्मीर की ज़मीनी स्थिति

श्रीनगर के राजबाग़ में मौजूद बीबीसी संवाददाता आमिर पीरज़ादा ने बताया कि इस इलाक़े में शांति है लेकिन पुराने श्रीनगर में पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं.

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उन्होंने बताया, "डाउनटाऊन श्रीनगर में कर्फ़्यू उसी तरह लागू है जैसे पांच अगस्त को था. उसी तरह से सीआरपीएफ़ और दूसरे सुरक्षाबल मुस्तैदी से जमे हुए हैं. हर तरफ़ बैरिडकेड और तारें लगी हुई हैं और वे बिना इजाज़त के किसी को आने-जाने नहीं दे रहे हैं. सुरक्षाबलों ने हमें रोककर इजाज़त के काग़ज़ दिखाने के लिए कहा जबकि सरकार कह रही है कि कर्फ़्यू लागू नहीं है."

"उन्होंने कहा कि मीडिया को आगे जाने की इजाज़त नहीं है. हम सौरा की ओर गए तो वहां रास्ते में हमें प्रदर्शनकारी मिले जिन्होंने सड़कों को बंद कर रखा था. उन्होंने हमें ज़बरदस्ती गाड़ी से उतारकर वीडियो बनाने को कहा."

आमिर पीरज़ादा के मुताबिक मध्य कश्मीर के सिविल लाइंस और राजबाग़ में पाबंदियों में ढील दी गई है, वहां सड़कों पर गाड़ियां दिख रही हैं लेकिन पैदल लोग नहीं दिखे और दुकानें बंद हैं.

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कहां हो रहे हैं प्रदर्शन

आमिर पीरजादा के मुताबिक़ पुराने कश्मीर में कर्फ़्यू सख़्ती से लागू है और कई जगहों पर पत्थरबाज़ी भी हुई है, उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

"हमारे पास बाक़ी कश्मीर की ख़बर नहीं है क्योंकि वहां पर संचार के साधन ठप्प हैं. लैंडलाइन फ़ोन सिर्फ़ सिविल लाइंस जैसी जगहों पर ही चालू हुआ है जबकि कश्मीर के अधिकतर भागों मे लैंडलाइन फ़ोन चालू नहीं है."

कितने फ़ोन चल रहे हैं?

उधर प्रशासन का शनिवार को कहना था कि उसने कश्मीर में सिर्फ़ लैंडलाइन सेवाओं को शुरू किया है. घाटी में यह लैंडलाइन सेवाएं सिर्फ़ 17 टेलिफ़ोन एक्सचेंज से शुरू की गई थीं. हालांकि, टेलिफ़ोन के निर्बाध रूप से चालू होने की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है.

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बीबीसी संवाददाता शुभज्योति घोष ने दिल्ली में रहने वाली एक कश्मीरी महिला सदफ़ वानी से बात की. सदफ़ ने बताया कि उन्हें भी परिजनों से बात करने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

सदफ़ ने बताया, "मुझे नहीं लगता कि कश्मीर में टेलीफ़ोन लाइनें फिर से बहाल हो पाई हैं क्योंकि मेरे घरवालों ने मुझसे पुलिस स्टेशन से फ़ोन करके बात की है. उन्होंने आज भी मुझे फ़ोन किया था लेकिन वह सिर्फ़ दो मिनट मुझसे बात कर पाए और फिर फ़ोन कट गया."

"मेरे परिजनों ने मुझे बताया कि वह पुलिस स्टेशन में आकर लाइन में लगे हुए थे. वहां और भी लोग फ़ोन करने के लिए लाइन में लगे हुए थे. सबको बात करने के लिए सिर्फ़ एक-एक मिनट दिया गया था. मेरे सारे रिश्तेदार घाटी में हैं और किसी का भी फ़ोन नहीं चल रहा है मैंने सबको फ़ोन कॉल किया था."

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