अयोध्या मामले के पक्षकार इक़बाल अंसारी पर ‘हमला’, पुलिस ने कहा मामूली झड़प

  • 4 सितंबर 2019
इक़बाल अंसारी, Iqbal Ansari इमेज कॉपीरइट ANI

अयोध्या में बाबरी मस्जिद-राम जन्म भूमि विवाद में एक मुख्य पक्षकार इक़बाल अंसारी के घर पर दो लोगों ने उन पर हमले की कोशिश की लेकिन उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने बचा लिया.

पुलिस इसे मामूली झड़प बता रही है जबकि इक़बाल अंसारी का दावा है कि वो लोग उन पर हमले की नीयत से ही आए हुए थे.

हमलावर छोड़ दिए गए

पुलिस ने दोनों हमलावरों को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की और फ़िलहाल उन्हें छोड़ दिया गया है.

अयोध्या के एडिशनल एसपी सिटी विजयपाल सिंह ने बीबीसी को बताया, "आपसी बातचीत के दौरान दोनों पक्षों में गहमागहमी हो गई लेकिन मार-पीट और हमले जैसी कोई बात नहीं है. महिला से पूछताछ करके उसे छोड़ दिया गया है. ये ज़रूर है कि उनके सुरक्षाकर्मियों और संबंधित थाने को भी सतर्क कर दिया गया है."

अयोध्या में मंदिर-मस्जिद विवाद की इस समय सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है. इक़बाल अंसारी इस मामले में बाबरी मस्जिद की ओर से मुख्य पक्षकार हैं.

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Image caption बाबरी मस्जिद

इससे पहले उनके पिता हाशिम अंसारी इस मुक़दमे में बाबरी मस्जिद की तरफ़ से पैरवी करते थे. इक़बाल अंसारी को पहले भी फ़ोन पर या अन्य माध्यमों से धमकियां दी जाती रही हैं.

मंगलवार की घटना के बारे में इक़बाल अंसारी ने बीबीसी को बताया, "एक महिला और एक पुरुष सुबह से ही हमारे मोहल्ले में काफ़ी देर से टहल रहे थे और मेरे घर का पता पूछ रहे थे. फिर वो मेरे पास आए कि कुछ बात करनी है. हम उन्हें अंदर ले आए. बातचीत के दौरान महिला काफ़ी उग्र होने लगी. कहने लगी कि आप इस मुक़दमे से अपना दावा वापस ले लीजिए. आपकी वजह से सारा अड़ंगा लगा हुआ है. मैं उनको अपनी बात समझाता रहा लेकिन तब तक वो मेरे ऊपर हाथ चलाने लगी. मेरे साथ जो सुरक्षाकर्मी हैं, वो तुरंत पहुंच गए और मुझे बचा लिए नहीं तो उनका इरादा तो मुझे मारने का ही था."

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कौन है वो महिला जिसने हमला किया?

अंसारी ने दावा किया कि तमाम लोगों के सामने उन्होंने धमकी दी कि अगर मामला वापस नहीं लिया तो उनके साथ कुछ भी हो सकता है. इक़बाल अंसारी ने बताया कि महिला ने अपना परिचय वर्तिका सिंह के रूप में दिया था और ख़ुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर का शूटर बताया था.

लेकिन पुलिस अभी इस दावे की पुष्टि नहीं कर रही है. एएसपी सिटी विजयपाल सिंह के मुताबिक, "अभी हम लोग जांच कर रहे हैं और उनके बारे में भी पता लगा रहे हैं. महिला का नाम तो वर्तिका सिंह ही है लेकिन वो कौन हैं, क्या हैं और किस मक़सद से आई थीं, इसकी तफ़्तीश की जा रही है."

पुलिस के मुताबिक, वर्तिका का कहना था कि वो अयोध्या में रामलला के दर्शन करने आई थीं और इक़बाल अंसारी से बातचीत करने के लिए उनके घर गई थीं लेकिन बातचीत के दौरान ही दोनों में विवाद शुरू हो गया. पुलिस के मुताबिक़, फ़िलहाल उन्हें लखनऊ उनके घर भेज दिया गया है.

इस मामले में वर्तिका सिंह से बातचीत की कोशिश की गई लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका है. हालांकि मौक़े पर पहुंचे पत्रकारों का कहना था का वर्तिका सिंह ने इक़बाल अंसारी पर ही 'बातचीत को विवाद में बदलने और उग्र होने' का आरोप लगाया था.

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अंसारी की सुरक्षा बढ़ाई गई

वहीं, इस विवाद में सुप्रीम कोर्ट में बाबरी मस्जिद का पक्ष रख रहे वकील राजीव धवन ने इक़बाल अंसारी पर हुए इस कथित हमले का ज़िक्र सुप्रीम कोर्ट में भी किया जिसका सर्वोच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है.

इतने 'हाई प्रोफ़ाइल' मामले में पक्षकार होने के चलते इक़बाल अंसारी को सरकार ने सुरक्षा के लिए दो गनर उपलब्ध कराए हैं जो हर समय उनके साथ रहते हैं. पिछले दिनों जब अयोध्या में धर्म संसद का आयोजन हुआ था, उस वक़्त इक़बाल अंसारी ने ख़ुद पर हमले की आशंका जताई थी जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी लेकिन बाद में बढ़ी हुई सुरक्षा वापस ले ली गई.

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