इमरान ख़ान चीन के वीगर मुसलमानों पर क्या बोले- पाँच बड़ी ख़बरें

  • 16 सितंबर 2019
इमरान ख़ान इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से एक बार फिर चीन में वीगर मुसलमानों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो फ़िलहाल पाकिस्तान के बारे में सोच रहे हैं और उन्हें नहीं पता है कि चीन में वीगर मुसलमानों का मसला क्या है. हालांकि पाकिस्तानी पीएम भारत के मुसलमानों को लेकर मुखर रहे हैं.

14 सितंबर को अल-जज़ीरा को दिए इंटरव्यू में पत्रकार ने इमरान ख़ान से सवाल पूछा कि चीन में वीगर मुसलमानों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर पश्चिम के देशों में काफ़ी आलोचना हो रही है. क्या आपने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस मामले में कभी औपचारिक रूप से चर्चा की?

इस सवाल के जवाब में इमरान ख़ान ने कहा, ''आपको पता है कि हम अपने मुल्क के भीतर ही कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. मुझे इसके बारे में बहुत कुछ पता भी नहीं है. पिछले एक साल से ख़राब अर्थव्यवस्था और अब कश्मीर से हम जूझ रहे हैं. पर मैं इतना कह सकता हूं कि चीन हमारा सबसे अच्छा दोस्त है.''

पिछले साल बीबीसी ने अपनी एक पड़ताल में पाया था कि चीन ने अपने पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में वीगर मुसलमानों के लिए नज़रबंदी बस्ती बना रखी है.

चीन ने पिछले कुछ साल में ऐसी ही तमाम जेल सरीखी इमारतें शिनजियांग सूबे में बना डाली हैं.

बीबीसी उस नज़रबंदी कैम्प को देखने से पहले दबानचेंग क़स्बे मे भी पहुंचा था. चीन ने इस बात से लगातार इनकार किया है कि उसने मुसलमानों को बिना मुक़दमा चलाए क़ैद कर के रखा है. इस झूठ को छुपाने के लिए ही तालीम का पर्दा चीन ने लगा दिया है.

दुनिया भर में उठ रहे आलोचना के सुरों को दबाने और उनका मुक़ाबला करने के लिए चीन ने बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान छेड़ दिया है. चीन का कहना है कि इन केंद्रों का प्रमुख मक़सद उग्रवाद का मुक़ाबला करना है. पूर्व क्रिकेटर से पाकिस्तान के पीएम बने इमरान ने इससे पहले फ़ाइनैंशियल टाइम्स से कहा था कि वो इस बारे में बहुत नहीं जानते हैं. दूसरी तरफ़ इमरान ख़ान म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ अत्याचार की निंदा कर चुके हैं.

पाकिस्तान और चीन की दोस्ती जगज़ाहिर है. चीन पाकिस्तान में चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर के तहत 60 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान पर चीन के अरबों डॉलर के क़र्ज़ भी हैं. तीसरी बात ये कि पाकिस्तान कश्मीर विवाद में चीन को भारत के ख़िलाफ़ एक मज़बूत पार्टनर के तौर पर देखता है. ऐसे में पाकिस्तान चीन में वीगर मुसलमानों के ख़िलाफ़ चुप रहना ही ठीक समझता है.

दुनिया भर के मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया, मलेशिया, सऊदी और पाकिस्तान पूरे मामले पर ख़ामोश रहे हैं. दूसरी तरफ़ ये देश रोहिंग्या मुसलमानों के ख़िलाफ़ म्यांमार में हुईं हिंसा की निंदा करने में मुखर रहे हैं. ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटी में चाइना पॉलिसी के एक्सपर्ट माइकल क्लार्क मुस्लिम देशों की ख़ामोशी का कारण चीन की आर्थिक शक्ति और पलटवार के डर को मुख्य कारण मानते हैं.

क्लार्क ने एबीसी से कहा था, ''म्यांमार के ख़िलाफ़ मुस्लिम देश इसलिए बोल लेते हैं क्योंकि वो कमज़ोर देश है. उस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाना आसान है. म्यांमार जैसे देशों की तुलना में चीन की अर्थव्यवस्था 180 गुना ज़्यादा बड़ी है. ऐसे में आलोचना करना भूल जाना अपने हक़ में ज़्यादा होता है.''

इमेज कॉपीरइट Getty Images

जम्मू कश्मीर में परिसीमन के बाद चुनाव: नड्डा

बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि परिसीमन पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराए जाएंगे.

महाराष्ट्र के ठाणे में एक जनसभा में उन्होंने कहा, "जम्मू-कश्मीर को अब केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है लेकिन उसकी अपनी विधानसभा भी होगी. चुनाव होंगे. लेकिन उससे पहले विधानसभा सीटों का परिसीमन होगा. अनुसूचित जाति की सीटें गुर्जर और बकरवाल समुदायों के लिए सुरक्षित रहेंगी."

भारत सरकार ने पाँच अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करके उसे एक केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था. तब से वहां मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट पर पाबंदियां लगी हुई हैं. सरकार ने बड़ी संख्या में लैंडलाइन फ़ोन बहाल करने का दावा किया है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

अरामको पर हमले से ईरान का इनकार

ईरान ने सऊदी अरब की कंपनी अरामको के तेल ठिकानों पर हमला करने के अमरीका के आरोपों को ख़ारिज़ किया है.

ईरान ने रविवार को ये भी चेताया कि क्षेत्र में मौजूद अमरीकी सैन्य अड्डे और एयरक्राफ़्ट कैरियर उसकी मिसाइलों के रेंज में हैं.

शनिवार को हुए इस हमले में सऊदी अरब का आधे से ज़्यादा और वैश्विक आपूर्ति का पाँच फ़ीसदी तेल नष्ट हो गया था. यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी लेकिन अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने आरोप लगाया था कि हूती विद्रोहियों का सहयोगी ईरान इसके पीछे है.

अब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मुसावी ने अमरीका के आरोपों को 'निराधार' बताया है. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ कमांडर ने चेतावनी दी है कि उनका देश एक 'संपूर्ण युद्ध' के लिए तैयार है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

हॉन्ग कॉन्ग में चले पेट्रोल बम, पानी की बौछार

हॉन्ग-कॉन्ग में सरकारी दफ़्तरों के पास हुई झड़पों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की तेज़ बौछार और आंसू गैस के गोले छोड़े थे. उस वक़्त हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए थे और हिंसक हो गए थे. उन्होंने पेट्रोल बम फेंके, बैरिकेड लगाए और सबवे स्टेशन को नुक़सान पहुंचाया.

इससे पहले सैकड़ों प्रदर्शनकारी ब्रिटिश दूतावास के बाहर जमा हो गए थे. उनकी मांग थी कि ब्रिटेन उनकी आज़ादियों को बचाए रखने के लिए चीन पर दबाव बनाए.

दोपहर में शहर के उत्तरी हिस्से में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों और चीन समर्थकों के बीच भी हिंसक झड़प हुई थी.

हॉन्ग कॉन्ग में एक विवादित प्रत्यर्पण बिल से ये विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. यह बिल अब वापस ले लिया गया है लेकिन प्रदर्शनकारी पूर्ण लोकतंत्र की स्थापना और पुलिस के अत्याचार की जांच की मांग कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट PA Media

बराबरी पर छूटी एशेज सिरीज़

एशेज टेस्ट सिरीज़ के आख़िरी और निर्णायक पाँचवे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 135 रनों से हरा दिया और सिरीज़ 2-2 से बराबर कर ली.

1972 के बाद पहली बार एशेज सिरीज़ बराबरी पर छूटी है.

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ स्टीव स्मिथ का प्रदर्शन इस सिरीज़ में ख़ासा चर्चित रहा. उन्होंने 110 के औसत से सात पारियों में 774 रन बनाए.

रविवार को जब वह इस सिरीज़ का सबसे कम 23 रनों का निजी स्कोर बनाकर पवेलियन की ओर लौटे तो इंग्लैंड के दर्शकों ने भी खड़े होकर उनके लिए तालियां बजाईं.

स्टीव स्मिथ को इंग्लैंड के ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के साथ संयुक्त रूप से मैन ऑफ़ द सिरीज़ घोषित किया गया. उन्होंने सिरीज़ में 441 रन बनाने के साथ आठ विकेट भी अपने नाम किए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार