दलित युवक को ज़िंदा जलाया, सदमे में बीमार मां की मौत

  • 17 सितंबर 2019
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उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले में एक दलित युवक की कथित तौर पर पहले पिटाई की गई, उसके बाद चारपाई में बांधकर उसे आग के हवाले कर दिया गया. बताया जा रहा है कि इस घटना की सूचना मिलने के बाद युवक की बीमार मां की भी मौत हो गई.

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है. घटना के पीछे प्रेम प्रसंग को वजह बताया जा रहा है.

हरदोई के पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बीबीसी को बताया, "जिस घर में युवक की मौत हुई है, उस घर की एक युवती से मृत लड़के का प्रेम प्रसंग चल रहा था. कुछ महीने पहले ये दोनों भाग गए थे लेकिन बाद में लौट आए और दोनों पक्षों में समझौता हो गया. पुलिस ने लड़के के चाचा की शिकायत पर पांच लोगों को नामज़द किया है जिनमें से तीन गिरफ़्तार किए गए जा चुके हैं और अन्य की गिरफ़्तारी की कोशिश हो रही है."

पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि एफ़आईआर में जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसके मुताबिक, लड़का किसी वजह से इधर आया था और उसे पकड़कर मारा-पीटा गया और फिर आग के हवाले कर दिया गया, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को दूसरी वजह भी बताई है. उनके मुताबिक, "शायद वो लड़की के बुलाने पर उससे मिलने के लिए रात में आया था, लेकिन जब लोगों ने देख लिया तो उसने ख़ुद ही अपने ऊपर तेल डाल कर आग लगा ली. पुलिस सभी पक्षों की बारीक़ी से जांच कर रही है."

पचीस वर्षीय मृत युवक मोनू कोतवाली क्षेत्र के भदैचा का रहना वाला था. मोनू के चाचा राजू कुमार की शिकायत पर पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की है जिसमें पांच लोगों को नामज़द किया गया है.

मां पहले से बीमार थीं

एफ़आईआर में कहा गया है कि मोनू की मां रामबेटी का ज़िला अस्पताल में इलाज चल रहा था. शनिवार को डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रिफ़र कर दिया. उन्हें लखनऊ ले जाने की तैयारी हो रही थी और मोनू को उसके पिता ने घर से पैसे लाने के लिए भेज दिया ताकि सीधे वहीं से रामबेटी को लखनऊ ले जा सकें.

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राजू कुमार के मुताबिक, "मोनू घर से पचीस हज़ार रुपये लेकर वापस जा रहा था जिसे हम सभी लोगों ने इकट्ठा करके दिया था. रास्ते में इन लोगों ने उसे पकड़ कर पहले ख़ूब मारा-पीटा और पीटते हुए ही घर ले गए. हमारे एक जानने वाले ने उसे बचाने की कोशिश की और पुलिस को फ़ोन किया लेकिन तब तक उसे बांधकर आग लगा चुके थे. पुलिस की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई."

राजू कुमार के मुताबिक, लड़के की मां को लखनऊ ले जाया जा रहा था लेकिन इस घटना को सुनने के बाद सदमे से उनकी भी मौत हो गई. हालांकि पुलिस का कहना है कि रामबेटी की मौत का उससे कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि वो पहले सी ही बीमार थी और अस्पताल में भर्ती थी. पुलिस का ये भी कहना है कि दोनों परिवारों के बीच में कुछ ज़मीनी विवाद भी था जिसकी जांच की जा रही है. पुलिस ने राजू कुमार की शिकायत पर राधे गुप्ता, उनकी पत्नी डॉली गुप्ता और सत्यम सिंह को गिरफ़्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक, जिस लड़की के साथ मोनू का प्रेम प्रसंग चल रहा था, वो अपनी बुआ के घर पर रहती थी क्योंकि उसके माता-पिता अलग रहते हैं.

एसपी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि जिस दिन की घटना है, उस दिन लड़की के फ़ूफ़ा घर पर नहीं थे और शायद इसी वजह से लड़की ने मोनू को घर पर बुलाया था. बताया जा रहा है कि इन दोनों के परिवार वालों के बीच समझौता भले ही हो गया था लेकिन लड़की और लड़के का मिलना जारी था जिसे लेकर लड़की के परिजन ख़फ़ा थे.

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