नेहरू और इंदिरा गांधी की इस वायरल तस्वीर का सच क्या है? फ़ैक्ट चेक

  • 24 सितंबर 2019
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कांग्रेस पार्टी के सांसद शशि थरूर द्वारा ट्वीट की गई पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

शशि थरूर ने सोमवार रात यह तस्वीर नेहरू और इंदिरा गांधी के 1954 के अमरीकी दौरे की बताकर शेयर की थी.

थरूर ने अपने ट्वीट में लिखा था, "तस्वीर में अमरीका के लोगों की इस भीड़ को देखिए जो बिना किसी विशेष जनसंपर्क अभियान के, एनआरआई भीड़ के प्रबंधन के या किसी मीडिया पब्लिसिटी के भारत के पूर्व प्रधानमंत्री को देखने के लिए उमड़ी थी."

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कांग्रेस समर्थक फ़ेसबुक और वॉट्सऐप ग्रुप्स में शशि थरूर का ये ट्वीट शेयर किया जा रहा है.

लेकिन उनके इस ट्वीट में बड़ी तथ्यात्मक ग़लती थी जिसे बाद में शशि थरूर ने स्वीकार भी किया.

दरअसल यह तस्वीर अमरीका नहीं, बल्कि जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी के यूएसएसआर (सोवियत संघ) दौरे की है.

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क्या ये फ़ोटो 1956 की है?

सोशल मीडिया पर बहुत से लोग शशि थरूर को ग़लत ठहराते हुए लिख रहे हैं कि यह तस्वीर वर्ष 1956 में रूस के मॉस्को शहर में खींची गई थी. पर यह भी ग़लत तथ्य है.

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जून 1955 में सोवियत संघ के दौरे पर गये थे. इस दौरान उनकी बेटी इंदिरा गांधी भी उनके साथ थीं.

सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के पहले सचिव और बाद में सोवियत संघ के राष्ट्रपति रहे निकिता ख्रुश्चेव ने फ़्रूज़े सेंट्रल एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया था.

क़रीब पंद्रह दिन के इस दौरे पर नेहरू ने सोवियत संघ के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों, विश्वविद्यालयों समेत बड़े औद्योगिक कारखानों का दौरा किया था.

इसी दौरे पर नेहरू ने रूस के मॉक्सो शहर में चलने वाली मेट्रो ट्रेन का भी जायज़ा लिया था.

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तस्वीर मॉस्को की नहीं

रूस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार नेहरू ने सोवियत संघ के मैगनीतोगोर्स्क, स्वेर्दलोवस्क, लेनिनग्राद, ताशकंद, अशख़ाबाद और मॉस्को समेत क़रीब 12 बड़े शहरों का दौरा किया था.

सोशल मीडिया पर नेहरू और इंदिरा गांधी की जो तस्वीर अब वायरल हो रही है, वो तस्वीर मैगनीतोगोर्स्क शहर में खींची गई थी.

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Image caption नेहरू के स्वागत में सोवियत संघ के शहरों में हिन्दी में भी लगाये गए थे पोस्टर

'रशिया बियॉन्ड' नाम की एक वेबसाइट के अनुसार '1955 में जब नेहरू और इंदिरा गांधी नदी किनारे बसे औद्योगिक शहर मैगनीतोगोर्स्क पहुँचे थे तो स्टील फ़ैक्ट्री में काम करने वाले कामगार और शहर के स्थानीय लोग उन्हें देखने के लिए दौड़ पड़े थे'.

शशि थरूर ने मंगलवार सुबह एक ट्वीट कर यह माना कि उन्होंने जो तस्वीर शेयर की थी, वह अमरीका नहीं, बल्कि सोवियत संघ दौरे की है.

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थरूर ने लिखा, "अगर यह तस्वीर सोवियत संघ की भी है, तो भी मेरा संदेश वही है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी विदेशों में लोगों का प्यार और लोकप्रियता मिली है. नरेंद्र मोदी को सम्मान मिला यानी देश के प्रधानमंत्री को सम्मान मिला. ये भारत का सम्मान है."

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