अमरीका ने भारत को पाकिस्तान को लेकर किया सतर्क

  • 3 अक्तूबर 2019
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अमरीका ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने के बाद पाकिस्तान में स्थित चरमपंथी संगठन भारत में हमला कर सकते हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमरीका के रक्षा मंत्रालय के एक उच्च अधिकारी ने यह बात कही है. ख़बर में बताया गया है कि अगर पाकिस्तान इन चरमपंथी संगठनों को काबू में रखे तो इन हमलों को रोका जा सकता है.

भारत-प्रशांत सुरक्षा मामलों के सहायक रक्षा सचिव रैंडल शाइवर ने कहा कि कश्मीर पर फ़ैसले के बाद पाकिस्तान सीमा पार हमलों को अंजाम दे सकता है. साथ ही उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं लगता कि चीन इस तरह का कोई संघर्ष चाहेगा या उसका समर्थन करेगा.''

शाइवर कश्मीर मुद्दे पर चीन की ओर से पाकिस्तान को समर्थन देने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे. उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि कश्मीर मसले पर चीन का पाकिस्तान को समर्थन करना एक कूटनीतिक और राजनीतिक क़दम है.''

शाइवर ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की अमरीका यात्रा पर कहा, ''वो चीन के साथ स्थिर रिश्ते चाहते हैं, लेकिन इसमें भी कोई शक़ नहीं है कि दोनों देशों के बीच तनाव और प्रतिस्तपर्धा है.''

जम्मू में नेताओं को मिली छूट, कश्मीर में अभी इंतज़ार

जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने जम्मू में कुछ नेताओं की नज़रबंदी ख़त्म कर दी है. हालांकि कश्मीर घाटी के नेताओं को अभी भी पाबंदियां हटने का इंतज़ार है. अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के लगभग दो महीने गुज़र जाने के बाद भी जम्मू-कश्मीर में नेताओं पर पाबंदियां लगी हुई हैं.

इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि प्रशासन ने जम्मू के क़रीब दर्जन भर विपक्षी नेताओं को अपने घरों से बाहर जाने की इजाज़त दे दी ताकि वो अपनी राजनीतिक गतिविधियां दोबारा शुरू कर सकें.

दरअसल, 24 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में ब्लॉक स्तर के चुनाव होने हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा ने बताया कि उन्हें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का फ़ोन आया कि उन पर लगी पाबंदियां हटा ली गई हैं. इसी तरह एक और नेता सज्जाद किचलू ने भी बताया कि उनके घर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया है.

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कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने सभी को चौंकाया

उत्तर प्रदेश में रायबरेली से कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह ने बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र में पहुंचकर सभी को चौंका दिया. यह विशेष सत्र राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलाया था. अदिति सिंह ने कहा कि वह दलगत भावना से ऊपर उठकर महात्मा गांधी पर बोलने आई हैं.

द हिंदू में प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि अदिति सिंह ने यह भी कहा कि वो शिक्षित और पढ़ी-लिखी विधायक हैं, इसलिए कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने का समर्थन किया.

अख़बार लिखता है कि अदिति सिंह का सदन में पहुंचना इसलिए भी चौंकाता है क्योंकि वह ऐसे मौक़े पर सदन में पहुंचीं जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखनऊ में पैदल मार्च के लिए आई थीं. अदिति को प्रियंका गांधी का क़रीबी माना जाता है.

अदिति सिंह के यूं सदन में आने और कश्मीर पर सरकार के फ़ैसले का समर्थन करने को कुछ जानकार उनके जल्द ही भाजपा में शामिल होने का संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं.

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Image caption अदिति सिंह

परेश रावल ने डॉक्टर कफ़ील से मांगी माफ़ी

अभिनेता और बीजेपी के पूर्व सांसद परेश रावल ने गोरखपुर के डॉक्टर कफ़ील से माफ़ी मांगी है.

दरअसल, दो साल पहले गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सिजन की कमी से क़रीब 60 बच्चों की मौत के बाद परेश रावल ने कफ़ील को दीमक गैंग का हीरो बताकर तंज कसा था. लेकिन हाल में ऐसी ख़बरें सामने आईं कि विभागीय जांच में डॉ. कफ़ील को आरोपों से बरी कर दिया गया गया है.

डॉक्टर कफ़ील को लेकर आए फै़सले के बाद परेश रावल ने बुधवार को ट्वीट किया, 'अगर कोई ग़लत हो तो माफ़ी मांगने में शर्म नहीं करनी चाहिए.'

इस ख़बर को नवभारत टाइम्स ने प्रकाशित किया है. परेश रावल के ज़रिए दीमक बुलाए जाने के बाद डॉक्टर कफील ने आपत्ति जाहिर की थी और उन्हें माफी मांगने के लिए कहा था.

घर में मृत पाए गए इसरो वैज्ञानिक

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नेशनल रिमोट सेंसिग सेंटर (एनआरएससी) में काम करने वाले वैज्ञानिक एस सुरेश कुमार अपने घर में मृत पाए गए हैं.

अमर उजाला में प्रकाशित समाचार के अनुसार एस सुरेश कुमार का घर एसआर नगर में है. पुलिस इसे हत्या मान रही है.

इस हत्या के बारे में तब पता चला जब एस सुरेश के परिवार के सदस्य चेन्नई से लौटे और उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में मंगलवार शाम को फ्लैट का दरवाजा खोला.

56 साल के कुमार एनआरएससी के फोटो प्रभाग में अधिकारी थे, उनका फोन गायब है. उनकी पत्नी इंदिरा इंडियन बैंक की चेन्नई शाखा में प्रबंधक के तौर पर काम करती हैं.

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