ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, कांग्रेस ख़ुद के भीतर झांके- पाँच बड़ी ख़बरें

  • 10 अक्तूबर 2019
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कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि पार्टी को आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है.

उन्होंने बुधवार को कहा कि अगर कांग्रेस स्थिति में सुधार लाना चाहती है तो उसे मौजूदा हालात की समीक्षा करनी पड़ेगी और ख़ुद के भीतर देखना पड़ेगा.

सिंधिया ने ये बातें ग्वालियर में संवाददाताओं से बातचीत में कहीं. हालांकि उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान ख़ुर्शीद के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि पार्टी की सबसे बड़ी समस्या ये है कि राहुल गांधी ने पद छोड़ दिया.

सिंधिया ने कहा था, "किसी और के बयान पर टिप्पणी करना मेरी आदत नहीं है. मगर इसमें कोई शक़ नहीं है कि ये वक़्त का तकाज़ा है कि अगर कांग्रेस अपनी स्थिति में सुधार करना चाहती है तो उसे हालिया स्थिति की समीक्षा और ख़ुद के भीतर देखना होगा.''

इससे पहले सलमान ख़ुर्शीद ने कहा था कि कांग्रेस अब तक ऐसा नहीं कर पाई क्योंकि राहुल गांधी ने पार्टी प्रमुख का पद छोड़ दिया था और एक तरह से कांग्रेस हार के बाद नेतृत्व विहीन रही.

उन्होंने कहा था, ''मैं इस व्यवस्था से ख़ुश नहीं हूं. जो भी हमारी नेता हैं, मैं उन्हें चाहता हूं और वो बनी रहें. मैं चाहता हूं कि वो पद पर रहें. मैं अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहा हूं ताकि ये कहीं दर्ज हो.''

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शहला राशिद ने छोड़ी राजनीति

जवाहर लाल यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्र नेता शहला राशिद ने राजनीति में क़दम रखने के महज दो महीनों के भीतर ही 'चुनावी राजनीति' छोड़ने का ऐलान कर दिया है.

उनका दावा है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की गतिविधियों के विरोध में राजनीति छोड़ी है.

उन्होंने कहा कि वो लोगों के 'बर्बर दमन' को 'क़ानूनसंगत ठहराने वाली' पार्टी नहीं बन सकतीं.

जेएनयू में छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहीं शहला राशिद इसी साल पूर्व आईएएस ऑफ़िसर की बनाई जम्मू ऐंड कश्मीर पीपल्स मूवमेंट पार्टी में शामिल हुई थीं.

उन्होंने इस फ़ैसले का ऐलान ट्विटर पर किया और लिखा, "मैं कश्मीर में चुनावी राजनीति से अलग हो रही हूं और अपने इस फ़ैसले को स्पष्ट कर देना चाहती हूं. एक ऐसे वक़्त में चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेना, जहां चुनाव भी केंद्र के इशारों पर होगा, कश्मीर में भारत सरकार की कार्रवाइयों को क़ानूनी वैधता देने जैसा होगा."

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एसबीआई ने घटाई ब्याज़ दरें

भारत के प्रमुख बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने बुधवार को वरिष्ठ नागरिकों को एक-दो साल के लिए किए जाने वाले फ़िक्स्ड डिपॉजिट (एफ़डी) पर मिलने वाली ब्याज़ दरों में कटौती का ऐलान किया.

यह ब्याज़ दर अब 7% से घटकर 6.9% हो जाएगी.

इसके साथ ही एसबीआई ने बचत खाते में एक लाख रुपये तक जमा राशि मिलने वाली ब्याज़ दर 3.50 फ़ीसदी से घटाकर 3.25 फ़ीसदी कर दी है.

एसबीआई का यह फ़ैसला भारतीय रिज़र्व बैंक के रेपो दर को 25 बेसिस पॉइंट कम किए जाने के कुछ दिनों बाद ही आया है.

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जम्मू-कश्मीर के तीन नेता आज होंगे रिहा

यावर मीर, नूर मोहम्मद और शोएब लोन को कई शर्तों के आधार पर आज यानी 10 अक्टूबर को रिहा किया जाएगा. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इन्हें रिहा होने से पहले एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने हैं.

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इन्हें पाँच अगस्त के बाद नज़रबंद कर लिया था.

मीर पीडीपी के विधायक रहे हैं. शोएब लोन कांग्रेस के टिकट पर उत्तर कश्मीर से चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन बाद में कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे दिया था.

शोएब लोन को पीपल्स कॉनफ़्रेंस पार्टी के प्रमुख सज्जाद लोन का क़रीबी बताया जाता है. नूर मोहम्मद नेशनल कॉनफ़्रेंस के कार्यकर्ता हैं.

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जर्मनी: यहूदी प्रार्थना घर में गोलीबारी

जर्मनी में एक यहूदी प्रार्थना घर में हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई है. एक बंदूकधारी ने इमारत के बाहर अंधाधुन गोलियां चलाईं और फिर कार से फ़रार हो गया.

स्थानीय यहूदी समुदा के प्रमुथ ने बताया कि बंदूकधारी इमारत में घुसने की कोशिश में था, जहां क़रीब 80 लोग मौजूद थे. कोनराड रोसलर भी गोलीबारी के समय इमारत में मौजूद थे.

उन्होंने बताया, "वो शख़्स पहले कबाब की दुकान पर आया. मुझे तभी कुछ अजीब लगा क्योंकि वो हsलमेट पहने हुए था और उसके हाथ में राइफ़ल थी. उसने एक हैंडग्रेनेड फेंके लेकिन वो दुकान के अंदर नहीं पहुंच पाया. मुझे लगता है कि उस समय दुकान में पांच छह ग्राहक मौजूद थे. मैंने टॉयलट में छिपकर अपनी जान बचाई."

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