मलेशिया कश्मीर पर भारत से तनाव के बाद नरम पड़ा - पाँच बड़ी ख़बरें

  • 17 अक्तूबर 2019
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मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि अगर भारत पाम तेल के आयात पर पाबंदी लगाता है तो मलेशिया इस मुद्दे को राजनयिक तौर पर सुलझाएगा.

मलेशिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी बर्नामा के अनुसार पीएम महातिर मोहम्मद ने कहा, ''अगर भारत सरकार बहिष्कार की नीति शुरू करती है तो हम इसे राजनयिक तरीक़े से सुलझाएंगे ताकि तनाव को कम किया जा सके.'' इससे पहले महातिर मोहम्मद ने कहा था कि भारत अगर पाम तेल का आयात मलेशिया से रोकता है तो वो भी भारत के साथ ट्रेड संबंधों की समीक्षा करेंगे.

पीएम महातिर ने कहा था कि भारत से कारोबारी संबंध कोई एकतरफ़ा नहीं है बल्कि पारस्परिक है. अब इस मामले में मलेशिया नरम पड़ता दिख रहा है.

कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के बाद से भारत और मलेशिया के संबंधों में तनाव बढ़ते गए हैं. तनाव उस वक़्त तब और बढ़ गया जब मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र की महासभा में न केवल कश्मीर का मुद्दा उठाया बल्कि यहां तक कह दिया था कि भारत ने कश्मीर को कब्ज़े में रखा है. भारत ने महातिर मोहम्मद की इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यहां तक बात बढ़ गई थी कि भारत ने मलेशिया से पाम तेल के आयात को रोकने का मन बना लिया. कुछ ट्रेडर्स ने नवंबर-दिसंबर की शिपिंग के लिए पाम तेल की ख़रीदारी रोकने का भी फ़ैसला कर लिया है.

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इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पाम तेल उत्पादक और निर्यातक देश है और भारत मलेशिया के लिए तीसरा सबसे बड़ा पाम तेल आयातक देश है.

बर्नामा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार महातिर ने कहा है, ''भारतीय ट्रेडर्स की ओर से पाम तेल की ख़रीदारी रोकने के बावजूद भारत सरकार की ओर से आयात पर पाबंदी के लिए कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. यह कारोबारियों की प्रतिक्रिया है और हम कोई निजी फ़ैसला पर टिप्पणी नहीं कर सकते.'' रॉयटर्स के अनुसार मलेशिया ने मंगलवार को कहा था कि भारत से कारोबारी तनाव कम करने के लिए वो चीनी और बीफ़ का आयात बढ़ाएगा.

भारत में खाने में इस्तेमाल किए जाने वाले तेलों में पाम तेल का हिस्सा दो तिहाई है. भारत हर साल 90 लाख टन पाम तेल आयात करता है और मुख्य रूप से मलेशिया और इंडोनेशिया से होता है.

2019 के पहले नौ महीनों में भारत ने मलेशिया से 30.9 लाख टन पाम तेल का आयात किया. मलेशियाई पाम ऑइल बोर्ड के डेटा के अनुसार भारत का मलेशिया से मासिक आयात चार लाख 33 हज़ार टन है.

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Image caption निर्मला सीतारमण

मनमोहन, रघुराम राजन के वक़्त था बैंकों का सबसे ख़राब दौरः सीतारमण

बीते दिनों आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने देश के आर्थिक हालात को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की थी.

अब केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उसका जवाब देते हुए मौजूदा ख़राब दौर से गुजर रहे सरकारी बैंकों की स्थिति के लिए रघुराम राजन को दोषी ठहराया है.

उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एक लेक्चर के दौरान कहा कि रघुराम राजन जब रिज़र्व बैंक के गवर्नर थे तब देश की आर्थिक स्थिति अच्छी थी लेकिन उनके कार्यकाल में सरकारी बैंकों की स्थिति बदतर हालत में पहुंच गई थी.

आर्थिक सुस्ती और बैंकिंग संकट पर आलोचना झेल रही सीतारमण ने कहा कि सरकारी बैंकों के पास प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह और रिज़र्व बैंक के गवर्नर के रूप में रघुराम राजन की जोड़ी के रहते जितना बुरा दौर था उतना आज नहीं है.

कुछ दिन पहले ही रघुराम राजन ने नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि बहुसंख्यकवाद और निरंकुशता से देश अंधकार में जाएगा और अस्थिरता बढ़ेगी.

उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में वृद्धि दर टिकाऊ नहीं है और लोकप्रिय नीतियों के कारण ख़तरा है कि अर्थव्यवस्था कहीं लातिन अमरीकी देशों की तरह न हो जाए. इसके साथ ही राजन ने भारतीय अर्थव्यवस्था में अभी की सुस्ती के लिए नोटबंदी और जीएसटी को ज़िम्मेदार ठहराया है.

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जल्द ही जान जाएंगे कि मुंबई धमाकों के हमलावर कैसे भागेः प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक रैली में कहा कि जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि 1993 के मुंबई धमाकों के अपराधियों को भागने और 'दुश्मन के इलाक़ों' में शरण लेने में किसने मदद की थी.

मुंबई में सीरियल ब्लास्ट के तुरंत बाद इसके अभियुक्त दाउद इब्राहिम, टाइगर मेमन और अन्य पाकिस्तान भाग गए थे.

1993 के मुंबई धमाकों के वक़्त विपक्ष ने पवार के नेतृत्व वाली तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार पर अंडरवर्ल्ड के साथ हाल मिलाने का आरोप लगा था.

उधर प्रवर्तन निदेशालय ने एनसीपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल पटेल को पूछताछ के लिए 18 अक्टूबर को दिल्ली में हाज़िर होने को कहा है.

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राहुल गांधी ने कहा मोदी का 'सबका विकास' का दावा खोखला

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग में आई गिरावट को लेकर आरोप लगाया कि यह नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की विफलता है.

उन्होंने ट्वीट किया, "साल 2014 के बाद ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की रैंकिंग गिरकर 102वें स्थान पर पहुंच गई है.

इस रैंकिंग से सरकारी की नीतियों की भारी असफलता का पता चलता है और साथ ही यह प्रधानमंत्री के 'सबका विकास' के खोखले दावे की पोल भी खोलता है, जिसकी वो रट लगाए रहते हैं.

दरअसरल, ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 117 देशों की सूची में भारत 102वें नंबर पर आ गया है. दक्षिण एशियाई देशों में भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश से भी नीचे है.

ग्लोबल हंगर इंडेक्स में नीचे होने का मतलब है कि भारत में लोग भर पेट खाना नहीं खा पा रहे हैं, बाल मृत्यु दर ज़्यादा है, बच्चों का लंबाई के अनुसार वजन नहीं है और बच्चे कुपोषित हैं.

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हर राज्य को एक सोने की खदान दी जाएगीः निकोलस मादुरो

वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा है कि देश में हर राज्य को एक सोने की खदान दी जाएगी, जिससे वहां की सरकार कमाई कर सकेगी.

टीवी और रेडियो पर दिए संबोधन में मादुरो ने कहा कि इस खदान से आने वाले पैसे को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार पैदा करने के काम में लगाया जाएगा.

मादुरो ने ये घोषणा ऐसे वक्त में की है जब वेनेज़ुएला, आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहा है. अमरीका ने वेनेज़ुएला पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं.

राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा, "मैंने सरकारों को सोने की खदान सौंपे जाने की मंज़ूरी दे रहा हूं. इससे सरकारों को पैसा मिलेगा और वो लोगों की भलाई के लिए अच्छे से काम कर पाएंगी."

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